Proverbs · chapter 13 · verse 3
Proverbs 13:3 in Hindi
जो अपने मुंह की चौकसी करता है, वह अपने प्राण की रक्षा करता है, परन्तु जो गाल बजाता उसका विनाश जो जाता है।
Jo apane munh kee chaukasee karataa hai, vah apane praan kee rakshaa karataa hai, parantu jo gaal bajaataa usakaa vinaash jo jaataa hai.
Proverbs 13:3 in English
- King James Version (KJV)
- He that keepeth his mouth keepeth his life: [but] he that openeth wide his lips shall have destruction.
- World English Bible (WEB)
- He who guards his mouth guards his soul. One who opens wide his lips comes to ruin.
- American Standard Version (ASV)
- He that guardeth his mouth keepeth his life; [But] he that openeth wide his lips shall have destruction.
- Bible in Basic English (BBE)
- He who keeps a watch on his mouth keeps his life; but he whose lips are open wide will have destruction.
- Darby Translation (DBY)
- He that guardeth his mouth keepeth his soul; destruction shall be to him that openeth wide his lips.
- Webster's Bible (WBS)
- He that keepeth his mouth keepeth his life: [but] he that openeth wide his lips shall have destruction.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Whoso is keeping his mouth, is keeping his soul, Whoso is opening wide his lips — ruin to him!
Read in context
- 1बुद्धिमान पुत्रा पिता की शिक्षा सुनता है, परन्तु ठट्ठा करनेवाला घुड़की को भी नहीं सुनता।
- 2सज्जन अपनी बातों के कारण उत्तम वस्तु खाने पाता है, परन्तु विश्वासघाती लोगों का पेट उपद्रव से भरता है।
- 3जो अपने मुंह की चौकसी करता है, वह अपने प्राण की रक्षा करता है, परन्तु जो गाल बजाता उसका विनाश जो जाता है।
- 4आलसी का प्राण लालसा तो करता है, और उसको कुछ नहीं मिलता, परन्तु कामकाजी हृष्ट पुष्ट हो जाते हैं।
- 5धर्मी झूठे वचन से बैर रखता है, परन्तु दुष्ट लज्जा का कारण और लज्जित हो जाता है।
Cross references
- Proverbs 21:23 नीतिवचन 21:23जो अपने मुंह को वश में रखता है वह अपने प्राण को विपत्तियों से बचाता है।
- Proverbs 18:21 नीतिवचन 18:21जीभ के वश में मृत्यु और जीवन दोनों होते हैं, और जो उसे काम में लाना जानता है वह उसका फल भोगेगा।
- Proverbs 18:7 नीतिवचन 18:7मूर्ख का विनाश उसकी बातों से होता है, और उसके वचन उसके प्राण के लिये फन्दे होते हैं।
- James 3:2–12 याकूब 3:2–12इसलिये कि हम सब बहुत बार चूक जाते हैं: जो कोई वचन में नहीं चूकता, वही तो सिद्ध मनुष्य है; और सारी देह पर भी लगाम लगा सकता है। जब हम अपने वश में करने के लिये घोड़ों के मुंह में लगाम लगाते हैं, तो हम उन की सारी देह को भी फेर सकते हैं। देखो, जहाज भी, यद्यपि ऐसे बड़े होते हैं, और प्रचण्ड वायु से चलाए जाते हैं, तौभी एक छोटी सी पतवार के द्वारा मांझी की इच्छा के अनुसार घुमाए जाते हैं। वैसे ही जीभ भी एक छोटा सा अंग है और बड़ी बड़ी डींगे मारती है: देखो, थोड़ी सी आग से कितने बड़े बन में आग लग जाती है। जीभ भी एक आग है: भी हमारे अंगों में अधर्म का एक लोक है और सारी देह पर कलंक लगाती है, और भवचक्र में आग लगा देती है और नरक कुण्ड की आग से जलती रहती है। क्योंकि हर प्रकार के बन- पशु, पक्षी, और रेंगनेवाले जन्तु और जलचर तो मनुष्य जाति के वश में हो सकते हैं और हो भी गए हैं। पर जीभ को मनुष्यों में से कोई वश में नहीं कर सकता; वह एक ऐसी बला है जो कभी रूकती ही नहीं; वह प्राण नाशक विष से भरी हुई है। इसी से हम प्रभु और पिता की स्तुति करते हैं; और इसी से मनुष्यों को जो परमेश्वर के स्वरूप में उत्पन्न हुए हैं स्राप देते हैं। एक ही मुंह से धन्यवाद और स्राप दोनों निकलते हैं। हे मेरे भाइयों, ऐसा नही होना चाहिए। क्या सोते के एक ही मुंह से मीठा और खारा जल दोनों निकलता है? हे मेरे भाइयों, क्या अंजीर के पेड़ में जैतून, या दाख की लता में अंजीर लग सकते हैं? वैसे ही खारे सोते से मीठा पानी नहीं निकल सकता।।
- Matthew 12:36–37 मत्ती 12:36–37और मै तुम से कहता हूं, कि जो जो निकम्मी बातें मनुष्य कहेंगे, न्याय के दिन हर एक बात का लेखा देंगे। क्योंकि तू अपनी बातों के कारण निर्दोष और अपनी बातों ही के कारण दोषी ठहराया जाएगा।।
- Psalm 39:1 भजन संहिता 39:1मैं ने कहा, मैं अपनी चालचलन में चौकसी करूंगा, ताकि मेरी जीभ से पाप न हो; जब तक दुष्ट मेरे साम्हने है, तब तक मैं लगाम लगाए अपना मुंह बन्द किए रहूंगा।
- Proverbs 10:19 नीतिवचन 10:19जहां बहुत बातें होती हैं, वहां अपराध भी होता है, परन्तु जो अपने मुंह को बन्द रखता है वह बुद्धि से काम करता है।
- James 1:26 याकूब 1:26यदि कोई अपने आप को भक्त समझे, और अपनी जीभ पर लगाम न दे, पर अपने हृदय को धोखा दे, तो उस की भक्ति व्यर्थ है।
- Proverbs 20:19 नीतिवचन 20:19जो लुतराई करता फिरता है वह भेद प्रगट करता है; इसलिये बकवादी से मेल जोल न रखना।
- Proverbs 12:13 नीतिवचन 12:13बुरा मनुष्य अपने दुर्वचनों के कारण फन्दे में फंसता है, परन्तु धर्मी संकट से निकास पाता है।