Proverbs · chapter 8 · verse 33
Proverbs 8:33 in Hindi
शिक्षा को सुनो, और बुद्धिमान हो जाओ, उसके विषय में अनसुनी न करो।
Shikshaa ko suno, aur buddhimaan ho jaao, usake vishay mem anasunee na karo.
Proverbs 8:33 in English
- King James Version (KJV)
- Hear instruction, and be wise, and refuse it not.
- World English Bible (WEB)
- Hear instruction, and be wise. Don’t refuse it.
- American Standard Version (ASV)
- Hear instruction, and be wise, And refuse it not.
- Bible in Basic English (BBE)
- Take my teaching and be wise; do not let it go.
- Darby Translation (DBY)
- hear instruction and be wise, and refuse it not.
- Webster's Bible (WBS)
- Hear instruction, and be wise, and refuse it not.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Hear instruction, and be wise, and slight not.
Read in context
- 31मैं उसकी बसाई हुई पृथ्वी से प्रसन्न थी और मेरा सुख मनुष्यों की संगति से होता था।।
- 32इसलिये अब हे मेरे पुत्रों, मेरी सुनो; क्या ही धन्य हैं वे जो मेरे मार्ग को पकड़े रहते हैं।
- 33शिक्षा को सुनो, और बुद्धिमान हो जाओ, उसके विषय में अनसुनी न करो।
- 34क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो मेरी सुनता, वरन मेरी डेवढ़ी पर प्रति दिन खड़ा रहता, और मेरे द्वारों के खंभों के पास दृष्टि लगाए रहता है।
- 35क्योंकि जो मुझे पाता है, वह जीवन को पाता है, और यहोवा उस से प्रसन्न होता है।
Cross references
- Proverbs 4:1 नीतिवचन 4:1हे मेरे पुत्रो, पिता की शिक्षा सुनो, और समझ प्राप्त करने में मन लगाओ।
- Psalm 81:11–12 भजन संहिता 81:11–12परन्तु मेरी प्रजा ने मेरी न सुनी; इस्त्राएल ने मुझ को न चाहा। इसलिये मैं ने उसको उसके मन के हठ पर छोड़ दिया, कि वह अपनी ही युक्तियों के अनुसार चले।
- Proverbs 1:8 नीतिवचन 1:8हे मेरे पुत्रा, अपने पिता की शिक्षा पर कान लगा, और अपनी माता की शिक्षा को न तज;
- Proverbs 5:1 नीतिवचन 5:1हे मेरे पुत्रा, मेरी बुद्धि की बातों पर ध्यान दे, मेरी समझ की ओर कान लगा;
- Romans 10:16–17 रोमियों 10:16–17परन्तु सब ने उस सुसमाचार पर कान न लगाया: यशायाह कहता है, कि हे प्रभु, किस ने हमारे समाचार की प्रतीति की है? सो विश्वास सुनने से, और सुनना मसीह के वचन से होता है।
- Proverbs 1:2–3 नीतिवचन 1:2–3इनके द्वारा पढ़नेवाला बुद्धि और शिक्षा प्राप्त करे, और समझ की बातें समझे, और काम करने में प्रवीणता, और धर्म, न्याय और सीधाई की शिक्षा पाए;
- Hebrews 12:25 इब्रानियों 12:25सावधान रहो, और उस कहनेवाले से मुंह न फेरो, क्योंकि वे लोग जब पृथ्वी पर के चितावनी देनेवाले से मुंह मोड़कर न बच सके, तो हम स्वर्ग पर से चितावनी करनेवाले से मुंह मोड़कर क्योंकर बच सकेंगे?
- Proverbs 1:21 नीतिवचन 1:21वह बाजारों की भीड़ में पुकारती है; वह फाटकों के बीच में और नगर के भीतर भी ये बातें बोलती है:
- Isaiah 55:1–3 यशायाह 55:1–3अहो सब प्यासे लोगो, पानी के पास आओ; और जिनके पास रूपया न हो, तुम भी आकर मोल लो और खाओ! दाखमधु और दूध बिन रूपए और बिना दाम ही आकर ले लो। जो भोजनवस्तु नहीं है, उसके लिये तुम क्यों रूपया लगाते हो, और, जिस से पेट नहीं भरता उसके लिये क्यों परिश्रम करते हो? मेरी ओर मन लगाकर सुनो, तब उत्तम वस्तुएं खाने पाओगे और चिकनी चिकनी वस्तुएं खाकर सन्तुष्ट हो जाओगे। कान लगाओ, और मेरे पास आओ; सुनो, तब तुम जीवित रहेागे; और मैं तुम्हारे साथ सदा की वाचा बान्धूंगा अर्थात् दाऊद पर की अटल करूणा की वाचा।
- Acts 7:35–37 प्रेरितों के काम 7:35–37जिस मूसा को उन्होंने यह कहकर नकारा था कि तुझे किस ने हम पर हाकिम और न्यायी ठहराया है; उसी को परमेश्वर ने हाकिम और छुड़ाने वाला ठहरा कर, उस स्वर्ग दूत के द्वारा जिस ने उसे झाड़ी में दर्शन दिया था, भेजा। यही व्यक्ति मिसर और लाल समुद्र और जंगल में चालीस वर्ष तक अद्भुत काम और चिन्ह दिखा दिखाकर उन्हें निकाल लाया। यह वही मूसा है, जिस ने इस्त्राएलियों से कहा; कि परमेश्वर तुम्हारे भाइयों में से तुम्हारे लिये मुझ सा एक भविष्यद्वक्ता उठाएगा।