Numbers · chapter 3 · verse 31
Numbers 3:31 in Hindi
और जो वस्तुएं उनको सौंपी जाएं वे सन्दूक, मेज़, दीवट, वेदियां, और पवित्रास्थान का वह सामान जिस से सेवा टहल होती है, और पर्दा; निदान पवित्रास्थान में काम में आनेवाला सारा सामान हो।
Aur jo vastuem unako saumpee jaaem ve sandook, mej, deevat, vediyaam, aur pavitraasthaan kaa vah saamaan jis se sevaa tahal hotee hai, aur pardaa; nidaan pavitraasthaan mem kaam mem aanevaalaa saaraa saamaan ho.
Numbers 3:31 in English
- King James Version (KJV)
- And their charge [shall be] the ark, and the table, and the candlestick, and the altars, and the vessels of the sanctuary wherewith they minister, and the hanging, and all the service thereof.
- World English Bible (WEB)
- Their duty shall be the ark, the table, the lamp stand, the altars, the vessels of the sanctuary with which they minister, the screen, and all its service.
- American Standard Version (ASV)
- And their charge shall be the ark, and the table, and the candlestick, and the altars, and the vessels of the sanctuary wherewith they minister, and the screen, and all the service thereof.
- Bible in Basic English (BBE)
- In their care are the ark, and the table, and the lights, and the altars, and all the vessels used in the holy place, and the veil, and all they are used for.
- Darby Translation (DBY)
- And their charge was the ark, and the table, and the candlestick, and the altars, and the utensils of the sanctuary with which they ministered, and the curtain, and all that belongs to its service.
- Webster's Bible (WBS)
- And their charge [shall be] the ark, and the table, and the candlestick, and the altars, and the vessels of the sanctuary with which they minister, and the hanging, and all the service of it.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And their charge [is] the ark, and the table, and the candlestick, and the altars, and the vessels of the sanctuary with which they serve, and the vail, and all its service.
Read in context
- 29कहातियों के कुल निवास की उस अलंग पर अपने डेरे डाला करें जो दक्खिन की ओर है;
- 30और कहातवाले कुलों से मूलपुरूष के घराने का प्रधान उज्जीएल का पुत्रा एलीसापान हो।
- 31और जो वस्तुएं उनको सौंपी जाएं वे सन्दूक, मेज़, दीवट, वेदियां, और पवित्रास्थान का वह सामान जिस से सेवा टहल होती है, और पर्दा; निदान पवित्रास्थान में काम में आनेवाला सारा सामान हो।
- 32और लेवियों के प्रधानों का प्रधान हारून याजक का पुत्रा एलीआजार हो, और जो लोग पवित्रास्थान की सौंपी हुई वस्तुओं की रक्षा करेंगे उन पर वही मुखिया ठहरे।।
- 33फिर मरारी से महलियों और मूशियों के कुल चले; मरारी के कुल ये ही हैं।
Cross references
