Psalms · chapter 118 · verse 3
Psalm 118:3 in Hindi
हारून का घराना कहे, उसकी करूणा सदा की है।
Haaroon kaa gharaanaa kahe, usakee karoonaa sadaa kee hai.
Psalm 118:3 in English
- King James Version (KJV)
- Let the house of Aaron now say, that his mercy [endureth] for ever.
- World English Bible (WEB)
- Let the house of Aaron now say that his loving kindness endures forever.
- American Standard Version (ASV)
- Let the house of Aaron now say, That his lovingkindness [endureth] for ever.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let the house of Aaron now say, that his mercy is unchanging for ever.
- Darby Translation (DBY)
- Oh let the house of Aaron say, that his loving-kindness [endureth] for ever.
- Webster's Bible (WBS)
- Let the house of Aaron now say, that his mercy [endureth] for ever.
- Young's Literal Translation (YLT)
- I pray you, let the house of Aaron say, That, to the age [is] His kindness.
Read in context
- 1यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; और उसकी करूणा सदा की है!
- 2इस्राएल कहे, उसकी करूणा सदा की है।
- 3हारून का घराना कहे, उसकी करूणा सदा की है।
- 4यहोवा के डरवैये कहे, उसकी करूणा सदा की है।
- 5मैं ने सकेती में परमेश्वर को पुकारा, परमेश्वर ने मेरी सुनकर, मुझे चौड़े स्थान में पहुंचाया।
Cross references
- Psalm 134:1–3 भजन संहिता 134:1–3हे यहोवा के सब सेवको, सुनो, तुम जो रात रात को यहोवा के भवन में खड़े रहते हो, यहोवा को धन्य कहो। अपने हाथ पवित्रास्थान में उठाकर, यहोवा को धन्य कहो। यहोवा जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है, वह सिरयोन में से तुझे आशीष देवे।।
- Revelation 4:7–11 प्रकाशितवाक्य 4:7–11पहिला प्राणी सिंह के समान है, और दूसरा प्राणी का मुंह बछड़े के समान है, तीसरे प्राणी का मुंह मनुष्य का सा है, और चौथा प्राणी उड़ते हुए उकाब के समान है। और चारों प्राणियों के छ: छ: पंख हैं, और चारों ओर, और भीतर आंखे ही आंखे हैं; और वे रात दिन बिना विश्राम लिए यह कहते रहते हैं, कि पवित्रा, पवित्रा, पवित्रा प्रभु परमेश्वर, सर्वशक्तिमान, जो था, और जो है, और जो आनेवाला है। और जब वे प्राणी उस की जो सिंहासन पर बैठा है, और जो युगानुयुग जीवता है, महिमा और आदर और धन्यवाद करेंगे। तब चौबीसों प्राचीन सिंहासन पर बैठनेवाले के साम्हने गिर पड़ेंगे, और उसे जो युगानुयुग जीवता है प्रणाम करेंगे; और अपने अपने मुकुट सिंहासन के साम्हने यह कहते हुए डाल देंगे। कि हमारे प्रभु, और परमेश्वर, तू ही महिमा, और आदर, और सामर्थ के योग्य है; क्योंकि तू ही ने सब वस्तुएं सृजीं और वे तेरी ही इच्छा से थी, और सृजी गईं।।
- Revelation 5:8–10 प्रकाशितवाक्य 5:8–10और जब उस ने पुस्तक ले ली, तो वे चारों प्राणी और चौबीसों प्राचीन उस मेम्ने के साम्हने गिर पड़े; और हर एक के हाथ में वीणा और धूप से भरे हुए सोने के कटोरे थे, ये तो पवित्रा लोगों की प्रार्थनाएं हैं। और वे यह नया गीत गाने लगे, कि तू इस पुस्तक के लेने, और उसकी मुहरें खोलने के योग्य है; क्योंकि तू ने वध होकर अपने लोहू से हर एक कुल, और भाषा, और लोग, और जाति में से परमेश्वर के लिये लोगों को मोल लिया है। और उन्हें हमारे परमेश्वर के लिये एक राज्य और याजक बनाया; और वे पृथ्वी पर राज्य करते हैं।
- Revelation 1:6 प्रकाशितवाक्य 1:6और हमें एक राज्य और अपने पिता परमेश्वर के लिये याजक भी बना दिया; उसी की महिमा और पराक्रम युगानुयुग रहे। आमीन।
- 1 Peter 2:5 1 पतरस 2:5तुम भी आप जीवते पत्थरों की नाई आत्मिक घर बनते जाते हो, जिस से याजकों का पवित्रा समाज बनकर, ऐसे आत्मिक बलिदान चढ़ाओ, जो यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर को ग्राह्य हो।