Titus · chapter 1 · verse 13
Titus 1:13 in Hindi
यह गवाही सच है, इसलिये उनहें कड़ाई से चितौनी दिया कर, कि वे विश्वास में पक्के हो जाएं।
Yah gavaahee sach hai, isaliye unahem kadaaee se chitaunee diyaa kar, ki ve vishvaas mem pakke ho jaaen.
Titus 1:13 in English
- King James Version (KJV)
- This witness is true. Wherefore rebuke them sharply, that they may be sound in the faith;
- World English Bible (WEB)
- This testimony is true. For this cause, reprove them sharply, that they may be sound in the faith,
- American Standard Version (ASV)
- This testimony is true. For which cause reprove them sharply, that they may be sound in the faith,
- Bible in Basic English (BBE)
- This witness is true. So say sharp words to them so that they may come to the right faith,
- Darby Translation (DBY)
- This testimony is true; for which cause rebuke them severely, that they may be sound in the faith,
- Webster's Bible (WBS)
- This testimony is true: wherefore rebuke them sharply, that they may be sound in the faith;
- Young's Literal Translation (YLT)
- this testimony is true; for which cause convict them sharply, that they may be sound in the faith,
Read in context
- 11इन का मुंह बन्द करना चाहिए: ये लोग नीच कमाई के लिये अनुचित बातें सिखाकर घर के घर बिगाड़ देते हैं।
- 12उन्हीं में से एक जन ने जो उन्हीं भविष्यद्क्ता हैं, कहा है, कि क्रेती लोग सदा झूठे, दुष्ट पशु और आलसी पेटू होते हैं।
- 13यह गवाही सच है, इसलिये उनहें कड़ाई से चितौनी दिया कर, कि वे विश्वास में पक्के हो जाएं।
- 14और वे यहूदियों की कथा कहानियों और उन मनुष्यों की आज्ञाओं पर मन न लगाएं, जो सत्य से भटक जाते हैं।
- 15शुद्ध लोगों के लिये सब वस्तु शुद्ध हैं, पर अशुद्ध और अविश्वासियों के लिये कुछ भी शुद्ध नहीं: बरन उन की बुद्धि और विवेक दोनों अशुद्ध हैं।
Cross references
- 1 Timothy 5:20 1 तीमुथियुस 5:20पाप करनेवालों को सब के साम्हने समझा दे, ताकि और लोग भी डरें।
- Titus 2:2 तीतुस 2:2अर्थात् बूढ़े पुरूष, सचेत और गम्भीर और संयमी हों, और उन का विश्वास और प्रेम और धीरज पक्का हो।
- Titus 2:15 तीतुस 2:15पूरे अधिकार के साथ ये बातें कह और समझा और सिखाता रह: कोई तुझे तुच्द न जानने पाए।।
- 2 Timothy 4:2 2 तीमुथियुस 4:2कि तू वचन को प्रचार कर; समय और असमय तैयार रह, सब प्रकार की सहनशीलता, और शिक्षा के साथ उलाहना दे, और डांट, और समझा।
- Proverbs 27:5 नीतिवचन 27:5खुली हुई डांट गुप्त प्रेम से उत्तम है।
- 2 Corinthians 13:10 2 कुरिन्थियों 13:10इस कारण मैं तुम्हारे पीठ पीछे ये बातें लिखता हूं, कि उपस्थित होकर मुझे उस अधिकार के अनुसार जिसे प्रभु ने बिगाड़ने के लिये नहीं पर बनाने के लिये मुझे दिया है, कढ़ाई से कुछ करना न पडे।।
- 1 Timothy 4:6 1 तीमुथियुस 4:6यदि तू भाइयों को इन बातों की सुधि दिलाता रहेगा, तो मसीह यीशु का अच्छा सेवक ठहरेगा: और विश्वास और उस अच्छे उपदेश की बातों से, जा तू मानता आया है, तेरा पालन- पोषण होता रहेगा।
- 2 Corinthians 7:8–12 2 कुरिन्थियों 7:8–12क्योकि यद्यपि मैं ने अपनी पत्री से तुम्हें शोकित किया, परन्तु उस से पछताता नहीं जैसा कि पहिले पछताता था क्योंकि मैं देखता हूं, कि उस पत्री से तुम्हें शोक तो हुआ परन्तु वह थोड़ी देर के लिये था। अब मैं आनन्दित हूं पर इसलिये नहीं कि तुम को शोक पहुंचा बरन इसलिये कि तुम ने उस शोक के कारण मन फिराया, क्योंकि तुम्हारा शोक परमेश्वर की इच्छा के अनुसार था, कि हमारी ओर से तुम्हें किसी बात में हानि न पहुंचे। क्योंकि परमेश्वर- भक्ति का शोक ऐसा पश्चाताप उत्पन्न करता है जिस का परिणाम उद्धार है और फिर उस से पछताना नहीं पड़ता: परन्तु संसारी शोक मृत्यु उत्पन्न करता है। सो देखो, इसी बात से कि तुम्हेें परमेश्वर- भक्ति का शोक हुआ तुम में कितनी उत्तेजना और प्रत्यत्तर और रिस, और भय, और लालसा, और धुन और पलआ लेने का विचार उत्पन्न हुआ? तुम ने सब प्रकार से यह सिद्ध कर दिखाया, कि तुम इस बात में निर्दोष हो। फिर मैं ने जो तुम्हारे पास लिखा था, वह न तो उसके कारण लिखा, जिस ने अन्याय किया, और न उसके कारण जिस पर अन्याय किया गया, परन्तु इसलिये कि तुम्हारी उत्तेजना जो हमारे लिये है, वह परमेश्वर के साम्हने तुम पर प्रगट हो जाए।
- Psalm 141:5 भजन संहिता 141:5धर्मी मुझ को मारे तो यह कुपा मानी जाएगी, और वह मुझे ताड़ना दे, तो यह मेरे सिर पर का लेत ठहरेगा; मेरा सिर उस से इन्कार न करेगा।। लोगों के बुरे काम करने पर भी मैं प्रार्थना में लवलीन रहूंगा।
- Psalm 119:80 भजन संहिता 119:80मेरा मन तेरी विधियों के मानने में सिद्ध हो, ऐसा न हो कि मुझे लज्जित होना पड़े।।
- Leviticus 19:17 लैव्यव्यवस्था 19:17अपने मन में एक दूसरे के प्रति बैर न रखना; अपने पड़ोसी को अवश्य डांटना नहीं, तो उसके पाप का भार तुझ को उठाना पड़ेगा।