Proverbs · chapter 18 · verse 22
Proverbs 18:22 in Hindi
जिस ने स्त्री ब्याह ली, उस ने उत्तम पदार्थ पाया, और यहोवा का अनुग्रह उस पर हुआ है।
Jis ne stree byaah lee, us ne uttam padaarth paayaa, aur yahovaa kaa anugrah us par huaa hai.
Proverbs 18:22 in English
- King James Version (KJV)
- [Whoso] findeth a wife findeth a good [thing], and obtaineth favour of the LORD.
- World English Bible (WEB)
- Whoever finds a wife finds a good thing, and obtains favor of the LORD.
- American Standard Version (ASV)
- Whoso findeth a wife findeth a good thing, And obtaineth favor of Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- Whoever gets a wife gets a good thing, and has the approval of the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- Whoso hath found a wife hath found a good thing, and hath obtained favour from Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- [Whoever] findeth a wife findeth a good [thing] , and obtaineth favor from the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- [Whoso] hath found a wife hath found good, And bringeth out good-will from Jehovah.
Read in context
- 20मनुष्य का पेट मुंह की बातों के फल से भरता है; और बोलने से जो कुछ प्राप्त होता है उस से वह तृप्त होता है।
- 21जीभ के वश में मृत्यु और जीवन दोनों होते हैं, और जो उसे काम में लाना जानता है वह उसका फल भोगेगा।
- 22जिस ने स्त्री ब्याह ली, उस ने उत्तम पदार्थ पाया, और यहोवा का अनुग्रह उस पर हुआ है।
- 23निर्धन गिड़गिड़ाकर बोलता है। परन्तु धनी कड़ा उत्तर देता है।
- 24मित्रों के बढ़ाने से तो नाश होता है, परन्तु ऐसा मित्रा होता है, जो भाई से भी अधिक मिला रहता है।
Cross references
- Proverbs 19:14 नीतिवचन 19:14घर और धन पुरखाओं के भाग में, परन्तु बुद्धिमती पत्नी यहोवा ही से मिलती है।
- Proverbs 31:10–31 नीतिवचन 31:10–31भली पत्नी कौन पा सकता है? क्योंकि उसका मूल्य मूंगों से भी बहुत अधिक है। उसके पति के मन में उसके प्रति विश्वास है। और उसे लाभ की घटी नहीं होती। वह अपने जीवन के सारे दिनों में उस से बुरा नहीं, वरन भला ही व्यवहार करती है। वह ऊन और सन ढूंढ़ ढूंढ़कर, अपने हाथों से प्रसन्नता के साथ काम करती है। वह व्योपार के जहाजों की नाई अपनी भोजनवस्तुएं दूर से मंगवाती हैं। वह रात ही को उठ बैठती है, और अपने घराने को भोजन खिलाती है और अपनी लौण्डियों को अलग अलग काम देती है। वह किसी खेत के विषय में सोच विचार करती है और उसे मोल ले लेती है; और अपने परिश्रम के फल से दाख की बारी लगाती है। वह अपनी कटि को बल के फेंटे से कसती है, और अपनी बाहों को दृढ़ बनाती है। वह परख लेती है कि मेरा व्योपार लाभदायक है। रात को उसका दिया नहीं बुझता। वह अटेरन में हाथ लगाती है, और चरखा पकड़ती है। वह दीन के लिये मुट्ठी खोलती है, और दरिद्र के संभालने को हाथ बढ़ाती है। वह अपने घराने के लिये हिम से नहीं डरती, क्योंकि उसके घर के सब लोग लाल कपड़े पहिनते हैं। वह तकिये बना लेती है; उसके वस्त्रा सूक्ष्म सन और बैंजनी रंग के होते हैं। जब उसका पति सभा में देश के पुरनियों के संग बैठता है, तब उसका