Ephesians · chapter 5 · verse 10
Ephesians 5:10 in Hindi
और यह परखो, कि प्रभु को क्या भाता है?
Aur yah parakho, ki prabhu ko kyaa bhaataa hai?
Ephesians 5:10 in English
- King James Version (KJV)
- Proving what is acceptable unto the Lord.
- World English Bible (WEB)
- proving what is well pleasing to the Lord.
- American Standard Version (ASV)
- proving what is well-pleasing unto the Lord;
- Bible in Basic English (BBE)
- Testing by experience what is well-pleasing to the Lord;
- Darby Translation (DBY)
- proving what is agreeable to the Lord;
- Webster's Bible (WBS)
- Proving what is acceptable to the Lord.
- Young's Literal Translation (YLT)
- proving what is well-pleasing to the Lord,
Read in context
- 8क्योंकि तुम तो पहले अन्धकार थे परन्तु अब प्रभु में ज्योति हो, सो ज्योति की सन्तान की नाई चलो।
- 9(क्योंकि ज्योंति का फल सब प्रकार की भलाई, और धार्मिकता, और सत्य है)।
- 10और यह परखो, कि प्रभु को क्या भाता है?
- 11और अन्धकार के निष्फल कामों में सहभागी न हो, बरन उन पर उलाहना दो।
- 12क्योंकि उन के गुप्त कामों की चर्चा भी लाज की बात है।
Cross references
- Romans 12:1–2 रोमियों 12:1–2इसलिये हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिला कर बिनती करता हूं, कि अपने शरीरो कों जीवित, और पवित्रा, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान करके चढ़ाओ: यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है। और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल- चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो।।
- Hebrews 12:28 इब्रानियों 12:28इस कारण हम इस राज्य को पाकर जो हिलने का नहीं, उस अनुग्रह को हाथ से न जाने दें, जिस के द्वारा हम भक्ति, और भय सहित, परमेश्वर की ऐसी आराधना कर सकते हैं जिस से वह प्रसन्न होता है।
- Psalm 19:14 भजन संहिता 19:14मेरे मुंह के वचन और मेरे हृदय का ध्यान तेरे सम्मुख ग्रहण योग्य हों, हे यहोवा परमेश्वर, मेरी चट्टान और मेरे उद्धार करनेवाले!
- 1 Peter 2:5 1 पतरस 2:5तुम भी आप जीवते पत्थरों की नाई आत्मिक घर बनते जाते हो, जिस से याजकों का पवित्रा समाज बनकर, ऐसे आत्मिक बलिदान चढ़ाओ, जो यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर को ग्राह्य हो।
- 1 Peter 2:20 1 पतरस 2:20क्योंकि यदि तुम ने अपराध करके घूसे खाए और धीरज धरा, तो उस में क्या बड़ाई की बात है? पर यदि भला काम करके दुख उठाते हो और धीरज धरते हो, तो यह परमेश्वर को भाता है।
- 1 Thessalonians 5:21 1 थिस्सलुनीकियों 5:21सब बातों को परखो: जो अच्छी है उसे पकड़े रहो।
- Proverbs 21:3 नीतिवचन 21:3धर्म और न्याय करना, यहोवा को बलिदान से अधिक अच्छा लगता है।
- 1 Timothy 2:3 1 तीमुथियुस 2:3यह हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर को अच्छा लगता, और भाता भी है।
- Philippians 1:10 फिलिप्पियों 1:10यहां तक कि तुम उत्तम से उत्तम बातों को प्रिय जानो, और मसीह के दिन तक सच्चे बने रहो; और ठोकर न खाओ।
- Romans 14:18 रोमियों 14:18जो पवित्राआत्मा से होता है और जो कोई इस रीति से मसीह की सेवा करता है, वह परमेश्वर को भाता है और मनुष्यों में ग्रहणयोग्य ठहरता है।
- Jeremiah 6:20 यिर्मयाह 6:20मेरे लिये जो लोबान शबा से, और सुगन्धित नरकट जो दूर देश से आता है, इसका क्या प्रयोजन है? तुम्हारे होमबलियों से मैं प्रसन्न नहीं हूँ, और न तुम्हारे मेलबलि मुझे मीठे लगते हैं।
- 1 Timothy 5:4 1 तीमुथियुस 5:4और यदि किसी विधवा के लड़केबाले या नातीपोते हों, तो वे पहिले अपने ही घराने के साथ भक्ति का बर्ताव करना, और अपने माता- पिता आदि को उन का हक देना सीखें, क्योंकि यह परमेश्वर को भाता है।