Proverbs · chapter 22 · verse 13
Proverbs 22:13 in Hindi
आलसी कहता है, बाहर तो सिंह होगा! मैं चौक के बीच घात किया जाऊंगा।
Aalasee kahataa hai, baahar to sinh hogaa! Maim chauk ke beech ghaat kiyaa jaaoongaa.
Proverbs 22:13 in English
- King James Version (KJV)
- The slothful [man] saith, [There is] a lion without, I shall be slain in the streets.
- World English Bible (WEB)
- The sluggard says, “There is a lion outside! I will be killed in the streets!”
- American Standard Version (ASV)
- The sluggard saith, There is a lion without; I shall be slain in the streets.
- Bible in Basic English (BBE)
- The hater of work says, There is a lion outside: I will be put to death in the streets.
- Darby Translation (DBY)
- The sluggard saith, There is a lion without, I shall be killed in the streets!
- Webster's Bible (WBS)
- The slothful [man] saith, [There is] a lion without, I shall be slain in the streets.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The slothful hath said, 'A lion [is] without, In the midst of the broad places I am slain.'
Read in context
- 11जो मन की शुद्धता से प्रीति रखता है, और जिसके वचन मनोहर होते हैं, राजा उसका मित्रा होता है।
- 12यहोवा ज्ञानी पर दृष्टि करके, उसकी रक्षा करता है, परन्तु विश्वासघाती की बातें उलट देता है।
- 13आलसी कहता है, बाहर तो सिंह होगा! मैं चौक के बीच घात किया जाऊंगा।
- 14पराई स्त्रियों का मुंह गहिरा गड़हा है; जिस से यहोवा क्रोधित होता, सोई उस में गिरता है।
- 15लड़के के मन में मूढ़त बन्धी रहती है, परन्तु छड़ी की ताड़ना के द्वारा वह उस से दूर की जाती है।
Cross references
- Proverbs 26:13–16 नीतिवचन 26:13–16आलसी कहता है, कि मार्ग में सिंह है, चौक में सिंह है! जैसे किवाड़ अपनी चूल पर घूमता है, वैसे ही आलसी अपनी खाट पर करवटें लेता है। आलसी अपना हाथ थाली में तो डालता है, परन्तु आलस्य के कारण कौर मुंह तक नहीं उठाता। आलसी अपने को ठीक उत्तर देनेवाले सात मनुष्यों से भी अधिक बुद्धिमान समझता है।
- Proverbs 15:19 नीतिवचन 15:19आलसी का मार्ग कांटों से रून्धा हुआ होता है, परन्तु सीधे लोगों का मार्ग राजमार्ग ठहरता है।
- Numbers 13:32–33 गिनती 13:32–33और उन्हों ने इस्त्राएलियों के साम्हने उस देश की जिसका भेद उन्हों ने लिया था यह कहकर निन्दा भी की, कि वह देश जिसका भेद लेने को हम गये थे ऐसा है, जो अपने निवासियों को निगल जाता है; और जितने पुरूष हम ने उस में देखे वे सब के सब बड़े डील डौल के हैं। फिर हम ने वहां नपीलों को, अर्थात् नपीली जातिवाले अनाकवंशियों को देखा; और हम अपनी दृष्टि में तो उनके साम्हने टिड्डे के सामान दिखाई पड़ते थे, और ऐसे ही उनकी दृष्टि में मालूम पड़ते थे।।