Philippians · chapter 4 · verse 5
Philippians 4:5 in Hindi
तुम्हारी कोमलता सब मनुष्यों पर प्रगट हो: प्रभु निकट है।
Tumhaaree komalataa sab manushyom par pragat ho: prabhu nikat hai.
Philippians 4:5 in English
- King James Version (KJV)
- Let your moderation be known unto all men. The Lord [is] at hand.
- World English Bible (WEB)
- Let your gentleness be known to all men. The Lord is at hand.
- American Standard Version (ASV)
- Let your forbearance be known unto all men. The Lord is at hand.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let your gentle behaviour be clear to all men. The Lord is near.
- Darby Translation (DBY)
- Let your gentleness be known of all men. The Lord [is] near.
- Webster's Bible (WBS)
- Let your moderation be known to all men. The Lord [is] at hand.
- Young's Literal Translation (YLT)
- let your forbearance be known to all men; the Lord [is] near;
Read in context
- 3और हे सच्चे सहकर्मी मैं तुझ से भी बिनती करता हूं, कि तू उन स्त्रियों की सहयता कर, क्योंकि उन्हों ने मेरे साथ सुसमाचार फैलाने में, क्लेमेंस और मेरे उन और सहकर्मियों समेत परिश्रम किया, जिन के नाम जीवन की पुस्तक में लिखे हुए हैं।
- 4प्रभु में सदा आनन्दित रहो; मैं फिर कहता हूं, आनन्दित रहो।
- 5तुम्हारी कोमलता सब मनुष्यों पर प्रगट हो: प्रभु निकट है।
- 6किसी भी बात की चिन्ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं।
- 7तब परमेश्वर की शान्ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित रखेगी।।
Cross references
- James 5:8–9 याकूब 5:8–9तुम भी धीरज धरो, और अपने हृदय को दृढ़ करो, क्योंकि प्रभु का शुभागमन निकट है। हे भाइयों, एक दूसरे पर दोष न लगाओ ताकि तुम दोषी न ठहरो, देखो, हाकिम द्वार पर खड़ा है।
- Matthew 6:25 मत्ती 6:25इसलिये मैं तुम से कहता हूं, कि अपने प्राण के लिये यह चिन्ता न करना कि हम क्या खाएंगे? और क्या पीएंगे? और न अपने शरीर के लिये कि क्या पहिनेंगे? क्या प्राण भोजन से, और शरीर वस्त्रा से बढ़कर नहीं?
- Titus 3:2 तीतुस 3:2किसी को बदनाम न करें; झगडालू न हों: पर कोमल स्वभाव के हों, और सब मनुष्यों के साथ बड़ी नम्रता के साथ रहें।
- Hebrews 10:37 इब्रानियों 10:37क्योंकि अब बहुत ही थोड़ा समय रह गया है जब कि आनेवाला आएगा, और देर न करेगा।
- 1 Peter 4:7 1 पतरस 4:7सब बातों का अन्त तुरन्त होनेवाला है; इसलिये संयमी होकर प्रार्थना के लिये सचेत रहो।
- Revelation 22:7 प्रकाशितवाक्य 22:7देख, मैं शीघ्र आनेवाला हूं; धन्य है वह, जो इस पुस्तक की भविष्यद्वाणी की बातें मानता है।।
- 1 Corinthians 6:7 1 कुरिन्थियों 6:7परन्तु सचमुच तुम में बड़ा दोष तो यह है, कि आपस में मुक मा करते हो: बरन अन्याय क्यों नहीं सहते? अपनी हानि क्यों नहीं सहते?
- Hebrews 10:25 इब्रानियों 10:25और एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना ने छोड़ें, जैसे कि कितनों की रीति है, पर एक दूसरे को समझाते रहें; और ज्यों ज्यों उस दिन को निकट आते देखो, त्यों त्यों और भी अधिक यह किया करो।।
- 1 Corinthians 8:13 1 कुरिन्थियों 8:13इस कारण यदि भोजन मेरे भाई को ठोकर खिलाए, तो मैं कभी किसी रीति से मांस न खाऊंगा, न हो कि मैं अपने भाई के ठोकर का कारण बनूं।
- 2 Peter 3:8–14 2 पतरस 3:8–14हे प्रियों, यह एक बात तुम से छिपी न रहे, कि प्रभु के यहां एक दिन हजार वर्ष के बराबर है, और हजार वर्ष एक दिन के बराबर हैं। प्रभु अपनी प्रतिज्ञा के विषय में देर नहीं करता, जैसी देर कितने लोग समझते हैं; पर तुम्हारे विषय में धीरज धरता है, और नहीं चाहता, कि कोई नाश हो; बरन यह कि सब को मन फिराव का अवसर मिले। परन्तु प्रभु का दिन चोर की नाईं आ जाएगा, उस दिन आकाश बड़ी हड़हड़ाहट के शब्द से जाता रहेगा, और तत्व बहुत ही तप्त होकर पिघल जाएंगे, और पृथ्वी और उस पर के काम जल जाएेंगे। तो जब कि ये सब वस्तुएं, इस रीति से पिघलनेवाली हैं, तो तुम्हें पवित्रा चालचलन और भक्ति में कैसे मनुष्य होना चाहिए। और परमेश्वर के उस दिन की बाट किस रीति से जोहना चाहिए और उसके जल्द आने के लिये कैसा यत्न करना चाहिए; जिस के कारण आकाश आग से पिघल जाएंगे, और आकाश के गण बहुत ही तप्त होकर गल जाएंगे। पर उस की प्रतिज्ञा के अनुसार हम एक नए आकाश और नई पृथ्वी की आस देखते हैं जिन में धार्मिकता वास करेगी।। इसलिये, हे प्रियो, जब कि तुम इन बातों की आस देखते हो तो यत्न करो कि तुम शान्ति से उसके साम्हने निष्कलंक और निर्दोष ठहरो।
- Hebrews 13:5–6 इब्रानियों 13:5–6तुम्हारा स्वभाव लोभरहित हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उस ने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। इसलिये हम बेधड़क होकर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है।।
- Matthew 6:34 मत्ती 6:34सो कल के लिये चिन्ता न करो, क्योकि कल का दिन अपनी चिन्ता आप कर लेगा; आज के लिये आज ही का दुख बहुत है।।