Proverbs · chapter 12 · verse 13
Proverbs 12:13 in Hindi
बुरा मनुष्य अपने दुर्वचनों के कारण फन्दे में फंसता है, परन्तु धर्मी संकट से निकास पाता है।
Buraa manushy apane durvachanom ke kaaran phande mem phansataa hai, parantu dharmee sankat se nikaas paataa hai.
Proverbs 12:13 in English
- King James Version (KJV)
- The wicked is snared by the transgression of [his] lips: but the just shall come out of trouble.
- World English Bible (WEB)
- An evil man is trapped by sinfulness of lips, but the righteous shall come out of trouble.
- American Standard Version (ASV)
- In the transgression of the lips is a snare to the evil man; But the righteous shall come out of trouble.
- Bible in Basic English (BBE)
- In the sin of the lips is a net which takes the sinner, but the upright man will come out of trouble.
- Darby Translation (DBY)
- In the transgression of the lips is an evil snare; but a righteous [man] shall go forth out of trouble.
- Webster's Bible (WBS)
- The wicked is snared by the transgression of [his] lips: but the just shall come out of trouble.
- Young's Literal Translation (YLT)
- In transgression of the lips [is] the snare of the wicked, And the righteous goeth out from distress.
Read in context
- 11जो अपनी भूमि को जोतता, वह पेट भर खाता है, परन्तु जो निकम्मों की संगति करता, वह निर्बुद्धि ठहरता है।
- 12दुष्ट जन बुरे लोगों के जाल की अभिलाषा करते हैं, परन्तु धर्मियों की जड़ हरी भरी रहती है।
- 13बुरा मनुष्य अपने दुर्वचनों के कारण फन्दे में फंसता है, परन्तु धर्मी संकट से निकास पाता है।
- 14सज्जन अपने वचनों के फल के द्वारा भलाई से तृप्त होता है, और जैसी जिसकी करनी वैसी उसकी भरनी होती है।
- 15मूढ़ को अपनी ही चाल सीधी जान पड़ती है, परन्तु जो सम्मति मानता, वह बुद्धिमान है।
Cross references
- Proverbs 21:23 नीतिवचन 21:23जो अपने मुंह को वश में रखता है वह अपने प्राण को विपत्तियों से बचाता है।
- Psalm 64:8 भजन संहिता 64:8वे अपने ही वचनों के कारण ठोकर खाकर गिर पड़ेंगे; जितने उन पर दृष्टि करेंगे वे सब अपने अपने सिर हिलाएंगे
- Proverbs 11:8 नीतिवचन 11:8धर्मी विपत्ति से छूट जाता है, परन्तु दुष्ट उसी विपत्ति में पड़ जाता है।
- Daniel 6:24 दानिय्येल 6:24और राजा ने आज्ञा दी कि जिन पुरूषों ने दानिरयेल की चुगली खाई थी, वे अपने अपने लड़केबालों और स्त्रियों समेत लाकर सिंहों के गड़हे में डाल दिए जाएं; और वे गड़हे की पेंदी तक भी न पहुंचे कि सिंहों ने उन पर झपटकर सब हडि्डयों समेत उनको चबा डाला।।
- Proverbs 6:2 नीतिवचन 6:2तो तू अपने ही मूंह के वचनों से फंसा, और अपने ही मुंह की बातों से पकड़ा गया।
- 2 Peter 2:9 2 पतरस 2:9तो प्रभु के भक्तों को परीक्षा में से निकाल लेना और अधर्मियों को न्याय के दिन तक दण्ड की दशा में रखना भी जानता है।
- Proverbs 18:6–7 नीतिवचन 18:6–7बात बढ़ाने से मूर्ख मुक मा खड़ा करता है, और अपने को मार खाने के योग्य दिखाता है। मूर्ख का विनाश उसकी बातों से होता है, और उसके वचन उसके प्राण के लिये फन्दे होते हैं।
- Ecclesiastes 7:18 सभोपदेशक 7:18यह अच्छा है कि तू इस बात को पकड़े रहे; ओर उस बात पर से भी हाथ न उठाए; क्योंकि जो परमेश्वर का भय मानता है वह इन सब कठिनाइयों से पार जो जाएगा।।
- Psalm 34:19 भजन संहिता 34:19धर्मी पर बहुत सी विपत्तियां पड़ती तो हैं, परन्त यहोवा उसको उन सब से मुक्त करता है।
- 1 Kings 2:23 1 राजा 2:23और राजा सुलैमान ने यहोवा की शपथ खाकर कहा, यदि अदोनिरयाह ने यह बात अपने प्राण पर खेलकर न कही हो तो परमेश्वर मुझ से वैसा ही क्या वरन उस से भी अधिक करे।
- Psalm 5:6 भजन संहिता 5:6तू उन को जो झूठ बोलते हैं नाश करेगा; यहोवा तो हत्यारे और छली मनुष्य से घृणा करता है।
- 2 Samuel 4:9 2 शमूएल 4:9दाऊद ने बेरोती रिम्मोन के पुत्रा रेकाब और उसके भाई बाना को उत्तर देकर उन से कहा, यहोवा जो मेरे प्राण को सब विपत्तियों से छुड़ाता आया है, उसके जीवन की शपथ,