Psalms · chapter 101 · verse 3
Psalm 101:3 in Hindi
मैं किसी आछे काम पर चित्त न लगाऊंगा।। मैं कुमार्ग पर चलनेवालों के काम से घिन रखता हूं; ऐसे काम में मैं न लगूंगा।
Maim kisee aachhe kaam par chitt na lagaaoongaa.. Maim kumaarg par chalanevaalom ke kaam se ghin rakhataa hoom; aise kaam mem maim na lagoongaa.
Psalm 101:3 in English
- King James Version (KJV)
- I will set no wicked thing before mine eyes: I hate the work of them that turn aside; [it] shall not cleave to me.
- World English Bible (WEB)
- I will set no vile thing before my eyes. I hate the deeds of faithless men. They will not cling to me.
- American Standard Version (ASV)
- I will set no base thing before mine eyes: I hate the work of them that turn aside; It shall not cleave unto me.
- Bible in Basic English (BBE)
- I will not put any evil thing before my eyes; I am against all turning to one side; I will not have it near me.
- Darby Translation (DBY)
- I will set no thing of Belial before mine eyes: I hate the work of them that turn aside; it shall not cleave to me.
- Webster's Bible (WBS)
- I will set no wicked thing before my eyes: I hate the work of them that turn aside; it shall not cleave to me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- I set not before mine eyes a worthless thing, The work of those turning aside I have hated, It adhereth not to me.
Read in context
- 1मैं करूणा और न्याय के विषय गाऊंगा; हे यहोवा, मैं तेरा ही भजन गाऊंगा।
- 2मैं बुद्धिमानी से खरे मार्ग में चलूंगा। तू मेरे पास कब आएगा! मैं अपने घर में मन की खराई के साथ अपनी चाल चलूंगा;
- 3मैं किसी आछे काम पर चित्त न लगाऊंगा।। मैं कुमार्ग पर चलनेवालों के काम से घिन रखता हूं; ऐसे काम में मैं न लगूंगा।
- 4टेढ़ा स्वभाव मुझ से दूर रहेगा; मैं बुराई को जानूंगा भी नहीं।।
- 5जो छिपकर अपने पड़ोसी की चुगली खाए, उसको मैं सत्यानाश करूंगा; जिसकी आंखें चढ़ी हों और जिसका मन घमण्डी है, उसकी मैं न सहूंगा।।
Cross references
- Psalm 119:37 भजन संहिता 119:37मेरी आंखों को व्यर्थ वस्तुओं की ओर से फेर दे; तू अपने मार्ग में मुझे जिला।
- Job 31:1 अय्यूब 31:1मैं ने अपनी आंखों के विषय वाचा बान्धी है, फिर मैं किसी कुंवारी पर क्योंकर आंखें लगाऊं?
- James 1:13–15 याकूब 1:13–15जब किसी ही परीक्षा हो, तो वह यह न कहे, कि मेरी परीक्षा परमेश्वर की ओर से होती है; क्योंकि न तो बुरी बातों से परमेश्वर की परीक्षा हो सकती है, और न वही किसी की परीक्षा आप करता है। परन्तु प्रत्येक व्यक्ति अपनी ही अभिलाषा में खिंचकर, और फंसकर परीक्षा में पड़ता है। फिर अभिलाषा गर्भवती होकर पाप को जनता है और पाप बढ़ जाता है तो मृत्यु को उत्पन्न करता है।
- 2 Samuel 11:2–3 2 शमूएल 11:2–3सांझ के समय दाऊद पलंग पर से उठकर राजभवन की छत पर टहल रहा था, और छत पर से उसको एक स्त्री, जो अति सुन्दर थी, नहाती हुई देख पड़ी। जब दाऊद ने भेजकर उस स्त्री को पुछवाया, तब किसी ने कहा, क्या यह एलीआम की बेटी, और हित्तद्दी ऊरिरयाह की पत्नी बतशेबा नहीं है?
- Proverbs 6:25 नीतिवचन 6:25उसकी सुन्दरता देखकर अपने मन में उसकी अभिलाषा न कर; वह तुझे अपने कटाक्ष से फंसाने न पाए;
- Matthew 5:28 मत्ती 5:28परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि जो कोई किसी स्त्री पर कुदृष्टि डाले वह अपने मन में उस से व्यभिचार कर चुका।
- Psalm 40:4 भजन संहिता 40:4क्या ही धन्य है वह पुरूष, जो यहोवा पर भरोसा करता है, और अभिमानियों और मिथ्या की ओर मुड़नेवालों की ओर मुंह न फेरता हो।
- 1 Samuel 12:20–21 1 शमूएल 12:20–21शमूएल ने लोगों से कहा, डरो मत; तुम ने यह सब बुराई तो की है, परन्तु अब यहोवा के पीछे चलने से फिर मत मुड़ना; परन्तु अपने सम्पूर्ण मन से उस की उपासना करना; और मत मुड़ना; नहीं तो ऐसी व्यर्थ वस्तुओं के पीछे चलने लगोगे जिन से न कुछ लाभ पहुंचेगा, और न कुछ छुटकारा हो सकता है, क्योंकि वे सब व्यर्थ ही हैं।
- Exodus 20:17 निर्गमन 20:17तू किसी के घर का लालच न करना; न तो किसी की स्त्री का लालच करना, और न किसी के दास- दासी, वा बैल गदहे का, न किसी की किसी वस्तु का लालच करना।।
- Romans 12:9 रोमियों 12:9प्रेम निष्कपट हो; बुराई से घृणा करो; भलाई मे लगे रहो।
- Deuteronomy 15:9 व्यवस्थाविवरण 15:9सचेत रह कि तेरे मन में ऐसी अधम चिन्ता न समाए, कि सातवां वर्ष जो छुटकारे का वर्ष है वह निकट है, और अपनी दृष्टि तू अपने उस दरिद्र भाई की ओर से क्रूर करके उसे कुछ न दे, तो यह तेरे लिये पाप ठहरेगा।
- Galatians 4:9 गलातियों 4:9पर अब जो तुम ने परमेश्वर को पहचान लिया बरन परमेश्वर ने तुम केा पहचाना, तो उन निर्बल और निकम्मी आदि- शिक्षा की बातों की ओर क्यों फिरते हो, जिन के तुम दोबारा दास होना चाहते हो?