Psalms · chapter 105 · verse 32
Psalm 105:32 in Hindi
उस ने उनके लिये जलवृष्टि की सन्ती ओले, और उनके देश में धधकती आग बरसाई।
Us ne unake liye jalavrushti kee santee ole, aur unake desh mem dhadhakatee aag barasaaee.
Psalm 105:32 in English
- King James Version (KJV)
- He gave them hail for rain, [and] flaming fire in their land.
- World English Bible (WEB)
- He gave them hail for rain, with lightning in their land.
- American Standard Version (ASV)
- He gave them hail for rain, [And] flaming fire in their land.
- Bible in Basic English (BBE)
- He gave them ice for rain, and flaming fire in their land.
- Darby Translation (DBY)
- He gave them hail for rain, [and] flaming fire in their land;
- Webster's Bible (WBS)
- He gave them hail for rain, [and] flaming fire in their land.
- Young's Literal Translation (YLT)
- He hath made their showers hail, A flaming fire [is] in their land.
Read in context
- 30मेंढक उनकी भूमि में वरन उनके राजा की कोठरियों में भी भर गए।
- 31उस ने आज्ञा दी, तब डांस आ गए, और उनके सारे देश में कुटकियां आ गईं।
- 32उस ने उनके लिये जलवृष्टि की सन्ती ओले, और उनके देश में धधकती आग बरसाई।
- 33और उस ने उनकी दाखलताओं और अंजीर के वृक्षों को वरन उनके देश के सब पेड़ों को तोड़ डाला।
- 34उस ने आज्ञा दी तब अनगिनत टिडि्डयां, और कीड़े आए,
Cross references
- Psalm 78:47–48 भजन संहिता 78:47–48उस ने उनकी दाखलताओं को ओेलों से, और उनके गूलर के पेड़ों को बड़े बड़े पत्थ्र बरसाकर नाश किया। उस ने उनके पशुओं को ओलों से, और उनके ढोरों को बिजलियों से मिटा दिया।
- Revelation 11:19 प्रकाशितवाक्य 11:19और परमेश्वर का जो मन्दिर स्वर्ग में है, वह खोला गया, और उसके मन्दिर में उस की वाचा का सन्दूक दिखाई दिया, और बिजलियां और शब्द और गर्जन और भुइंडोल हुए, और बड़े बड़े ओले पड़े।।
- Exodus 9:18–28 निर्गमन 9:18–28सुन, कल मैं इसी समय ऐसे भारी भारी ओले बरसाऊंगा, कि जिन के तुल्य मि की नेव पड़ने के दिन से लेकर अब तक कभी नहीं पड़े। सो अब लोगों को भेजकर अपने पशुओं को अपने मैदान में जो कुछ तेरा है सब को फुर्ती से आड़ में छिपा ले; नहीं तो जितने मनुष्य वा पशु मैदान में रहें और घर में इकट्ठे न किए जाएं उन पर ओले गिरेंगे, और वे मर जाएंगे। इसलिये फिरौन के कर्मचारियों में से जो लोग यहोवा के वचन का भय मानते थे उन्हों ने तो अपने अपने सेवकों और पशुओं को घर में हाँक दिया। पर जिन्हों ने यहोवा के वचन पर मन न लगाया उन्हों ने अपने सेवकों और पशुओं को मैदान में रहने दिया।। तक यहोवा ने मूसा से कहा, अपना हाथ आकाश की ओर बढ़ा, कि सारे मि देश के मनुष्यों पशुओं और खेतों की सारी उपज पर ओले गिरें। तब मूसा ने अपनी लाठी को आकाश की ओर उठाया; और यहोवा मेघ गरजाने और ओले बरसाने लगा, और आग पृथ्वी तक आती रही। इस प्रकार यहोवा ने मि देश पर ओले बरसाए। जो ओले गिरते थे उनके साथ आग भी मिली हुई थी, और वे ओले इतने भारी थे कि जब से मि देश बसा था तब से मि भर में ऐसे ओले कभी न गिरे थे। इसलिये मि भर के खेतों में क्या मनुष्य, क्या पशु, जितने थे सब ओलों से मारे गए, और ओलों से खेत की सारी उपज नष्ट हो गई, और मैदान के सब वृक्ष टूट गए। केवल गोशेन देश में जहां इस्राएली बसते थे ओले नहीं गिरे। तब फिरौन ने मूसा और हारून को बुलवा भेजा और उन से कहा, कि इस बार मैं ने पाप किया है; यहोवा धर्मी है, और मैं और मेरी प्रजा अधर्मी हैं। मेघों का गरजना और ओलों का बरसना तो बहुत हो गया; अब भविष्य में यहोवा से बिनती करो; तब मैं तुम लोगों को जाने दूंगा, और तुम न रोके जाओगे।
- Revelation 16:21 प्रकाशितवाक्य 16:21और आकाश से मनुष्यों पर मन मन भर के बड़े ओले गिरे, और इसलिये कि यह विपत्ति बहुत ही भारी थी, लोगों ने ओलों की विपत्ति के कारण परमेश्वर की निन्दा की।।
- Revelation 8:7 प्रकाशितवाक्य 8:7पहिले स्वर्गदूत ने तुरही फूंकी, और लोहू से मिले हुए ओले और आग उत्पन्न हुई, और पृथ्वी पर डाली गई; और पृथ्वी की एक तिहाई जल गई, और सब हरी घास भी जल गई।।