Numbers · chapter 4 · verse 49
Numbers 4:49 in Hindi
ये अपनी अपनी सेवा और बोझ ढ़ोने के अनुसार यहोवा के कहने पर गए। जो आज्ञा यहोवा ने मूसा को दी थी उसी के अनुसार वे गिने गए।।
Ye apanee apanee sevaa aur bojh dhone ke anusaar yahovaa ke kahane par gae. Jo aajnyaa yahovaa ne moosaa ko dee thee usee ke anusaar ve gine gae..
Numbers 4:49 in English
- King James Version (KJV)
- According to the commandment of the LORD they were numbered by the hand of Moses, every one according to his service, and according to his burden: thus were they numbered of him, as the LORD commanded Moses.
- World English Bible (WEB)
- According to the commandment of the LORD they were counted by Moses, everyone according to his service and according to his burden. Thus they were counted by him, as the LORD commanded Moses.
- American Standard Version (ASV)
- According to the commandment of Jehovah they were numbered by Moses, every one according to his service, and according to his burden: thus were they numbered of him, as Jehovah commanded Moses.
- Bible in Basic English (BBE)
- At the order of the Lord they were numbered by Moses, every one in relation to his work and to his part in the transport; so they were numbered by Moses at the order of the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- According to the commandment of Jehovah they were numbered by Moses, every one for his service, and for his burden, and numbered by him, as Jehovah had commanded Moses.
- Webster's Bible (WBS)
- According to the commandment of the LORD they were numbered by the hand of Moses, every one according to his service, and according to his burden: thus were they numbered by him, as the LORD commanded Moses.
- Young's Literal Translation (YLT)
- by the command of Jehovah hath [one] numbered them, by the hand of Moses, each man by his service, and by his burden, with his numbered ones, as Jehovah hath commanded Moses.
Read in context
- 47अर्थात् तीस वर्ष से लेकर पचास वर्ष तक की अवस्थावाले, जितने मिलापवाले तम्बू की सेवकाई करने का बोझ उठाने का काम करने को हाजिर होने वाले थे,
- 48उन सभों की गिनती आठ हजार पांच सौ अस्सी थी।
- 49ये अपनी अपनी सेवा और बोझ ढ़ोने के अनुसार यहोवा के कहने पर गए। जो आज्ञा यहोवा ने मूसा को दी थी उसी के अनुसार वे गिने गए।।
Cross references
- Numbers 1:54 गिनती 1:54जो आज्ञाएं यहोवा ने मूसा को दी थीं इस्त्राएलियों ने उन्हीं के अनुसार किया।।
- Numbers 4:31 गिनती 4:31और मिलापवाले तम्बू में की जिन वस्तुओं के उठाने की सेवकाई उनको मिले वे ये हों, अर्थात् निवास के तख्ते, बेड़े, खम्भे, और कुर्सियां,
- Numbers 4:15 गिनती 4:15और जब हारून और उसके पुत्रा छावनी के कूच के समय पवित्रास्थान और उसके सारे सामान को ढंाप चुकें, तब उसके बाद कहाती उसके उठाने के लिये आएं, पर किसी पवित्रा वस्तु को न छुएं, कहीं ऐसा न हो कि मर जाएं। कहातियों के उठाने के लिये मिलापवाले तम्बू की ये ही वस्तुएं हैं।
- Numbers 4:21 गिनती 4:21फिर यहोवा ने मूसा से कहा,
- Numbers 4:24 गिनती 4:24सेवा करने और भार उठाने में गेर्शोनियों के कुलवालों की यह सेवकाई हो;
- Isaiah 42:1–7 यशायाह 42:1–7मेरे दास को देखो जिसे मैं संभाले हूं, मेरे चुने हुए को, जिस से मेरा जी प्रसन्न है; मैं ने उस पर अपना आत्मा रखा है, वह अन्यजातियों के लिये न्याय प्रगट करेगा। न वह चिल्लाएगा और न ऊंचे शब्द से बोलेगा, न सड़क में अपनी वाणी सुनायेगा। कुचले हुए नरकट को वह न तोड़ेगा और न टिमटिमाती बत्ती को बुझाएगा; वह सच्चाई से न्याय चुकाएगा। वह न थकेगा और न हियाव छोड़ेगा जब तक वह न्याय को पृथ्वी पर स्थिर न करे; और द्वीपों के लोग उसकी व्यवस्था की बाट जाहेंगे।। ईश्वर जो आकाश का सृजने और ताननेवाला है, जो उपज सहित पृथ्वी का फैलानेवाला और उस पर के लोगों को सांस और उस पर के चलनेवालों को आत्मा देनेवाला यहावेा है, वह यों कहता है: मुझ यहोवा ने तुझ को धर्म से बुला लिया है; मैं तेरा हाथ थाम कर तेरी रक्षा करूंगा; मैं तुझे प्रजा के लिये वाचा और जातियों के लिये प्रकाश ठहराऊंगा; कि तू अन्धों की आंखें खोले, बंधुओं को बन्दीगृह से निकाले और जो अन्धियारे में बैठे हैं उनको कालकोठरी से निकाले।
