Nehemiah · chapter 2 · verse 17
Nehemiah 2:17 in Hindi
तब मैं ने उन से कहा, तुम तो आप देखते हो कि हम कैसी दुर्दशा में हैं, कि यरूशलेम उजाड़ पड़ा है और उसके फाटक जले हुए हैं। तो आओ, हम यरूशलेम की शहरपनाह को बनाएं, कि भविष्य में हमारी नामधराई न रहे।
Tab maim ne un se kahaa, tum to aap dekhate ho ki ham kaisee durdashaa mem haim, ki yarooshalem ujaad padaa hai aur usake phaatak jale hue hain. To aao, ham yarooshalem kee shaharapanaah ko banaaem, ki bhavishy mem hamaaree naamadharaaee na rahe.
Nehemiah 2:17 in English
- King James Version (KJV)
- Then said I unto them, Ye see the distress that we [are] in, how Jerusalem [lieth] waste, and the gates thereof are burned with fire: come, and let us build up the wall of Jerusalem, that we be no more a reproach.
- World English Bible (WEB)
- Then I said to them, “You see the bad situation that we are in, how Jerusalem lies waste, and its gates are burned with fire. Come, let’s build up the wall of Jerusalem, that we won’t be disgraced.”
- American Standard Version (ASV)
- Then said I unto them, Ye see the evil case that we are in, how Jerusalem lieth waste, and the gates thereof are burned with fire: come, and let us build up the wall of Jerusalem, that we be no more a reproach.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then I said to them, You see what a bad condition we are in; how Jerusalem is a waste, and its doorways burned with fire: come, let us get to work, building up the wall of Jerusalem, so that we may no longer be put to shame.
- Darby Translation (DBY)
- And I said to them, Ye see the distress that we are in, that Jerusalem lies waste, and its gates are burned with fire. Come, and let us build up the wall of Jerusalem, that we be no more a reproach.
- Webster's Bible (WBS)
- Then said I to them, Ye see the distress that we [are] in, how Jerusalem [lieth] waste, and its gates are burned with fire: come, and let us build up the wall of Jerusalem, that we may be no more a reproach.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and I say unto them, 'Ye are seeing the evil that we are in, in that Jerusalem [is] waste, and its gates have been burnt with fire; come and we build the wall of Jerusalem, and we are not any more a reproach.'
Read in context
- 15तब मैं रात ही रात नाले से होकर शहरपनाह को देखता हुआ चढ़ गया; फिर घूमकर तीई के फाटक से भीतर आया, और इस प्रकार लौट आया।
- 16और हाकिम न जानते थे कि मैं कहां गया और क्या करता था; वरन मैं ने तब तक न तो यहूदियों को कुछ बताया था और न याजकों और न रईसों और न हाकिमों और न दूसरे काम करनेवालों को।
- 17तब मैं ने उन से कहा, तुम तो आप देखते हो कि हम कैसी दुर्दशा में हैं, कि यरूशलेम उजाड़ पड़ा है और उसके फाटक जले हुए हैं। तो आओ, हम यरूशलेम की शहरपनाह को बनाएं, कि भविष्य में हमारी नामधराई न रहे।
- 18फिर मैं ने उनको बतलाया, कि मेरे परमेश्वर की कृपादृष्टि मुझ पर कैसी हुई और राजा ने मुझ से क्या क्या बातें कही थीं। तब उन्हों ने कहा, आओ हम कमर बान्धकर बनाने लगें। और उन्हों ने इस भले काम को करने के लिये हियाव बान्ध लिया।
- 19यह सुनकर होरोनी सम्बल्लत और तोबियाह नाम कर्मचारी जो अम्मोनी था, और गेशेम नाम एक अरबी, हमेेें ठट्ठों में उड़ाने लगे; और हमें तुच्छ जानकर कहन लगे, यह तुम क्या काम करते हो।
