Proverbs · chapter 21 · verse 15
Proverbs 21:15 in Hindi
न्याय का काम, करना धर्मी को तो आनन्द, परन्तु अनर्थकारियों को विनाश ही का कारण जान पड़ता है।
Nyaay kaa kaam, karanaa dharmee ko to aanand, parantu anarthakaariyom ko vinaash hee kaa kaaran jaan padataa hai.
Proverbs 21:15 in English
- King James Version (KJV)
- [It is] joy to the just to do judgment: but destruction [shall be] to the workers of iniquity.
- World English Bible (WEB)
- It is joy to the righteous to do justice; but it is a destruction to the workers of iniquity.
- American Standard Version (ASV)
- It is joy to the righteous to do justice; But it is a destruction to the workers of iniquity.
- Bible in Basic English (BBE)
- It is a joy to the good man to do right, but it is destruction to the workers of evil.
- Darby Translation (DBY)
- It is joy to a righteous [man] to do what is right; but it is ruin for the workers of iniquity.
- Webster's Bible (WBS)
- [It is] joy to the just to do judgment: but destruction [shall be] to the workers of iniquity.
- Young's Literal Translation (YLT)
- To do justice [is] joy to the righteous, But ruin to workers of iniquity.
Read in context
- 13जो कंगाल की दोहाई पर कान न दे, वह आप पुकारेगा और उसकी सुनी न जाएगी।
- 14गुप्त में दी हुई भेंट से क्रोध ठण्डा होता है, और चुपके से दी हुई घूस से बड़ी जलजलाहट भी थामती है।
- 15न्याय का काम, करना धर्मी को तो आनन्द, परन्तु अनर्थकारियों को विनाश ही का कारण जान पड़ता है।
- 16जो मनुष्य बुद्धि के मार्ग से भटक जाए, उसका ठिकाना मरे हुओं के बीच में होगा।
- 17जो रागरंग से प्रीति रखता है, वह कंगाल होता है; और दो दाखमधु पीने और तेल लगाने से प्रीति रखता है, वह धनी नहीं होता।
Cross references
- Proverbs 10:29 नीतिवचन 10:29यहोवा खरे मनुष्य का गढ़ ठहरता है, परन्तु अनर्थकारियों का विनाश होता है।
- Matthew 7:23 मत्ती 7:23तब मैं उन से खुलकर कह दूंगा कि मैं ने तुम को कभी नहीं जाना, हे कुकर्म करनेवालों, मेरे पास से चले जाओ।
- Isaiah 64:5 यशायाह 64:5तू तो उन्हीं से मिलता है जो धर्म के काम हर्ष के साथ करते, और तेरे मार्गों पर चलते हुए तुझे स्मरण करते हैं। देख, तू क्रोधित हुआ था, क्योंकि हम ने पाप किया; हमारी यह दशा तो बहुत काल से है, क्या हमारा उद्धार हो सकता है?
- Ecclesiastes 3:12 सभोपदेशक 3:12मैं ने जान लिया है कि मनुष्यों के लिये आनन्द करने और जीवन भर भलाई करने के सियाव, और कुछ भी अच्छा नहीं;
- Matthew 13:41–42 मत्ती 13:41–42मनुष्य का पुत्रा अपने स्वर्गदूतों को भेजेगा, और वे उसके राज्य में से सब ठोकर के कारणों को और कुकर्म करनेवालों को इकट्ठा करेंगे। और उन्हें आग के कुंड में डालेंगे, वहां रोना और दांत पीसना होगा।
- Job 29:12–17 अय्यूब 29:12–17क्योंकि मैं दोहाई देनेवाले दीन जन को, और असहाय अनाथ को भी छुड़ाता था। जो नाश होने पर था मुझे आशीर्वाद देता था, और मेरे कारण विधवा आनन्द के मारे गाती थी। मैं धर्म को पहिने रहा, और वह मुझे ढांके रहा; मेरा न्याय का काम मेरे लिये बागे और सुन्दर पगड़ी का काम देता था। मैं अन्धों के लिये आंखें, और लंगड़ों के लिये पांव ठहरता था। दरिद्र लोगों का मैं पिता ठहरता था, और जो मेरी पहिचान का न था उसके मुक़ मे का हाल मैं पूछताछ करके जान लेता था। मैं कुटिल मनुष्यों की डाढ़ें तोड़ डालता, और उनका शिकार उनके मुंह से छीनकर बचा लेता था।
- Psalm 40:8 भजन संहिता 40:8हे मेरे परमेश्वर मैं तेरी इच्छा पूरी करने से प्रसन्न हूं; और तेरी व्यवस्था मेरे अन्त:करण में बनी है।।
- Luke 13:27–28 लूका 13:27–28परन्तु वह कहेगा, मैं तुम से कहता हूं, मैं नहीं जानता तुम कहां के हो, हे कुकर्म करनेवालो, तुम सब मुझ से दुर हो। वहां रोना और दांत पीसना होगा: जब तुम इब्राहीम और इसहाक और याकूब और सब भविष्यद्वक्ताओं को परमेश्वर के राज्य में बैठे, और अपने आप को बाहर निकाले हुए देखोगे।
- John 4:34 यूहन्ना 4:34यीशु ने उन से कहा, मेरा भोजन यह है, कि अपने भेजनेवाले की इच्छा के अनुसार चलूं और उसका काम पूरा करूं।
- Psalm 112:1 भजन संहिता 112:1याह की स्तुति करो। क्या ही धन्य है वह पुरूष जो यहोवा का भय मानता है, और उसकी आज्ञाओं से अति प्रसन्न रहता है!
- Psalm 119:16 भजन संहिता 119:16मैं तेरी विधियों से सुख पाऊंगा; और तेरे वचन को न भूलूंगा।।
- Proverbs 5:20 नीतिवचन 5:20हे मेरे पुत्रा, तू अपरिचित स्त्री पर क्यों मोहित हो, और पराई को क्यों छाती से लगाए?