- Exodus 37:1–7 निर्गमन 37:1–7फिर बसलेल ने बबूल की लकड़ी का सन्दूक बनाया; उसकी लम्बाई अढ़ाई हाथ, चौड़ाई डेढ़ हाथ, और ऊंचाई डेढ़ हाथ की थी। और उस ने उसको भीतर बाहर चोखे सोने से मढ़ा, और उसके चारों ओर सोने की बाड़ बनाई। और उसके चारों पायों पर लगाने को उस ने सोने के चार कड़े ढ़ाले, दो कड़े एक अलंग और दो कड़े दूसरी अलंग पर लगे। फिर उस ने बबूल के डण्डे बनाए, और उन्हें सोने से मढ़ा, और उनको सन्दूक की दोनो अलंगों के कड़ों में डाला कि उनके बल सन्दूक उठाया जाए। फिर उस ने चोखे सोने के प्रायश्चित्तवाले ढकने को बनाया; उसकी लम्बाई अढ़ाई हाथ और चौड़ाई डेढ़ हाथ की थी। और उस ने सोना गढ़कर दो करूब प्रायश्चित्त के ढकने के दानों सिरों पर बनाए;
- Exodus 26:31–33 निर्गमन 26:31–33फिर नीले, बैजनी और लाल रंग के और बटी हुई सूक्ष्म सनीवाले कपड़े का एक बीचवाला पर्दा बनवाना; वह कढ़ाई के काम किये हुए करूबों के साथ बने। और उसको सोने से मढ़े हुए बबूल के चार ख्म्भों पर लटकाना, इनकी अंकड़ियां सोने की हों, और ये चांदी की चार कुर्सियों पर खड़ी रहें। और बीचवाले पर्दे को अंकड़ियों के नीचे लटकाकर, उसकी आड़ में साक्षीपत्रा का सन्दूक भीतर लिवा ले जाना; सो वह बीचवाला पर्दा तुम्हारे लिये पवित्रास्थान को परमपवित्रास्थान से अलग किये रहे।
- Exodus 31:1–18 निर्गमन 31:1–18फिर यहोवा ने मूसा से कहा, सुन, मैं ऊरी के पुत्रा बसलेल को, जो हूर का पोता और यहूदा के गोत्रा का है, नाम लेकर बुलाता हूं। और मैं उसको परमेश्वर की आत्मा से जो बुद्धि, प्रवीणता, ज्ञान, और सब प्रकार के कार्यों की समझ देनेवाली आत्मा है परिपूर्ण करता हूं, जिस से वह कारीगरी के कार्य बुद्धि से निकाल निकालकर सब भांति की बनावट में, अर्थात् सोने, चांदी, और पीतल में, और जड़ने के लिये मणि काटने में, और लकड़ी के खोदने में काम करे। और सुन, मैं दान के गोत्रावाले अहीसामाक के पुत्रा ओहोलीआब को उसके संग कर देता हूं; वरन जितने बुद्धिमान है उन सभों के हृदय में मैं बुद्धि देता हूं, जिस से जितनी वस्तुओं की आज्ञा मैं ने तुझे दी है उन सभों को वे बनाएं; अर्थात् मिलापवाला तम्बू, और साक्षीपत्रा का सन्दूक, और उस पर का प्रायश्चित्तवाला ढकना, और तम्बू का सारा सामान, और सामान सहित मेज़, और सारे सामान समेत चोखे सोने की दीवट, और धूपवेदी, और सारे सामान सहित होमवेदी, और पाए समेत हौदी, और काढ़े हुए वस्त्रा, और हारून याजक के याजकवाले काम के पवित्रा वस्त्रा, और उसके पुत्रों के वस्त्रा, और अभिषेक का तेल, और पवित्रा स्थान के लिये सुगन्धित धूप, इन सभों को वे उन सब आज्ञाओं के अनुसार बनाएं जो मैं ने तुझे दी हैं।। फिर यहोवा ने मूसा से कहा, तू इस्त्राएलियों से यह भी कहना, कि निश्चय तुम मेरे विश्रामदिनों को मानना, क्योंकि तुम्हारी पीढ़ी पीढ़ी में मेरे और तुम लोगों के बीच यह एक चिन्ह ठहरा है, जिस से तुम यह बात जान रखो कि यहोवा हमारा पवित्रा करनेहारा है। इस कारण तुम विश्रामदिन को मानना, क्योंकि वह तुम्हारे लिये पवित्रा ठहरा है; जो उसको अपवित्रा करे वह निश्चय मार डाला जाए; जो कोई उस दिन में से कुछ कामकाज करे वह प्राणी अपने लोगों के बीच से नाश किया जाए। छ: दिन तो काम