Proverbs · chapter 15 · verse 5
Proverbs 15:5 in Hindi
मूढ़ अपने पिता की शिक्षा का तिरस्कार करता है, परन्तु जो डांट को मानता, वह चतुर हो जाता है।
Moodh apane pitaa kee shikshaa kaa tiraskaar karataa hai, parantu jo daant ko maanataa, vah chatur ho jaataa hai.
Proverbs 15:5 in English
- King James Version (KJV)
- A fool despiseth his father’s instruction: but he that regardeth reproof is prudent.
- World English Bible (WEB)
- A fool despises his father’s correction, but he who heeds reproof shows prudence.
- American Standard Version (ASV)
- A fool despiseth his father’s correction; But he that regardeth reproof getteth prudence.
- Bible in Basic English (BBE)
- A foolish man puts no value on his father's training; but he who has respect for teaching has good sense.
- Darby Translation (DBY)
- A fool despiseth his father's instruction; but he that regardeth reproof becometh prudent.
- Webster's Bible (WBS)
- A fool despiseth his father's instruction: but he that regardeth reproof is prudent.
- Young's Literal Translation (YLT)
- A fool despiseth the instruction of his father, And whoso is regarding reproof is prudent.
Read in context
- 3यहोवा की आंखें सब स्थानों में लगी रहती हैं, वह बुरे भले दोनों को देखती रहती हैं।
- 4शान्ति देनेवाली बात जीवन- वृक्ष है, परन्तु उलट फेर की बात से आत्मा दु:खित होती है।
- 5मूढ़ अपने पिता की शिक्षा का तिरस्कार करता है, परन्तु जो डांट को मानता, वह चतुर हो जाता है।
- 6धर्मी के घर में बहुत धन रहता है, परन्तु दुष्ट के उपार्जन में दु:ख रहता है।
- 7बुद्धिमान लोग बातें करने से ज्ञान को फैलाते हैं, परन्तु मूर्खों का मन ठीक नहीं रहता।
Cross references
- Proverbs 15:31–32 नीतिवचन 15:31–32जो जीवनदायी डांट कान लगाकर सुनता है, वह बुद्धिमानों के संग ठिकाना पाता है। जो शिक्षा को सुनी- अनसुनी करता, वह अपने प्राण को तुच्छ जानता है, परन्तु जो डांट को सुनता, वह बुद्धि प्राप्त करता है।
- Proverbs 13:18 नीतिवचन 13:18जो शिक्षा को सुनी- अनसुनी करता वह निर्धन होता और अपमान पाता है, परन्तु जो डांट को मानता, उसकी महिमा होती है।
- Proverbs 13:1 नीतिवचन 13:1बुद्धिमान पुत्रा पिता की शिक्षा सुनता है, परन्तु ठट्ठा करनेवाला घुड़की को भी नहीं सुनता।
- Proverbs 19:20 नीतिवचन 19:20सम्मति को सुन ले, और शिक्षा को ग्रहण कर, कि तू अन्तकाल में बुद्धिमान ठहरे।
- Titus 2:15 तीतुस 2:15पूरे अधिकार के साथ ये बातें कह और समझा और सिखाता रह: कोई तुझे तुच्द न जानने पाए।।
- 1 Chronicles 28:20 1 इतिहास 28:20फिर दाऊद ने अपने पुत्रा सुलैमान से कहा, हियाव बान्ध और दृढ़ होकर इस काम में लग जा। मत डर, और तेरा मन कच्चा न हो, क्योंकि यहोवा परमेश्वर जो मेरा परमेश्वर है, वह तेरे संग है; और जब तक यहोवा के भवन में जितना काम करना हो वह न हो चुके, तब तक वह न तो तुझे धोखा देगा और न तुझे त्यागेगा।
- 1 Chronicles 22:11–13 1 इतिहास 22:11–13अब हे मेरे पुत्रा, यहोवा तेरे संग रहे, और तू कृतार्थ होकर उस वचन के अनुसार जो तेरे परमेश्वर यहोवा ने तेरे विषय कहा है, उसका भवन बनाना। अब यहोवा तुझे बुध्दि और समझ दे और इस्राएल का अधिकारी ठहरा दे, और तू अपने परमेश्वर यहोवा की रयवस्था को मानता रहे। तू तब ही कृतार्थ होगा जब उन विधियों और नियमों पर चलने की चौकसी करेगा, जिनकी आज्ञा यहोवा ने इस्राएल के लिये मूसा को दी थी। हियाब बान्ध और दृढ़ हो। मत डर; और तेरा मन कच्चा न हो।
- Psalm 141:5 भजन संहिता 141:5धर्मी मुझ को मारे तो यह कुपा मानी जाएगी, और वह मुझे ताड़ना दे, तो यह मेरे सिर पर का लेत ठहरेगा; मेरा सिर उस से इन्कार न करेगा।। लोगों के बुरे काम करने पर भी मैं प्रार्थना में लवलीन रहूंगा।
- Titus 1:13 तीतुस 1:13यह गवाही सच है, इसलिये उनहें कड़ाई से चितौनी दिया कर, कि वे विश्वास में पक्के हो जाएं।
- 1 Chronicles 28:9 1 इतिहास 28:9और हे मेरे पुत्रा सुलैमान! तू अपने पिता के परमेश्वर का ज्ञान रख, और खरे मन और प्रसन्न जीव से उसकी सेवा करता रह; क्योंकि यहोवा मन को जांचता और विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है उसे समझता है। यदि तू उसकी खोज में रहे, तो वह तुझ को मिलेगा; परन्तु यदि तू उसको त्याग दे तो वह सदा के लिये तुझ को छोड़ देगा।
- Proverbs 10:1 नीतिवचन 10:1सुलैमान के नीतिवचन।। बुद्धिमान पुत्रा से पिता आनन्दित होता है, परन्तु मूर्ख पुत्रा के कारण माता उदास रहती है।
- 1 Samuel 2:23–25 1 शमूएल 2:23–25तब उस ने उन से कहा, तुम ऐसे ऐसे काम क्यों करते हो? मैं तो इन सब लोगों से तुम्हारे कुकर्मों की चर्चा सुना करता हूं। हे मेरे बेटों, ऐसा न करो, क्योंकि जो समाचार मेरे सुनने में आता है वह अच्छा नहीं; तुम तो यहोवा की प्रजा से अपराध कराते हो। यदि एक मनुष्य दूसरे मनुष्य का अपराध करे, तब तो परमेश्वर उसका न्याय करेगा; परन्तु यदि कोई मनुष्य यहोवा के विरूद्ध पाप करे, तो उसके लिये कौन बिनती करेगा? तौभी उन्हों ने अपने पिता की बात न मानी; क्योंकि यहोवा की इच्छा उन्हें मार डालने की थी।