सन्मान होता है। वह सन के वस्त्रा बनाकर बेचती है; और व्योपारी को कमरबन्द देती है। वह बल और प्रताप का पहिरावा पहिने रहती है, और आनेवाले काल के विषय पर हंसती है। वह बुद्धि की बात बोलती है, और उसके वचन कृपा की शिक्षा के अनुसार होते हैं। वह अपने घराने के चालचलन को ध्यान से देखती है, और अपनी रोटी बिना परिश्रम नहीं खाती। उसके पुत्रा उठ उठकर उसको धन्य कहते हैं, उनका पति भी उठकर उसकी ऐसी प्रशंसा करता है: बहुत सी स्त्रियों ने अच्छे अच्छे काम तो किए हैं परन्तु तू उन सभों में श्रेष्ठ है। शोभा तो झूठी और सुन्दरता व्यर्थ है, परन्तु जो स्त्री यहोवा का भय मानती है, उसकी प्रशंसा की जाएगी। उसके हाथों के परिश्रम का फल उसे दो, और उसके कार्यों से सभा में उसकी प्रशंसा होगी।।
- Proverbs 12:4 नीतिवचन 12:4भली स्त्री अपने पति का मुकुट है, परन्तु जो लज्जा के काम करती वह मानो उसकी हडि्डयों के सड़ने का कारण होती है।
- Ecclesiastes 9:9 सभोपदेशक 9:9अपने व्यर्थ जीवन के सारे दिन जो उस ने सूर्य के नीचे तेरे लिये ठहराए हैं अपनी प्यारी पत्नी के संग में बिताना, क्योंकि तेरे जीवन और तेरे परिश्रम में जो तू सूर्य के नीचे करता है तेरा यही भाग है।
- 1 Corinthians 7:2 1 कुरिन्थियों 7:2परन्तु व्यभिचार के डर से हर एक पुरूष की पत्नी, और हर एक सत्री का पति हो।
- Proverbs 5:15–23 नीतिवचन 5:15–23तू अपने ही कुण्ड से पानी, और अपने ही कूंए से सोते का जल पिया करना। क्या तेरे सोतों का पानी सड़क में, और तेरे जल की धारा चौकों में बह जाने पाए? यह केवल तेरे ही लिये रहे, और तेरे संग औरों के लिये न हो। तेरा सोता धन्य रहे; और अपनी जवानी की पत्नी के साथ आनन्दित रह, प्रिय हरिणी वा सुन्दर सांभरनी के समान उसके स्तन सर्वदा तुझे संतुष्ट रखे, और उसी का प्रेम नित्य तुझे आकर्षित करता रहे। हे मेरे पुत्रा, तू अपरिचित स्त्री पर क्यों मोहित हो, और पराई को क्यों छाती से लगाए? क्योंकि मनुष्य के मार्ग यहोवा की दृष्टि से छिपे नहीं हैं, और वह उसके सब मार्गों पर ध्यान करता है। दुष्ट अपने ही अधर्म के कर्मों से फंसेगा, और अपने ही पाप के बन्धनों में बन्धा रहेगा। वह शिक्षा प्राप्त किए बिना मर जाएगा, और अपनी ही मूर्खता के कारण भटकता रहेगा।।
- Genesis 2:18 उत्पत्ति 2:18फिर यहोवा परमेश्वर ने कहा, आदम का अकेला रहना अच्छा नहीं; मै उसके लिये एक ऐसा सहायक बनाऊंगा जो उस से मेल खाए।
- Hosea 12:12 होशे 12:12याकूब अराम के मैदान में भाग गया था; वहां इस्राएल ने एक पत्नी के लिये सेवा की, और पत्नी के लिये वह चरवाही करता था।
- Proverbs 8:35 नीतिवचन 8:35क्योंकि जो मुझे पाता है, वह जीवन को पाता है, और यहोवा उस से प्रसन्न होता है।
- Genesis 29:20–21 उत्पत्ति 29:20–21सो याकूब ने राहेल के लिये सात बरस सेवा की; और वे उसको राहेल की प्रीति के कारण थोड़े ही दिनों के बराबर जान पड़े। तब याकूब ने लाबान से कहा, मेरी पत्नी मुझे दे, और मैं उसके पास जाऊंगा, क्योंकि मेरा समय पूरा हो गया है।
- Proverbs 3:4 नीतिवचन 3:4और तू परमेश्वर और मनुष्य दोनों का अनुग्रह पाएगा, तू अति बुद्धिमान होगा।।
- Genesis 24:67 उत्पत्ति 24:67तब इसहाक रिबका को अपनी माता सारा के तम्बू में ले आया, और उसको ब्याहकर उस से प्रेम किया: और इसहाक को माता की मृत्यु के पश्चात् शान्ति हुई।।