Proverbs · chapter 8 · verse 32
Proverbs 8:32 in Hindi
इसलिये अब हे मेरे पुत्रों, मेरी सुनो; क्या ही धन्य हैं वे जो मेरे मार्ग को पकड़े रहते हैं।
Isaliye ab he mere putrom, meree suno; kyaa hee dhany haim ve jo mere maarg ko pakade rahate hain.
Proverbs 8:32 in English
- King James Version (KJV)
- Now therefore hearken unto me, O ye children: for blessed [are they that] keep my ways.
- World English Bible (WEB)
- “Now therefore, my sons, listen to me, for blessed are those who keep my ways.
- American Standard Version (ASV)
- Now therefore, [my] sons, hearken unto me; For blessed are they that keep my ways.
- Bible in Basic English (BBE)
- Give ear to me then, my sons: for happy are those who keep my ways.
- Darby Translation (DBY)
- And now, sons, hearken unto me, and blessed are they that keep my ways:
- Webster's Bible (WBS)
- Now therefore hearken to me, O ye children: for blessed [are they that] keep my ways.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And now, ye sons, hearken to me, Yea, happy are they who keep my ways.
Read in context
- 30तब मैं कारीगर सी उसके पास थी; और प्रति दिन मैं उसकी प्रसन्नता थी, और हस समय उसके साम्हने आनन्दित रहती थी।
- 31मैं उसकी बसाई हुई पृथ्वी से प्रसन्न थी और मेरा सुख मनुष्यों की संगति से होता था।।
- 32इसलिये अब हे मेरे पुत्रों, मेरी सुनो; क्या ही धन्य हैं वे जो मेरे मार्ग को पकड़े रहते हैं।
- 33शिक्षा को सुनो, और बुद्धिमान हो जाओ, उसके विषय में अनसुनी न करो।
- 34क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो मेरी सुनता, वरन मेरी डेवढ़ी पर प्रति दिन खड़ा रहता, और मेरे द्वारों के खंभों के पास दृष्टि लगाए रहता है।
Cross references
- Luke 11:28 लूका 11:28उस ने कहा, हां; परन्तु धन्य वे हैं, जो परमेश्वर का वचन सुनते और मानते हैं।।
- Psalm 119:1–2 भजन संहिता 119:1–2क्या ही धन्य हैं वे जो चाल के खरे हैं, और यहोवा की व्यवस्था पर चलते हैं! क्या ही धन्य हैं वे जो उसकी चितौनियों को मानते हैं, और पूर्ण मन से उसके पास आते हैं!
- Psalm 1:1–4 भजन संहिता 1:1–4क्या ही धन्य है वह पुरूष जो दुष्टों की युक्ति पर नहीं चलता, और न पापियों के मार्ग में खड़ा होता; और न ठट्ठा करनेवालों की मण्डली में बैठता है! परन्तु वह तो यहोवा की व्यवस्था से प्रसन्न रहता; और उसकी व्यवस्था पर रात दिन ध्यान करता रहता है। वह उस वृक्ष के समान है, जो बहती नालियों के किनारे लगाया गया है। और अपनी ऋतु में फलता है, और जिसके पत्ते कभी मुरझाते नहीं। इसलिये जो कुछ वह पुरूष करे वह सफल होता है।। दुष्ट लोग ऐसे नहीं होते, वे उस भूसी के समान होते हैं, जो पवन से उड़ाई जाती है।
- Psalm 128:1 भजन संहिता 128:1क्या ही धन्य है हर एक जो यहोवा का भय मानता है, और उसके मार्गों पर चलता है!
- Proverbs 5:7 नीतिवचन 5:7इसलिये अब हे मेरे पुत्रों, मेरी सुनो, और मेरी बातों से मुंह न मोड़ो।
- Proverbs 7:24 नीतिवचन 7:24अब हे मेरे पुत्रों, मेरी सुनो, और मेरी बातों पर मन लगाओ।