Nehemiah · chapter 5 · verse 14
Nehemiah 5:14 in Hindi
फिर जब से मैं यहूदा देश में उनका अधिपति ठहराया गया, अर्थात् राजा अर्तक्षत्रा के बीसवें वर्ष से ले उसके बत्तीसवें वर्ष तक, अर्थात् बारह वर्ष तक मैं और मेरे भाई अधिपति के हक का भोजन खाते रहे।
Phir jab se maim yahoodaa desh mem unakaa adhipati thaharaayaa gayaa, arthaat raajaa artakshatraa ke beesavem varsh se le usake batteesavem varsh tak, arthaat baarah varsh tak maim aur mere bhaaee adhipati ke hak kaa bhojan khaate rahe.
Nehemiah 5:14 in English
- King James Version (KJV)
- Moreover from the time that I was appointed to be their governor in the land of Judah, from the twentieth year even unto the two and thirtieth year of Artaxerxes the king, [that is], twelve years, I and my brethren have not eaten the bread of the governor.
- World English Bible (WEB)
- Moreover from the time that I was appointed to be their governor in the land of Judah, from the twentieth year even to the thirty-second year of Artaxerxes the king, that is, twelve years, I and my brothers have not eaten the bread of the governor.
- American Standard Version (ASV)
- Moreover from the time that I was appointed to be their governor in the land of Judah, from the twentieth year even unto the two and thirtieth year of Artaxerxes the king, [that is], twelve years, I and my brethren have not eaten the bread of the governor.
- Bible in Basic English (BBE)
- Now from the time when I was made ruler of the people in the land of Judah, from the twentieth year till the thirty-second year of Artaxerxes the king, for twelve years, I and my servants have never taken the food which was the right of the ruler.
- Darby Translation (DBY)
- Moreover from the time that I was appointed to be their governor in the land of Judah, from the twentieth year even to the thirty-second year of Artaxerxes the king, twelve years, I and my brethren have not eaten the bread of the governor.
- Webster's Bible (WBS)
- Moreover, from the time that I was appointed to be their governor in the land of Judah, from the twentieth year even to the two and thirtieth year of Artaxerxes the king, [that is] , twelve years, I and my brethren have not eaten the bread of the governor.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Also, from the day that he appointed me to be their governor in the land of Judah, from the twentieth year even unto the thirty and second year of Artaxerxes the king — twelve years — I, and my brethren, the bread of the governor have not eaten:
Read in context
- 12अन्हों ने कहा, हम उन्हें फेर देंगे, और उन से कुछ न लेंगे; जैसा तू कहता है, वैसा ही हम करेंगे। तब मैं ने याजकों को बुलाकर उन लोगों को यह शपथ खिलाई, कि वे इसी वचन के अनुसार करेंगे।
- 13फिर मैं ने अपने कपड़े की छोर झाड़कर कहा, इसी रीति से जो कोई इस वचन को पूरा न करे, उसको परमेश्वर झाड़कर, उसका घर और कमाई उस से छुड़ाए, और इसी रीति से वह झाड़ा जाए, और छूछा हो जाए। तब सारी सभा ने कहा, आमेन! और यहोवा की स्तुति की। और लोगों ने इस वचन के अनुसार काम किया।
- 14फिर जब से मैं यहूदा देश में उनका अधिपति ठहराया गया, अर्थात् राजा अर्तक्षत्रा के बीसवें वर्ष से ले उसके बत्तीसवें वर्ष तक, अर्थात् बारह वर्ष तक मैं और मेरे भाई अधिपति के हक का भोजन खाते रहे।
- 15परन्तु पहिले अधिपति जो मुझ से आगे थे, वह प्रजा पर भार डालते थे, और उन से रोटी, और दाखमधु, और इस से अधिक चालीस शेकेल चान्दी लेते थे, वरन उनके सेवक भी प्रजा के ऊपर अधिकार जताते थे; परन्तु मैं ऐसा नहीं करता था, क्योंकि मैं यहोवा का भय मानता था।
- 16फिर मैं शहरपनाह के काम में लिपटा रहा, और हम लोगों ने कुछ भूमि मोल न ली; और मेरे सब सेवक काम करने के लिये वहां इकट्ठे रहते थे।
Cross references