काज किया जाए, पर सातवां दिन परमविश्राम का दिन और यहोवा के लिये पवित्रा है; इसलिये जो कोई विश्राम के दिन में कुछ काम काज करे वह निश्चय मार डाला जाए। सो इस्त्राएली विश्रामदिन को माना करें, वरन पीढ़ी पीढ़ी में उसको सदा की वाचा का विषय जानकर माना करें। वह मेरे और इस्त्राएलियों के बीच सदा एक चिन्ह रहेगा, क्योंकि छ: दिन में यहोवा ने आकाश और पृथ्वी को बनाया, और सातवें दिन विश्राम करके अपना जी ठण्डा किया।। जब परमेश्वर मूसा से सीनै पर्वत पर ऐसी बातें कर चुका, तब उस ने उसको अपनी उंगली से लिखी हुई साक्षी देनेवाली पत्थर की दोनों तख्तियां दी।।
- Exodus 25:10–40 निर्गमन 25:10–40बबूल की लकड़ी का एक सन्दूक बनाया जाए; उसकी लम्बाई अढ़ाई हाथ, और चौड़ाई और ऊंचाई डेढ़ डेढ़ हाथ की हों। और उसको चोखे सोने से भीतर और बाहर मढ़वाना, और सन्दूक के ऊपर चारों ओर सोने की बाड़ बनवाना। और सोने के चार कड़े ढलवाकर उसके चारों पायों पर, एक अलंग दो कड़े और दूसरी अलंग भी दो कड़े लगवाना। फिर बबूल की लकड़ी के डण्डे बनवाना, और उन्हे भी सोने से मढ़वाना। और डण्डों को सन्दूक की दोनों अलंगों के कड़ों में डालना जिस से उनके बल सन्दूक उठाया जाए। वे डण्डे सन्दूक के कड़ों में लगे रहें; और उस से अलग न किए जाएं। और जो साक्षीपत्रा मैं तुझे दूंगा उसे उसी सन्दूक में रखना। फिर चोखे सोने का एक प्रायश्चित्त का ढकना बनवाना; उसकी लम्बाई अढ़ाई हाथ, और चौड़ाई डेढ़ हाथ की हो। और सोना ढालकर दो करूब बनवाकर प्रायश्चित्त के ढकने के दोनों सिरों पर लगवाना। एक करूब तो एक सिरे पर और दूसरा करूब दूसरे सिरे पर लगवाना; और करूबों को और प्रायश्चित्त के ढकने को उसके ही टुकडे से बनाकर उसके दोनो सिरों पर लगवाना। और उन करूबों के पंख ऊपर से ऐसे फैले हुए बनें कि प्रायश्चित्त का ढकना उन से ढंपा रहे, और उनके मुख आम्हने- साम्हने और प्रायश्चित्त के ढकने की ओर रहें। और प्रायश्चित्त के ढकने को सन्दूक के ऊपर लगवाना; और जो साक्षीपत्रा मैं तुझे दूंगा उसे सन्दूक के भीतर रखना। और मैं उसके ऊपर रहकर तुझ से मिला करूंगा; और इस्त्राएलियों के लिये जितनी आज्ञाएं मुझ को तुझे देनी होंगी, उन सभों के विषय मैं प्रायश्चित्त के ढकने के ऊपर से और उन करूबों के बीच में से, जो साक्षीपत्रा के सन्दूक पर होंगे, तुझ से वार्तालाप किया करूंगा।। फिर बबूल की लकड़ी की एक मेज बनवाना; उसकी लम्बाई दो हाथ, चौड़ाई एक हाथ, और ऊंचाई डेढ़ हाथ की हो। उसे चोखे सोने से मढ़वाना, और उसके चारों ओर सोने की एक बाड़ बनवाना। और उसके चारों ओर चार अंगुल चौड़ी एक पटरी बनवाना, और इस पटरी के चारों ओर सोने की एक बाड़ बनवाना। और सोने के चार कड़े बनवाकर मेज के उन चारों कोनों में लगवाना जो उसके चारों पायों में होंगे। वे कड़े पटरी के पास ही हों, और डण्डों के घरों का काम दें कि मेंज़ उन्हीं के बल उठाई जाए। और डण्डों को बबूल की लकड़ी के बनवाकर सोने से मढ़वाना, और मेज़ उन्हीं से उठाई जाए। और उसके परात और धूपदान, और चमचे और उंडेलने के कटोरे, सब चोखे सोने के बनवाना। और मेज़ पर मेरे आगे भेंट की रोटियां नित्य रखा करना।। फिर चोखे सोने