Numbers · chapter 16 · verse 49
Numbers 16:49 in Hindi
और जो कोरह के संग भागी होकर मर गए थे, उन्हें छोड़ जो लोग इस मरी से मर गए वे चौदह हजार सात सौ थे।
Aur jo korah ke sang bhaagee hokar mar gae the, unhem chhod jo log is maree se mar gae ve chaudah hajaar saat sau the.
Numbers 16:49 in English
- King James Version (KJV)
- Now they that died in the plague were fourteen thousand and seven hundred, beside them that died about the matter of Korah.
- World English Bible (WEB)
- Now those who died by the plague were fourteen thousand seven hundred, in addition to those who died about the matter of Korah.
- American Standard Version (ASV)
- Now they that died by the plague were fourteen thousand and seven hundred, besides them that died about the matter of Korah.
- Bible in Basic English (BBE)
- Now fourteen thousand, seven hundred deaths were caused by that disease, in addition to those who came to their end because of what Korah had done.
- Darby Translation (DBY)
- Now they that died in the plague were fourteen thousand seven hundred, besides them that had died because of the matter of Korah.
- Webster's Bible (WBS)
- Now they that died in the plague were fourteen thousand and seven hundred, besides them that died about the matter of Korah.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and those who die by the plague are fourteen thousand and seven hundred, apart from those who die for the matter of Korah;
Read in context
- 47मूसा की आज्ञा के अनुसार हारून धूपदान लेकर मण्डली के बीच में दौड़ा गया; और यह देखकर कि लोगों में मरी फैलने लगी है, उस ने धूप जलाकर लोगों के लिये प्रायश्चित्त किया।
- 48और वह मुर्दों और जीवित के मध्य में खड़ा हुआ; तब मरी थम गई।
- 49और जो कोरह के संग भागी होकर मर गए थे, उन्हें छोड़ जो लोग इस मरी से मर गए वे चौदह हजार सात सौ थे।
- 50तब हारून मिलापवाले तम्बू के द्वार पर मूसा के पास लौट गया, और मरी थम गई।।
Cross references
- Numbers 25:9 गिनती 25:9और मरी से चौबीस हजार मनुष्य मर गए।।
- Numbers 16:32–35 गिनती 16:32–35और पृथ्वी ने अपना मुंह खोल दिया और उनका और उनका घरद्वार का सामान, और कोरह के सब मनुष्यों और उनकी सारी सम्पत्ति को भी निगल लिया। और वे और उनका सारा घरबार जीवित ही अधोलोक में जा पड़े; और पृथ्वी ने उनको ढंाप लिया, और वे मण्डली के बीच में से नष्ट हो गए। और जितने इस्त्राएली उनके चारों ओर थे वे उनका चिल्लाना सुन यह कहते हुए भागे, कि कहीं पृथ्वी हम को भी निगल न ले! तब यहोवा के पास से आग निकली, और उन अढ़ाई सौ धूप चढ़ानेवालों को भस्म कर डाला।।
- Hebrews 2:1–3 इब्रानियों 2:1–3इस कारण चाहिए, कि हम उन बातों पर जो हम ने सुनी हैं और भी मन लगाएं, ऐसा न हो कि बहक कर उन से दूर चले जाएं। क्योंकि जो वचन स्वर्गदूतों के द्वारा कहा गया था जब वह स्थिर रहा और हर एक अपराध और आज्ञा न मानने का ठीक ठीक बदला मिला। तो हम लोग ऐसे बड़े उद्धार से निश्चिन्त रह कर क्योंकर बच सकते हैं? जिस की चर्चा पहिले पहिल प्रभु के द्वारा हुई, और सुनने वालों के द्वारा हमें निश्चय हुआ।
- Hebrews 12:25 इब्रानियों 12:25सावधान रहो, और उस कहनेवाले से मुंह न फेरो, क्योंकि वे लोग जब पृथ्वी पर के चितावनी देनेवाले से मुंह मोड़कर न बच सके, तो हम स्वर्ग पर से चितावनी करनेवाले से मुंह मोड़कर क्योंकर बच सकेंगे?
- 1 Chronicles 21:14 1 इतिहास 21:14तब यहोवा ने इस्राएल में मरी फैलाई, और इस्राएल में सत्तर हजार पुरूष मर मिटे।
- Hebrews 10:28–29 इब्रानियों 10:28–29जब कि मूसा की व्यवस्था का न माननेवाला दो या तीन जनों की गवाही पर, बिना दया के मार डाला जाता है। तो सोच लो कि वह कितने और भी भारी दण्ड के योग्य ठहरेगा, जिस ने परमेश्वर के पुत्रा को पांवों से रौंदा, और वाचा के लोहू को जिस के द्वारा वह पवित्रा ठहराया गया था, अपवित्रा जाना हैं, और अनुग्रह की आत्मा का अपमान किया।