Proverbs · chapter 29 · verse 24
Proverbs 29:24 in Hindi
जो चोर की संगति करता है वह अपने प्राण का बैरी होता है; शपथ खाने पर भी वह बात को प्रगट नहीं करता।
Jo chor kee sangati karataa hai vah apane praan kaa bairee hotaa hai; shapath khaane par bhee vah baat ko pragat naheem karataa.
Proverbs 29:24 in English
- King James Version (KJV)
- Whoso is partner with a thief hateth his own soul: he heareth cursing, and bewrayeth [it] not.
- World English Bible (WEB)
- Whoever is an accomplice of a thief is an enemy of his own soul. He takes an oath, but dares not testify.
- American Standard Version (ASV)
- Whoso is partner with a thief hateth his own soul; He heareth the adjuration and uttereth nothing.
- Bible in Basic English (BBE)
- A man who takes part with a thief has hate for his soul; he is put under oath, but says nothing.
- Darby Translation (DBY)
- Whoso shareth with a thief hateth his own soul: he heareth the adjuration, and declareth not.
- Webster's Bible (WBS)
- Whoever is partner with a thief, hateth his own soul: he heareth cursing, and discloseth [it] not.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Whoso is sharing with a thief is hating his own soul, Execration he heareth, and telleth not.
Read in context
- 22क्रोध करनेवाला मनुष्य झगड़ा मचाता है और अत्यन्त क्रोध करनेवाला अपराधी होता है।
- 23मनुष्य गर्व के कारण नीचा खाता है, परन्तु नम्र आत्मावाला महिमा का अधिकारी होता है।
- 24जो चोर की संगति करता है वह अपने प्राण का बैरी होता है; शपथ खाने पर भी वह बात को प्रगट नहीं करता।
- 25मनुष्य का भय खाना फन्दा हो जाता है, परन्तु जो यहोवा पर भरोसा रखता है वह ऊंचे स्थान पर चढ़ाया जाता है।
- 26हाकिम से भेंट करना बहुत लोग चाहते हैं, परन्तु मनुष्य का न्याय यहोवा की करता है।
Cross references
- Leviticus 5:1 लैव्यव्यवस्था 5:1और यदि कोई साक्षी होकर ऐसा पाप करे कि शपथ खिलाकर पूछने पर भी, कि क्या तू ने यह सुना अथवा जानता है, और वह बात प्रगट न करे, तो उसको अपने अधर्म का भार उठाना पड़ेगा।
- Proverbs 1:11–19 नीतिवचन 1:11–19यदि वे कहें, हमारे संग चल कि, हम हत्या करने के लिये घात जगाएं हम निर्दोषों की ताक में रहें; हम अधोलोक की नाईं उनको जीवता, कबर में पड़े हुओं के समान समूचा निगल जाएं; हम को सब प्रकार के अनमोल पदार्थ मिलेंगे, हम अपने घरों को लूट से भर लेंगे; तू हमारा साझी हो जा, हम सभों का एक ही बटुआ हो, तो, हे मेरे पुत्रा तू उनके संग मार्ग में न चलना, वरन उनकी डगर में पांव भी न धरना; क्योंकि वे बुराई की करने को दौड़ते हैं, और हत्या करने को फुर्ती करते हैं। क्योंकि पक्षी के देखते हुए जाल फैलाना व्यर्थ होता है; और ये लोग तो अपनी ही हत्या करने के लिये घात लगाते हैं, और अपने ही प्राणों की घात की ताक में रहते हैं। सब लालचियों की चाल ऐसी ही होती है; उनका प्राण लालच ही के कारण नाश हो जाता है।।
- Proverbs 8:36 नीतिवचन 8:36परन्तु जो मेरा अपराध करता है, वह अपने ही पर उपद्रव करता है; जितने मुझ से बैर रखते वे मृत्यु से प्रीति रखते हैं।।
- Psalm 50:18–22 भजन संहिता 50:18–22जब तू ने चोर को देखा, तब उसकी संगति से प्रसन्न हुआ; और परस्त्रीगामियों के साथ भागी हुआ।। तू ने अपना मुंह बुराई करने के लिये खोला, और तेरी जीभ छल की बातें गढ़ती है। तू बैठा हुआ अपने भाई के विरूद्ध बोलता; और अपने सगे भाई की चुगली खाता है। यह काम तू ने किया, और मैं चुप रहा; इसलिये तू ने समझ लिया कि परमेश्वर बिलकुल मेरे साम्हने है। परन्तु मैं तुझे समझाऊंगा, और तेरी आंखों के साम्हने सब कुछ अलग अलग दिखाऊंगा।। हे ईश्वर को भूलनेवालो यह बात भली भांति समझ लो, कहीं ऐसा न हो कि मैं तुम्हें फाड़ डालूं, और कोई छुडानेवाला न हो!
- Isaiah 1:23 यशायाह 1:23तेरे हाकिम हठीले और चोरों से मिले हैं। वे सब के सब घूस खानेवाले और भेंट के लालची हैं। वे अनाथ का न्याय नहीं करते, और न विधवा का मुक मा अपने पास आने देते हैं।
- Proverbs 15:32 नीतिवचन 15:32जो शिक्षा को सुनी- अनसुनी करता, वह अपने प्राण को तुच्छ जानता है, परन्तु जो डांट को सुनता, वह बुद्धि प्राप्त करता है।
- Judges 17:2 न्यायियों 17:2उस ने अपनी माता से कहा, जो ग्यारह सौ टुकड़े चान्दी तुझ से ले लिए गए थे, जिनके विषय में तू ने मेरे सुनते भी शाप दिया था, वे मेरे पास हैं; मैं ने ही उनको ले लिया था। उसकी माता ने कहा, मेरे बेटे पर यहोवा की ओर से आशीष होए।
- Proverbs 6:32 नीतिवचन 6:32परनतु जो परस्त्रीगमन करता है वह निरा निर्बुद्ध है; जो अपने प्राणों को नाश करना चाहता है, वह ऐसा करता है।।
- Mark 11:17 मरकुस 11:17और उपदेश करके उन से कहा, क्या यह नहीं लिखा है, कि मेरा घर सब जातियों के लिये प्रार्थना का घर कहलाएगा? पर तुम ने इसे डाकुओं की खोह बना दी है।
- Proverbs 20:2 नीतिवचन 20:2राजा का भय दिखाना, सिंह का गरजना है; जो उस पर रोष करता, वह अपने प्राण का अपराधी होता है।