की एक दीवट बनवाना। सोना ढलवाकर वह दीवट, पाये और डण्डी सहित बनाया जाए; उसके पुष्पकोष, गांठ और फूल, सब एक ही टुकडे के बनें; और उसकी अलंगों से छ: डालियां निकलें, तीन डालियां तो दीवट की एक अलंग से और तीन डालियां उसकी दूसरी अलंग से निकली हुई हों; एक एक डाली में बादाम के फूल के समान तीन तीन पुष्पकोष, एक एक गांठ, और एक एक फूल हों; दीवट से निकली हुई छहों डालियों का यही आकार या रूप हो; और दीवट की डण्डी में बादाम के फूल के समान चार पुष्पकोष अपनी अपनी गांठ और फूल समेत हों; और दीवट से निकली हुई छहों डालियों में से दो दो डालियों के नीचे एक एक गांठ हो, वे दीवट समेत एक ही टुकडे के बने हुए हों। उनकी गांठे और डालियां, सब दीवट समेत एक ही टुकडे की हों, चोखा सोना ढलवाकर पूरा दीवट एक ही टुकडे का बनवाना। और सात दीपक बनवाना; और दीपक जलाए जाएं कि वे दीवट के साम्हने प्रकाश दें। और उसके गुलतराश और गुलदान सब चोखे सोने के हों। वह सब इन समस्त सामान समेत किक्कार भर चोखे सोने का बने। और सावधान रहकर इन सब वस्तुओं को उस नमूने के समान बनवाना, जो तुझे इस पर्वत पर दिखाया गया है।।
- Exodus 27:1–8 निर्गमन 27:1–8फिर वेदी को बबूल की लकड़ी की, पांच हाथ लम्बी और पांच हाथ चौड़ी बनवाना; वेदी चौकोर हो, और उसकी ऊंचाई तीन हाथ की हो। और उसके चारों कोनों पर चार सींग बनवाना; वे उस समेत एक ही टुकडे के हों, और उसे पीतल से मढ़वाना। और उसकी राख उठाने के पात्रा, और फावड़ियां, और कटोरे, और कांटे, और अंगीठियां बनवाना; उसका कुल सामान पीतल का बनवाना। और उसके पीतल की जाली एक झंझरी बनवाना; और उसके चारों सिरों में पीतल के चार कड़े लगवाना। और उस झंझरी को वेदी के चारों ओर की कंगनी के नीचे ऐसे लगवाना, कि वह वेदी की ऊंचाई के मध्य तक पहुंचे। और वेदी के लिये बबूल की लकड़ी के डण्डे बनवाना, और उन्हें पीतल से मढ़वाना। और डंडे कड़ों में डाले जाएं, कि जब जब वेदी उठाई जाए तब वे उसकी दोनों अलंगों पर रहें। वेदी को तख्तों से खोखली बनवाना; जैसी वह इस पर्वत पर तुझे दिखाई गई है वैसी ही बनाई जाए।।
- Numbers 4:4–16 गिनती 4:4–16और मिलापवाले तम्बू में परमपवित्रा वस्तुओं के विषय कहातियों का यह काम होगा, अर्थात् जब जब छावनी का कूच हो तब तब हारून और उसके पुत्रा भीतर आकर, बीचवाले पर्दे को उतार के उस से साक्षीपत्रा के सन्दूक को ढंाप दें; तब वे उस पर सूइसों की खालों का ओहार डालें, और उसके ऊपर सम्पूर्ण नीले रंग का कपड़ा डालें, और सन्दूक में डण्डों को लगाएं। फिर भेंटवाली रोटी की मेज़ पर नीला कपड़ा बिछाकर उस पर परातों, धूपदानों, करवों, और उंडेलने के कटोरों को रखें; और नित्य की रोटी भी उस पर हो; तब वे उन पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर उसको सुइसों की खालों के ओहार से ढ़ापे, और मेज़ के डण्डों को लगा दें। फिर वे नीले रंग का कपड़ा लेकर दीपकों, गलतराशों, और गुलदानों समेत उजियाला देनेवाले दीवट को, और उसके सब तेल के पात्रों को जिन से उसकी सेवा टहल होती है ढांपे; तब वे सारे सामान समेत दीवट को सूइसों की खालों के ओहार के भीतर रखकर डण्डे पर धर दें। फिर वे सोने