Cross references
- Ezekiel 5:14 यहेजकेल 5:14और मैं तुझे तेरे चारों ओर की जातियों के बीच, सब बटोहियों के देखते हुए उजाडूंगा, और तेरी नामधराई कराऊंगा।
- Isaiah 35:3–4 यशायाह 35:3–4ढीले हाथों को दृढ़ करो और थरथराते हुए घुटनों को स्थिर करो। घबरानेवालों से कहो, हियाव बान्धो, मत डरो! देखो, तुम्हारा परमेश्वर पलटा लेने और प्रतिफल देने को आ रहा है। हां, परमेश्वर आकर तुम्हारा उद्धार करेगा।।
- Lamentations 3:45–46 विलापगीत 3:45–46तू ने हम को जाति जाति के लोगों के बीच में कूड़ा- कर्कट सा ठहराया है। हमारे सब शत्रुओं ने हम पर अपना अपना मुंह फैलाया है;
- Nehemiah 1:3 नहेमायाह 1:3उन्हों ने मुझ से कहा, जो बचे हुए लोग बन्धुआई से छूटकर उस प्रान्त में रहते हैं, वे बड़ी दुर्दशा में पड़े हैं, और उनकी निन्दा होती है; क्योंकि यरूशलेम की शहरपनाह टूटी हुई, और उसके फाटक जले हुए हैं।
- Lamentations 3:51 विलापगीत 3:51अपनी नगरी की सब स्त्रियों का हाल देखने पर मेरा दु:ख बढ़ता है।
- Psalm 79:4 भजन संहिता 79:4पड़ोसियों के बीच हमारी नामधराई हुई; चारों ओर के रहनेवाले हम पर हंसते, और ठट्ठा करते हैं।।
- Psalm 89:50–51 भजन संहिता 89:50–51हे प्रभु अपने दासों की नामधराई की सुधि कर; मैं तो सब सामर्थी जातियों का बोझ लिए रहता हूं। तेरे उन शत्रुओं ने तो हे यहोवा तेरे अभिषिक्त के पीछे पड़कर उसकी नामधराई की है।।
- Lamentations 2:8–9 विलापगीत 2:8–9यहोवा ने सिरयोन की कुमारी की शहरपनाह तोड़ डालने को ठाना थो उस ने डोरी डाली और अपना हाथ उसे नाश करने से नहीं खींचा; उस ने क़िले और शहरपनाह दोनों से विलाप करवाया, वे दोनों एक साथ गिराए गए हैं। उसके फाटक भूमि में धय गए हैं, उनके बेड़ों को उस ने तोडकर नाश किया। उसके राजा और हाकिम अन्यजातियों में रहने के कारण व्यवस्थारहित हो गए हैं, और उसके भविष्यद्वक्ता यहोवा से दर्शन नहीं पाते हैं।
- Ezekiel 22:4–5 यहेजकेल 22:4–5जो हत्या तू ने की है, उस से तू दोषी ठहरी, और जो मूरतें तू ने बनाई है, उनके कारण तू अशुद्ध हो गई है; तू ने अपने अन्त के दिन को समीप कर लिया, और अपने पिछले वषा तक पहुंच गई है। इस कारण मैं ने तुझे जाति जाति के लोगों की ओर से नामधराई का और सब देशों के ठट्ठे का कारण कर दिया है। हे बदनाम, हे हुल्लड़ से भरे हुए नगर, जो निकट और जो दूर है, वे सब तुझे ठट्ठों में उड़ाएंगे।
- Jeremiah 24:9 यिर्मयाह 24:9इस कारण वे पृथ्वी के राज्य राज्य में मारे मारे फिरते हुए हुेख भोगते रहेंगे; और जितने स्थानों में मैं उन्हें बरबस निकाल दूंगा, उन सभों में वे नामधराई और दृष्टांत और स्राप का विषय होंगे।
- Lamentations 2:2 विलापगीत 2:2यहोवा ने याकूब की सब बस्तियों को निठुरता से नष्ट किया है; उस ने रोष में आकर यहूदा की पुत्री के दृढ़ गढ़ों को ढाकर मिट्टी में मिला दिया है; उस ने हाकिमों समेत राज्य को अपवित्रा ठहराया है।
- Psalm 44:13 भजन संहिता 44:13तू हमारे पड़ोसियों से हमारी नामधराई कराता है, और हमारे चारों ओर से रहनेवाले हम से हंसी ठट्ठा करते हैं।
Original words (Hebrew)
- said · H559אָמַר ʼâmar
- see · H7200רָאָה râʼâh
- distress · H7451רַע raʻ
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- waste · H2720חָרֵב chârêb
- gates · H8179שַׁעַר shaʻar
- burned · H3341יָצַת yâtsath
- fire · H784אֵשׁ ʼêsh
- come · H3212יָלַךְ yâlak
- up · H1129בָּנָה bânâh
- wall · H2346חוֹמָה chôwmâh
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- reproach · H2781חֶרְפָּה cherpâh