Proverbs · chapter 15 · verse 26
Proverbs 15:26 in Hindi
बुरी कल्पनाएं यहोवा को घिनौनी लगती हैं, परन्तु शुद्ध जन के वचन मनभावने हैं।
Buree kalpanaaem yahovaa ko ghinaunee lagatee haim, parantu shuddh jan ke vachan manabhaavane hain.
Proverbs 15:26 in English
- King James Version (KJV)
- The thoughts of the wicked [are] an abomination to the LORD: but [the words] of the pure [are] pleasant words.
- World English Bible (WEB)
- The LORD detests the thoughts of the wicked, but the thoughts of the pure are pleasing.
- American Standard Version (ASV)
- Evil devices are an abomination to Jehovah; But pleasant words [are] pure.
- Bible in Basic English (BBE)
- Evil designs are disgusting to the Lord, but the words of the clean-hearted are pleasing.
- Darby Translation (DBY)
- The thoughts of the evil [man] are an abomination to Jehovah; but pure words are pleasant.
- Webster's Bible (WBS)
- The thoughts of the wicked [are] an abomination to the LORD: but [the words] of the pure [are] pleasant words.
- Young's Literal Translation (YLT)
- An abomination to Jehovah [are] thoughts of wickedness, And pure [are] sayings of pleasantness.
Read in context
- 24बुद्धिमान के लिये जीवन का मार्ग ऊपर की ओर जाता है, इस रीति से वह अधोलोक में पड़ने से बच जाता है।
- 25यहोवा अहंकारियों के घर को ढा देता है, परन्तु विधवा के सिवाने को अटल रखता है।
- 26बुरी कल्पनाएं यहोवा को घिनौनी लगती हैं, परन्तु शुद्ध जन के वचन मनभावने हैं।
- 27लालची अपने घराने को दु:ख देता है, परन्तु घूस से घृणा करनेवाला जीवित रहता है।
- 28धर्मी मन में सोचता है कि क्या उत्तर दूं, परन्तु दुष्टों के मुंह से बुरी बातें उबल आती हैं।
Cross references
- Proverbs 6:16–19 नीतिवचन 6:16–19छ: वस्तुओं से यहोवा बैर रखता है, वरन सात हैं जिन से उसको धृणा है' अर्थात् घमण्ड से चढ़ी हुई आंखें, झूठ बोलनेवाली जीभ, और निर्दोष का लोहू बहानेवाले हाथ, अनर्थ कल्पना गढ़नेवाला मन, बुराई करने को वेग दौड़नेवाले पांव, झूठ बोलनेवाला साक्षी और भाइयों के बीच में झगड़ा उत्पन्न करनेवाला मनुष्य।
- Proverbs 15:23 नीतिवचन 15:23सज्जन उत्तर देने से आनन्दित होता है, और अवसर पर कहा हुआ वचन क्या ही भला होता है!
- Jeremiah 4:14 यिर्मयाह 4:14हे यरूशलेम, अपना हृदय बुराई से धो, कि, तुम्हारा उठ्ठार हो जाए। तुम कब तक व्यर्थ कल्पनाएं करते रहोगे?
- Matthew 12:34–37 मत्ती 12:34–37हे सांप के बच्चों, तुम बुरे होकर क्योंकर अच्छी बातें कह सकते हो? क्योंकि जो मन में भरा है, वही मुंह पर आता है। भला, मनुष्य मन के भले भण्डार से भली बातें निकालता है; और बुरा मनुष्य बुरे भण्डार से बुरी बातें निकालता है। और मै तुम से कहता हूं, कि जो जो निकम्मी बातें मनुष्य कहेंगे, न्याय के दिन हर एक बात का लेखा देंगे। क्योंकि तू अपनी बातों के कारण निर्दोष और अपनी बातों ही के कारण दोषी ठहराया जाएगा।।
- Psalm 37:30–31 भजन संहिता 37:30–31धर्मी अपने मुंह से बुद्धि की बातें करता, और न्याय का वचन कहता है। उसके परमेश्वर की व्यवस्था उसके हृदय में बनी रहती है, उसके पैर नहीं फिसलते।।
- Psalm 19:14 भजन संहिता 19:14मेरे मुंह के वचन और मेरे हृदय का ध्यान तेरे सम्मुख ग्रहण योग्य हों, हे यहोवा परमेश्वर, मेरी चट्टान और मेरे उद्धार करनेवाले!
- Psalm 45:1 भजन संहिता 45:1मेरा हृदय एक सुन्दर विषय की उमंग से उमण्ड रहा है, जो बात मैं ने राजा के विषय रची है उसको सुनाता हूं; मेरी जीभ निपुण लेखक की लेखनी बनी है।
- Matthew 15:19 मत्ती 15:19क्योंकि कुचिन्ता, हत्या, परस्त्रीगमन, व्यभिचार, चोरी, झूठी गवाही और निन्दा मन ही से निकलती है।
- Proverbs 24:9 नीतिवचन 24:9मूर्खता का विचार भी पाप है, और ठट्ठा करनेवाले से मनुष्य घृणा करते हैं।।