की वेदी पर एक नीला कपड़ा बिछाकर उसको सूइसों की खालों के ओहार के भीतर रखकर डण्डे पर धर दें। तब वे सेवा टहल के सारे सामान को लेकर, जिस से पवित्रास्थान में सेवा टहल होली है, नीले कपड़े के भीतर रखकर सूइसों की खालों के ओहार से ढांपे, और डण्डे पर धर दें। फिर वे वेदी पर से सब राख उठाकर वेदी पर बैंजनी रंग का कपड़ा बिछाएं; तब जिस सामान से वेदी पर की सेवा टहल होती है वह सब, अर्थात् उसके करछे, कांटे, फावड़ियां, और कटोरे आदि, वेदी का सारा सामान उस पर रखें; और उसके ऊपर सूइसों की खालों का ओहार बिछाकर वेदी में डण्डों को लगाएं। और जब हारून और उसके पुत्रा छावनी के कूच के समय पवित्रास्थान और उसके सारे सामान को ढंाप चुकें, तब उसके बाद कहाती उसके उठाने के लिये आएं, पर किसी पवित्रा वस्तु को न छुएं, कहीं ऐसा न हो कि मर जाएं। कहातियों के उठाने के लिये मिलापवाले तम्बू की ये ही वस्तुएं हैं। और जो वस्तुएं हारून याजक के पुत्रा एलीजार को रक्षा के लिये सौंपी जाएं वे ये हैं, अर्थात् उजियाला देने के लिये तेल, और सुगन्धित धूप, और नित्य अन्नबलि, और अभिषेक का तेल, और सारे निवास, और उस में की सब वस्तुएं, और पवित्रास्थान और उसके कुल समान।।
- Exodus 40:2–16 निर्गमन 40:2–16पहिले महीने के पहिले दिन को तू मिलापवाले तम्बू के निवास को खड़ा करा देना। और उस में साक्षीपत्रा के सन्दूक को रखकर बीचवाले पर्दे की ओट में करा देना। और मेज़ को भीतर ले जाकर जो कुछ उस पर सजाना है उसे सजवा देना; और साक्षीपत्रा के सन्दूक के साम्हने सोने की वेदी को जो धूप के लिये है उसे रखना, और निवास के द्वार के पर्दे को लगा देना। और मिलापवाले तम्बू के निवास के द्वार के साम्हने होमवेदी को रखना। और मिलापवाले तम्बू और वेदी के बीच होदी को रखके उस में जल भरना। और चारों ओर के आंगन की कनात को खड़ा करना, और उस आंगन के द्वार पर पर्दे को लटका देना। और अभिषेक का तेल लेकर निवास को और जो कुछ उस में होगा सब कुछ का अभिषेक करना, और सारे सामान समेत उसको पवित्रा करना; तब वह पवित्रा ठहरेगा। और सब सामान समेत होमवेदी का अभिषेक करके उसको पवित्रा करना; तब वह परमपवित्रा ठहरेगी। और पाए समेत हौदी का भी अभिषेक करके उसे पवित्रा करना। और हारून और उसके पुत्रों को मिलापवाले तम्बू के द्वार पर ले जाकर जल से नहलाना, और हारून को पवित्रा वस्त्रा पहिनाना, और उसका अभिषेक करके उसको पवित्रा करना, कि वह मेरे लिये याजक का काम करे। और उसके पुत्रों को ले जाकर अंगरखे पहिनाना, और जैसे तू उनके पिता का अभिषेक करे वैसे ही उनका भी अभिषेक करना, कि वे मेरे लिये याजक का काम करें; और उनका अभिषेक उनकी पीढ़ी पीढ़ी के लिये उनके सदा के याजकपद का चिन्ह ठहरेगा। और मूसा ने जो जो आज्ञा यहोवा ने उसको दी थी उसी के अनुसार किया।।
- Exodus 40:30 निर्गमन 40:30और उस ने मिलापवाले तम्बू और वेदी के बीच हौदी को रखकर उस में धोने के लिये जल डाला,