- Nehemiah 13:6 नहेमायाह 13:6परन्तु मैं इस समय यरूशलेम में नहीं था, क्योंकि बाबेल के राजा अर्तक्षत्रा के बत्तीसवें वर्ष में मैं राजा के पास चला गया। फिर कितने दिनों के बाद राजा से छुट्टी मांगी,
- 1 Corinthians 9:4–15 1 कुरिन्थियों 9:4–15क्या हमें खाने- पीने का अधिकार नहीं? क्या हमें यह अधिकार नहीं, कि किसी मसीही बहिन को ब्याह कर के लिए फिरें, जैसा और प्रेरित और प्रभु के भाई और कैफा करते हैं? या केवल मुझे और बरनबास को अधिकार नहीं कि कमाई करना छोड़ें। कौन कभी अपनी गिरह से खाकर सिपाही का काम करता है: कौन दाख की बारी लगाकर उसका फल नहीं खाता? कौन भेड़ों की रखवाली करके उन का दूध नहीं पीता? क्या मैं ये बातें मनुष्य ही की रीति पर बोलता हूं? क्या व्यवस्था भी यही नहीं कहती? क्योंकि मूसा की व्यवस्था में लिखा है कि दांए में चलते हुए बैल का मुंह न बान्धना: क्या परमेश्वर बैलों ही की चिन्ता करता है? या विशेष करके हमारे लिये कहता है। हां, हमारे लिये ही लिखा गया, क्योंकि उचित है, कि जातनेवाला आशा से जोते, और दावनेवाला भागी होने की आशा से दावनी करे। सो जब कि हम ने तुम्हारे लिये आत्मिक वस्तुएं बोई, तो क्या यह कोई बड़ी बात है, कि तुम्हारी शारीरिक वस्तुओं की फसल काटें। जब औरों का तुम पर यह अधिकार है, तो क्या हमारा इस से अधिक न होगा? परन्तु हम यह अधिकार काम में नहीं लाए; परन्तु सब कुछ सहते हैं, कि हमारे द्वारा मसीह के सुसमाचार की कुछ रोक न हो। क्या तुम नहीं जानते कि जो पवित्रा वस्तुओं की सेवा करते हैं, वे मन्दिर में से खाते हैं; और जो वेदी की सेवा करते हैं; वे वेदी के साथ भागी होते हैं? इसी रीति से प्रभु ने भी ठहराया, कि जो लोग सुसमाचार सुनाते हैं, उन की जीविका सुसमाचार से हो। परन्तु मैं इन में से कोई भी बात काम में न लाया, और मैं ने तो ये बातें इसलिये नहीं लिखीं, कि मेरे लिये ऐसा किया जाए, क्योंकि इस से तो मेरा मरना ही भला है; कि कोई मेरा घमण्ड व्यर्थ ठहराए।
- 2 Thessalonians 3:8–9 2 थिस्सलुनीकियों 3:8–9और किसी की रोटी सेंत में न खाई; पर परिश्रम और कष्ट से रात दिन काम धन्धा करते थे, कि तुम में से किसी पर भार न हो। यह नहीं, कि हमें अधिकार नहीं; पर इसलिये कि अपने आप को तुम्हारे लिये आदर्श ठहराएं, कि तुम हमारी सी चाल चलो।
- 1 Corinthians 9:18 1 कुरिन्थियों 9:18सो मेरी कौन सी मजदूरी है? यह कि सुसमाचार सुनाने में मैं मसीह का सुसमाचार सेंत मेंत कर दूं; यहां तक कि सुसमाचार में जो मेरा अधिकार है, उस को मैं पूरी रीति से काम में लाऊं।
- Ezra 4:13–14 एज्रा 4:13–14अब राजा को विदित हो कि यदि वह नगर बस गया और उसकी शहरपनाह बन चुकी, तब तो वे लोग कर, चुंगी और राहदारी फिर न देंगे, और अन्त में राजाओं की हानि होगी। हम लोग तो राजमन्दिर का नमक खाते हैं और उचित नहीं कि राजा का अनादर हमारे देखते हो, इस कारण हम यह चिट्ठी भेजकर राजा को चिता देते हैं।
- Romans 13:6–7 रोमियों 13:6–7इसलिये कर भी दो, क्योंकि परमशॆवर के सेवक हैं, और सदा इसी काम में लगे रहते हैं। इसलिये हर एक का हक्क चुकाया करो, जिस कर चाहिए, उसे कर दो; जिसे महसूल चाहिए, उसे महसूल दो; जिस से डरना चाहिए, उस से डरो; जिस का आदर करना चाहिए उसका आदर करो।।
- Nehemiah 2:1 नहेमायाह 2:1अर्तक्षत्रा राजा के बीसवें वर्ष के नीसान नाम महीने में, जब उसके साम्हने दाखमधु था, तब मैं ने दाखमधु उठाकर राजा को दिया। इस से पहिले मैं उसके साम्हने कभी उदास न हुआ था।
Original words (Hebrew)
- time · H3117יוֹם yôwm
- appointed · H6680צָוָה tsâvâh
- governor · H6346פֶּחָה pechâh
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- Judah · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh
- twentieth · H6242עֶשְׂרִים ʻesrîym
- year · H8141שָׁנֶה shâneh
- two · H8147שְׁנַיִם shᵉnayim
- thirtieth · H7970שְׁלוֹשִׁים shᵉlôwshîym
- year · H8141שָׁנֶה shâneh
- Artaxerxes · H783אַרְתַּחְשַׁשְׁתָּא ʼArtachshashtâʼ
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- twelve · H8147שְׁנַיִם shᵉnayim
- years · H8141שָׁנֶה shâneh
- brethren · H251אָח ʼâch
- eaten · H398אָכַל ʼâkal
- bread · H3899לֶחֶם lechem
- governor · H6346פֶּחָה pechâh