1 Thessalonians · chapter 5 · verse 21
1 Thessalonians 5:21 in Hindi
सब बातों को परखो: जो अच्छी है उसे पकड़े रहो।
Sab baatom ko parakho: jo achchhee hai use pakade raho.
1 Thessalonians 5:21 in English
- King James Version (KJV)
- Prove all things; hold fast that which is good.
- World English Bible (WEB)
- Test all things, and hold firmly that which is good.
- American Standard Version (ASV)
- prove all things; hold fast that which is good;
- Bible in Basic English (BBE)
- Let all things be tested; keep to what is good;
- Darby Translation (DBY)
- but prove all things, hold fast the right;
- Webster's Bible (WBS)
- Prove all things; hold fast that which is good.
- Young's Literal Translation (YLT)
- all things prove; that which is good hold fast;
Read in context
- 19आत्मा को न बुझाओ।
- 20भविष्यद्वाणियों को तुच्छ न जानो।
- 21सब बातों को परखो: जो अच्छी है उसे पकड़े रहो।
- 22सब प्रकार की बुराई से बचे रहो।।
- 23शान्ति का परमेश्वर आप ही तुम्हें पूरी रीति से पवित्रा करे; और तुम्हारी आत्मा और प्राण और देह हमारे प्रभु यीशु मसीह के आने तक पूरे पूरे और निर्दोष सुरक्षित रहें।
Cross references
- 1 John 4:1 1 यूहन्ना 4:1हे प्रियों, हर एक आत्मा की प्रतीति न करो: बरन आत्माओं को परखो, कि वे परमेश्वर की ओर से हैं कि नहीं; क्योंकि बहुत से झूठे भविष्यद्वक्ता जगत में निकल खड़े हुए हैं।
- Romans 12:2 रोमियों 12:2और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल- चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो।।
- Ephesians 5:10 इफिसियों 5:10और यह परखो, कि प्रभु को क्या भाता है?
- Luke 12:57 लूका 12:57और तुम आप ही निर्णय क्यों नहीं कर लेते, कि उचित क्या है?
- Acts 17:11 प्रेरितों के काम 17:11ये लोग तो थिस्सलुनीके के यहूदियों से भले थे और उन्हों ने बड़ी लालसा से वचन ग्रहण किया, और प्रति दिन पवित्रा शास्त्रों में ढूंढ़ते रहे कि ये बातें योहीं हैं, कि नहीं।
- Philippians 4:8 फिलिप्पियों 4:8निदान, हे भाइयों, जो जो बातें सत्य हैं, और जो जो बातें आदरनीय हैं, और जो जो बातें उचित हैं, और जो जो बातें पवित्रा हैं, और जो जो बातें सुहावनी हैं, और जो जो बातें मनभावनी हैं, निदान, जो जो सदगुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्हीं पर ध्यान लगया करो।
- Romans 12:9 रोमियों 12:9प्रेम निष्कपट हो; बुराई से घृणा करो; भलाई मे लगे रहो।
- 1 Corinthians 2:14–15 1 कुरिन्थियों 2:14–15परनतु शारीरिक मनुष्य परमेश्वर के आत्मा की बातें ग्रहण नहीं करता, क्योंकि वे उस की दृष्टि में मूर्खता की बातें हैं, और न वह उन्हें जान सकता है क्योंकि उन की जांच आत्मिक रीति से होती है। आत्मिक जन सब कुछ जांचता है, परन्तु वह आप किसी से जांचा नहीं जाता।
- Revelation 3:3 प्रकाशितवाक्य 3:3सो चेत कर, कि तु ने किस रीति से शिक्षा प्राप्त की और सुनी थी, और उस में बना रह, और मन फिरा: और यदि तू जागृत न रहेगा, तो मैं चोर की नाई आ जाऊंगा और तू कदापि न जान सकेगा, कि मैं किस घड़ी तुझ पर आ पडूंगा।
- 1 Corinthians 15:58 1 कुरिन्थियों 15:58सो हे मेरे प्रिय भाइयो, दृढ़ और अटल रहो, और प्रभु के काम में सर्वदा बढ़ते जाओ, क्योंकि यह जानते हो, कि तुम्हारा परिश्रम प्रभु में व्यर्थ नहीं है।।
- Philippians 3:16 फिलिप्पियों 3:16सो जहां तक हम पहुंचे हैं, उसी के अनुसार चलें।।
- Matthew 7:15–20 मत्ती 7:15–20झूठे भविष्यद्वक्ताओं से सावधान रहो, जो भेड़ों के भेष में तुम्हारे पास आते हैं, परन्तु अन्तर में फाड़नेवाले भेड़िए हैं। उन के फलों से तुम उन्हें पहचान लोगे क्या झाड़ियों से अंगूर, वा ऊंटकटारों से अंजीर तोड़ते हैं? इसी प्रकार हर एक अच्छा पेड़ अच्छा फल लाता है और निकम्मा पेड़ बुरा फल लाता है। अच्छा पेड़ बुरा फल नहीं ला सकता, और न निकम्मा पेड़ अच्छा फल ला सकता है। जो जो पेड़ अच्छा फल नहीं लाता, वह काटा और आग में डाला जाता है। सो उन के फलों से तुम उन्हें पहचान लोगे।