Philippians · chapter 1 · verse 10
Philippians 1:10 in Hindi
यहां तक कि तुम उत्तम से उत्तम बातों को प्रिय जानो, और मसीह के दिन तक सच्चे बने रहो; और ठोकर न खाओ।
Yahaam tak ki tum uttam se uttam baatom ko priy jaano, aur maseeh ke din tak sachche bane raho; aur thokar na khaao.
Philippians 1:10 in English
- King James Version (KJV)
- That ye may approve things that are excellent; that ye may be sincere and without offence till the day of Christ;
- World English Bible (WEB)
- so that you may approve the things that are excellent, that you may be sincere and without offense to the day of Christ,
- American Standard Version (ASV)
- so that ye may approve the things that are excellent; that ye may be sincere and void of offence unto the day of Christ;
- Bible in Basic English (BBE)
- So that you may give your approval to the best things; that you may be true and without wrongdoing till the day of Christ;
- Darby Translation (DBY)
- that ye may judge of and approve the things that are more excellent, in order that ye may be pure and without offence for Christ's day,
- Webster's Bible (WBS)
- That ye may approve things that are excellent; that ye may be sincere and without offense till the day of Christ;
- Young's Literal Translation (YLT)
- for your proving the things that differ, that ye may be pure and offenceless — to a day of Christ,
Read in context
- 8इस में परमेश्वर मेरा गवाह है, कि मैं मसीह यीशु की सी प्रीति करके तुम सब की लालसा करता हूं।
- 9और मैं यह प्रार्थना करता हूं, कि तुम्हारा प्रेम, ज्ञान और सब प्रकार के विवेक सहित और भी बढ़ता जाए।
- 10यहां तक कि तुम उत्तम से उत्तम बातों को प्रिय जानो, और मसीह के दिन तक सच्चे बने रहो; और ठोकर न खाओ।
- 11और उस धार्मिकता के फल से जो यीशु मसीह के द्वारा होते हैं, भरपूर होते जाओ जिस से परमेश्वर की महिमा और स्तुति होती रहे।।
- 12हे भाइयों, मैं चाहता हूं, कि तुम यह जान लो, कि मुझ पर जो बीता है, उस से सुसमाचार ही की बढ़ती हुई है।
Cross references
- Romans 12:2 रोमियों 12:2और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल- चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो।।
- 1 Thessalonians 3:13 1 थिस्सलुनीकियों 3:13ताकि वह तुम्हारे मनों को ऐसा स्थिर करे, कि जब हमारा प्रभु यीशु अपने सब पवित्रा लोगों के साथ आए, तो वे हमारे परमेश्वर और पिता के साम्हने पवित्राता में निर्दोष ठहरें।।
- 1 Thessalonians 5:23 1 थिस्सलुनीकियों 5:23शान्ति का परमेश्वर आप ही तुम्हें पूरी रीति से पवित्रा करे; और तुम्हारी आत्मा और प्राण और देह हमारे प्रभु यीशु मसीह के आने तक पूरे पूरे और निर्दोष सुरक्षित रहें।
- Romans 2:18 रोमियों 2:18और उस की इच्छा जानता और व्यवस्था की शिक्षा पाकर उत्तम उत्तम बातों को प्रिय जानता है।
- Ephesians 5:10 इफिसियों 5:10और यह परखो, कि प्रभु को क्या भाता है?
- 1 John 4:1 1 यूहन्ना 4:1हे प्रियों, हर एक आत्मा की प्रतीति न करो: बरन आत्माओं को परखो, कि वे परमेश्वर की ओर से हैं कि नहीं; क्योंकि बहुत से झूठे भविष्यद्वक्ता जगत में निकल खड़े हुए हैं।
- Philippians 1:6 फिलिप्पियों 1:6और मुझे इस बात का भरोसा है, कि जिस ने तुम में अच्छा काम आरम्भ किया है, वही उसे यीशु मसीह के दिन तक पूरा करेगा।
- 1 Thessalonians 5:21 1 थिस्सलुनीकियों 5:21सब बातों को परखो: जो अच्छी है उसे पकड़े रहो।
- Matthew 16:23 मत्ती 16:23उस ने फिरकर पतरस से कहा, हे शैतान, मेरे साम्हने से दूर हो: तू मेरे लिये ठोकर का कारण है; क्योंकि तू परमेश्वर की बातें नहीं, पर मनुष्यों की बातों पर मन लगाता है।
- 1 Corinthians 1:8 1 कुरिन्थियों 1:8वह तुम्हें अन्त तक दृढ़ भी करेगा, कि तुम हमारे प्रभु यीशु मसीह के दिन में निर्दोष ठहरो।
- Ephesians 5:27 इफिसियों 5:27और उसे एक ऐसी तेजस्वी कलीसिया बनाकर अपने मास खड़ी करे, जिस में न कलंक, न झुर्री, न कोई ऐसी वस्तु हो, बरन पवित्रा और निर्दोष हो।
- Joshua 24:14 यहोशू 24:14इसलिये अब यहोवा का भय मानकर उसकी सेवा खराई और सच्चाई से करो; और जिन देवताओं की सेवा तुम्हारे पुरखा महानद के उस पार और मि में करते थे, उन्हें दूर करके यहोवा की सेवा करो।
Original words (Greek)
- That · G1381δοκιμάζω dokimázō
- ye · G5209ὑμᾶς hymâs
- things · G1381δοκιμάζω dokimázō
- excellent · G1308διαφέρω diaphérō
- that · G2443ἵνα hína
- be · G5600ὦ ō
- sincere · G1506εἰλικρινής eilikrinḗs
- and · G2532καί kaí
- offence · G677ἀπρόσκοπος apróskopos
- till · G1519εἰς eis
- day · G2250ἡμέρα hēméra
- Christ · G5547Χριστός Christós