Proverbs · chapter 28 · verse 22
Proverbs 28:22 in Hindi
लोभी जन धन प्राप्त करने में उतावली करता है, और नहीं जानता कि वह घटी में पड़ेगा।
Lobhee jan dhan praapt karane mem utaavalee karataa hai, aur naheem jaanataa ki vah ghatee mem padegaa.
Proverbs 28:22 in English
- King James Version (KJV)
- He that hasteth to be rich [hath] an evil eye, and considereth not that poverty shall come upon him.
- World English Bible (WEB)
- A stingy man hurries after riches, and doesn’t know that poverty waits for him.
- American Standard Version (ASV)
- He that hath an evil eye hasteth after riches, And knoweth not that want shall come upon him.
- Bible in Basic English (BBE)
- He who is ever desiring wealth goes running after money, and does not see that need will come on him.
- Darby Translation (DBY)
- He that hath an evil eye hasteth after wealth, and knoweth not that poverty shall come upon him.
- Webster's Bible (WBS)
- He that hasteth to be rich [hath] an evil eye, and considereth not that poverty shall come upon him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Troubled for wealth [is] the man [with] an evil eye, And he knoweth not that want doth meet him.
Read in context
- 20सच्चे मनुष्य पर बहुत आशीर्वाद होते रहते हैं, परन्तु जो धनी होन से उतावली करता है, वह निर्दोष नहीं ठहरता।
- 21पक्षपात करना अच्छा नहीं; और यह भी अच्छा नहीं कि पुरूष एक टुकड़े रोटी के लिये अपराध करे।
- 22लोभी जन धन प्राप्त करने में उतावली करता है, और नहीं जानता कि वह घटी में पड़ेगा।
- 23जो किसी मनुष्य को डांटता है वह अन्त में चापलूसी करनेवाले से अधिक प्यारा हो जाता है।
- 24जो अपने मां- बाप को लूटकर कहता है कि कुछ अपराध नहीं, वह नाश करनेवाले का संगी ठहरता है।
Cross references
- Proverbs 23:6 नीतिवचन 23:6जो डाह से देखता है, उसकी रोटी न खाना, और न उसकी स्वादिष्ट भोजनवस्तुओं की लालसा करना;
- 1 Timothy 6:9 1 तीमुथियुस 6:9पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुतेरे व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फंसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डूबा देती हैं।
- Proverbs 28:20 नीतिवचन 28:20सच्चे मनुष्य पर बहुत आशीर्वाद होते रहते हैं, परन्तु जो धनी होन से उतावली करता है, वह निर्दोष नहीं ठहरता।
- Matthew 20:15 मत्ती 20:15क्या उचित नहीं कि मं अपने माल से जो चाहूं सो करूं? क्या तू मेरे भले होने के कारण बुरी दृष्टि से देखता है?
- Job 27:16–17 अय्यूब 27:16–17चाहे वह रूपया धूलि के समान बटोर रखे और वस्त्रा मिट्टी के किनकों के तुल्य अनगिनित तैयार कराए, वह उन्हें तैयार कराए तो सही, परन्तु धम उन्हें पहिन लेगा, और उसका रूपया निदष लोग आपस में बांटेंगे।
- Genesis 19:17 उत्पत्ति 19:17और ऐसा हुआ कि जब उन्हों ने उनको बाहर निकाला, तब उस ने कहा अपना प्राण लेकर भाग जा; पीछे की और न ताकना, और तराई भर में न ठहरना; उस पहाड़ पर भाग जाना, नहीं तो तू भी भस्म हो जाएगा।
- Genesis 13:10–13 उत्पत्ति 13:10–13तब लूत ने आंख उठाकर, यरदन नदी के पास वाली सारी तराई को देखा, कि वह सब सिंची हुई है। जब तक यहोवा ने सदोम और अमोरा को नाश न किया था, तब तक सोअर के मार्ग तक वह तराई यहोवा की बाटिका, और मि देश के समान उपजाऊ थी। अब्राम तो कनान देश में रहा, पर लूत उस तराई के नगरों में रहने लगा; और अपना तम्बू सदोम के निकट खड़ा किया। सदोम के लोग यहोवा के लेखे में बड़े दुष्ट और पापी थे।
- Job 20:18–22 अय्यूब 20:18–22जिसके लिये उस ने परिश्रम किया, उसको उसे लौटा देना पड़ेगा, और वह उसे निगलने न पाएगा; उसकी मोल ली हुई वस्तुओं से जितना आनन्द होना चाहिये, उतना तो उसे न मिलेगा। क्योंकि उस ने कंगालों को पीसकर छोड़ दिया, उस ने घर को छीन लिया, उसको वह बढ़ाने न पाएगा। लालसा के मारे उसको कभी शान्ति नहीं मिलती थी, इसलिये वह अपनी कोई मनभावनी वस्तु बचा न सकेगा। कोई वस्तु उसका कौर बिना हुए न बचती थी; इसलिये उसका कुशल बना न रहेगा पूरी सम्पत्ति रहते भी वह सकेती में पड़ेगा; तब सब दु:खियों के हाथ उस पर उठेंगे।
- Mark 7:22 मरकुस 7:22चोरी, हत्या, परस्त्रीगमन, लोभ, दुष्टता, छल, लुचपन, कुदृष्टि, निन्दा, अभिमान, और मूर्खता निकलती हैं।