- Numbers 4:37 गिनती 4:37कहातियों के कुलों में से जितने मिलापवाले तम्बू में सेवा करने वाले गिने गए वे इतने ही थे; जो आज्ञा यहोवा ने मूसा के द्वारा दी थी उसी के अनुसार मूसा और हारून ने इनको गिन लिया।।
- Romans 12:4–8 रोमियों 12:4–8क्योंकि जैसे हमारी एक देह में बहुत से अंग हैं, और सब अंगों का एक ही सा काम नहीं। वैसा ही हम जो बहुत हैं, मसीह में एक देह होकर आपस में एक दूसरे के अंग हैं। और जब कि उस अनुग्रह के अनुसार जो हमें दिया गया है, हमें भिन्न भिन्न बरदान मिले हैं, तो जिस को भविष्यद्वाणी का दान मिला हो, वह विश्वास के परिमाण के अनुसार भविष्यद्वाणी करे। यदि सेवा करने का दान मिला हो, तो सेवा में लगा रहे, यदि कोई सिखानेवाला हो, तो सिखाने में लगा रहे। जो उपदेशक हो, वह उपदेश देने में लगा रहे; दान देनेवाला उदारता से दे, जो अगुआई करे, वह उत्साह से करे, जो दया करे, वह हर्ष से करे।
- Isaiah 11:2–4 यशायाह 11:2–4और यहोवा की आत्मा, बुद्धि और समझ की आत्मा, युक्ति और पराक्रम की आत्मा, और ज्ञान और यहोवा के भय की आत्मा उस पर ठहरी रहेगी। ओर उसको यहोवा का भय सुगन्ध सा भाएगा।। वह मुंह देखा न्याय न करेगा और न अपने कानों के सुनने के अनुसार निर्णय करेगा; परन्तु वह कंगालों का न्याय धर्म से, और पृथ्वी के नम्र लोगों का निर्णय खाराई से करेगा; और वह पृथ्वी को अपने वचन के सोंटे से मारेगा, और अपने फूंक के झोंके से दुष्ट को मिटा डालेगा।
- Numbers 1:47 गिनती 1:47इन में लेवीय अपने पितरों के गोत्रा के अनुसार नहीं गिने गए।
- Numbers 2:33 गिनती 2:33परन्तु यहोवा ने मूसा को जो आज्ञा दी भी उसके अनुसार लेवीय तो इस्त्राएलियों में गिने नहीं गए।
- Isaiah 49:1–8 यशायाह 49:1–8हे द्वीपो, मेरी और कान लगाकर सुनो; हे दूर दूर के राज्यों के लागों, ध्यान लगाकर मेरी सुनो! यहोवा ने मुझे गर्भ ही में से बुलाया, जब मैं माता के पेट में था, तब ही उस ने मेरा नाम बताया। उस ने मेरे मुंह को चोखी तलवार के समान बनाया और अपने हाथ की आड़ में मुझे छिपा रखा; उस ने मुझ को चमकिला तीर बनाकर अपने तर्कश में गुप्त रखा। ओर मुझ से कहा, तू मेरा दास इस्राएल है, मैं तुझ में अपनी महिमा प्रगट करूंगा। तब मैं ने कहा, मैं ने तो व्यर्थ परिश्रम किया, मैं ने व्यर्थ ही अपना बल खो दिया है; तौभी निश्चय मेरा न्याय यहोवा के पास है और मेरे परिश्रम का फल मेरे परमेश्वर के हाथ में है।। ओर अब यहोवा जिस ने मुझे जन्म ही से इसलिये रख कि मैं उसका दास होकर याकूब को उसकी ओर फेर ले आऊं अर्थात् इस्राएल को उसके पास इकट्ठा करूं, क्योंकि यहोवा की दृष्टि में मैं आदरयोग्य हूं और मेरा परमेश्वर मेरा बल है, उसी ने मुझ से यह भी कहा है, यह तो हलकी सी बात है कि तू याकूब के गोत्रों का उद्धार करने और इस्राएल के रक्षित लोगों को लौटा ले आने के लिये मेरा सेवक ठहरे; मैं तुझे अन्यजातियों के लिये ज्योति ठहराऊंगा कि मेरा उद्धार पृथ्वी की एक ओर से दूसरी ओर तक फैल जाए।। जो मनुष्यों से तुच्छ जाना जाता, जिस से जातियों को घृणा है, और, जो अपराधियों का दास है, इस्राएल का छुड़ानेवाला और उसका पवित्रा अर्थात् यहावेा यों कहता है, कि राजा उसे देखकर खड़े हो जाएंगे और हाकिम दण्डवत् करेंगे; यह यहोवा के निमित्त होगा, जो सच्चा और इस्राएल का पवित्रा है और जिस ने तुझे चुन लिया है।। यहोवा यों कहता है, अपनी प्रसन्नता के समय मैं ने तेरी सुन ली, उद्धार करने के दिन मैं ने तेरी सहायता की है; मैं तेरी रक्षा करके तुझे लोगों के लिये एक वाचा ठहराऊंगा, ताकि देश को स्थिर करे और उजड़े हुए स्थानों को उनके अधिकारियों के हाथ में दे दे; और बंधुओं से कहे, बन्दीगृह से निकल आओ;