- Exodus 30:1–10 निर्गमन 30:1–10फिर धूप जलाने के लिये बबूल की लकड़ी की वेदी बनाना। उसकी लम्बाई एक हाथ और चौड़ाई एक हाथ की हो, वह चौकोर हो, और उसकी ऊंचाई दो हाथ की हो, और उसके सींग उसी टुकड़े से बनाए जाएं। और वेदी के ऊपर वाले पल्ले और चारों ओर की अलंगों और सींगों को चोखे सोने से मढ़ना, और इसकी चारों ओर सोने की एक बाड़ बनाना। और इसकी बाड़ के नीचे इसके दानों पल्ले पर सोने के दो दो कड़े बनाकर इसके दोनों ओर लगाना, वे इसके उठाने के डण्डों के खानों का काम देंगे। और डण्डों को बबूल की लकड़ी के बनाकर उन को सोने से मढ़ना। और तू उसको उस पर्दे के आगे रखना जो साक्षीपत्र के सन्दूक के साम्हने है, अर्थात प्रायश्चित्त वाले ढकने के आगे जो साक्षीपत्र के ऊपर है, वहीं मैं तुझ से मिला करूंगा। और उसी वेदी पर हारून सुगन्धित धूप जलाया करे; प्रतिदिन भोर को जब वह दीपक को ठीक करे तब वह धूप को जलाए, तब गोधूलि के समय जब हारून दीपकों को जलाए तब धूप जलाया करे, यह धूप यहोवा के साम्हने तुम्हारी पीढ़ी पीढ़ी में नित्य जलाया जाए। और उस वेदी पर तुम और प्रकार का धूप न जलाना, और न उस पर होमबलि और न अन्नबलि चढ़ाना; और न इस पर अर्घ देना। और हारून वर्ष में एक बार इसके सींगों पर प्रायश्चित्त करे; और तुम्हारी पीढ़ी पीढ़ी में वर्ष में एक बार प्रायश्चित्त लिया जाए; यह यहोवा के लिये परमपवित्र है॥
- Exodus 39:33–42 निर्गमन 39:33–42तब वे निवास को मूसा के पास ले आए, अर्थात् घंुडियां, तख्ते, बेंड़े, खम्भे, कुर्सियां आदि सारे सामान समेत तम्बू; और लाल रंग से रंगी हुई मेढ़ों की खालों का ओढ़ना, और सूइसों की खालों का ओढ़ना, और बीच का पर्दा; डण्डों सहित साक्षीपत्रा का सन्दूक, और प्रायश्चित्त का ढकना; सारे सामान समेत मेज़, और भेंट की रोटी; सारे सामान सहित दीवट, और उसकी सजावट के दीपक और उजियाला देने के लिये तेल; सोने की वेदी, और अभिषेक का तेल, और सुगन्धित धूप, और तम्बू के द्वार का पर्दा; पीतल की झंझरी, डण्डों, और सारे सामान समेत पीतल की वेदी; और पाए समेत हौदी; खम्भों, और कुर्सियों समेत आंगन के पर्दे, और आंगन के द्वार का पर्दा, और डोरियां, और खूंटे, और मिलापवाले तम्बू के निवास की सेवकाई का सारा सामान; पवित्रास्थान में सेवा टहल करने के लिये बेल बूटा काढ़े हुए वस्त्रा, और हारून याजक के पवित्रा वस्त्रा, और उसके पुत्रों के वस्त्रा जिन्हें पहिनकर उन्हें याजक का काम करना था। अर्थात् जो जो आज्ञा यहोवा ने मूसा को दी थीं उन्हीं के अनुसार इस्त्राएलियों ने सब काम किया।
- Exodus 36:35–36 निर्गमन 36:35–36फिर उस ने नीले, बैंजनी और लाल रंग के कपड़े का, और बटी हुई सूक्ष्म सनीवाले कपड़े का बीचवाला पर्दा बनाया; वह कढ़ाई के काम किये हुए करूबों के साथ बना। और उस ने उसके लिये बबूल के चार खम्भे बनाए, और उनको सोने से मढ़ा; उनकी घुंडियां सोने की बनी, और उस ने उनके लिये चांदी की चार कुर्सियां ढालीं।
Original words (Hebrew)
- charge · H4931מִשְׁמֶרֶת mishmereth
- ark · H727אָרוֹן ʼârôwn
- table · H7979שֻׁלְחָן shulchân
- candlestick · H4501מְנוֹרָה mᵉnôwrâh
- altars · H4196מִזְבֵּחַ mizbêach
- vessels · H3627כְּלִי kᵉlîy
- sanctuary · H6944קֹדֶשׁ qôdesh
- minister · H8334שָׁרַת shârath
- hanging · H4539מָסָךְ mâçâk
- service · H5656עֲבֹדָה ʻăbôdâh