Psalms · chapter 118 · verse 5
Psalm 118:5 in Hindi
मैं ने सकेती में परमेश्वर को पुकारा, परमेश्वर ने मेरी सुनकर, मुझे चौड़े स्थान में पहुंचाया।
Maim ne saketee mem parameshvar ko pukaaraa, parameshvar ne meree sunakar, mujhe chaude sthaan mem pahunchaayaa.
Psalm 118:5 in English
- King James Version (KJV)
- I called upon the LORD in distress: the LORD answered me, [and set me] in a large place.
- World English Bible (WEB)
- Out of my distress, I called on the LORD. The LORD answered me with freedom.
- American Standard Version (ASV)
- Out of my distress I called upon Jehovah: Jehovah answered me [and set me] in a large place.
- Bible in Basic English (BBE)
- I made my prayer to the Lord in my trouble: and the Lord gave me an answer, and put me in a wide place.
- Darby Translation (DBY)
- I called upon Jah in distress; Jah answered me [and set me] in a large place.
- Webster's Bible (WBS)
- I called upon the LORD in distress: the LORD answered me, [and set me] in a large place.
- Young's Literal Translation (YLT)
- From the straitness I called Jah, Jah answered me in a broad place.
Read in context
- 3हारून का घराना कहे, उसकी करूणा सदा की है।
- 4यहोवा के डरवैये कहे, उसकी करूणा सदा की है।
- 5मैं ने सकेती में परमेश्वर को पुकारा, परमेश्वर ने मेरी सुनकर, मुझे चौड़े स्थान में पहुंचाया।
- 6यहोवा मेरी ओर है, मैं न डरूंगा। मनुष्य मेरा क्या कर सकता है?
- 7यहोवा मेरी ओर मेरे सहायकों में है; मैं अपने बैरियों पर दृष्टि कर सन्तुष्ट हूंगा।
Cross references
- Psalm 18:19 भजन संहिता 18:19और उस ने मुझे निकालकर चौड़े स्थान में पहुंचाया, उस ने मुझ को छुड़ाया, क्योंकि वह मुझ से प्रसन्न था।
- Psalm 18:6 भजन संहिता 18:6अपने संकट में मैं ने यहोवा परमेश्वर को पुकारा; मैं ने अपने परमेश्वर को दोहाई दी। और उस ने अपने मन्दिर में से मेरी बातें सुनी। और मेरी दोहाई उसके पास पहुंचकर उसके कानों में पड़ी।।
- Psalm 120:1 भजन संहिता 120:1संकट के समय मैं ने यहोवा को पुकारा, और उस ने मेरी सुन ली।
- Psalm 107:19 भजन संहिता 107:19तब वे संकट में यहोवा की दोहाई देते हैं, और व सकेती से उनका उद्धार करता है;
- Psalm 130:1–2 भजन संहिता 130:1–2हे यहोवा, मैं ने गहिरे स्थानों में से तुझ को पुकारा है! हे प्रभु, मेरी सुन! तेरे कान मेरे गिड़गिड़ाने की ओर ध्यान से लगे रहें!
- Psalm 31:8 भजन संहिता 31:8और तू ने मुझे शत्रु के हाथ में पड़ने नहीं दिया; तू ने मेरे पांवों को चौड़े स्थान में खड़ा किया है।।
- 1 Samuel 30:6–8 1 शमूएल 30:6–8और दाऊद बड़े संकट में पड़ा; क्योंकि लोग अपने बेटे- बेटियों के कारण बहुत शोकित होकर उस पर पत्थरवाह करने की चर्चा कर रहे थे। परन्तु दाऊद ने अपने परमेश्वर यहोवा को स्मरण करके हियाव बान्धा।। तब दाऊद ने अहीमेलेक के पुत्रा एब्यातार याजक से कहा, एपोद को मेरे पास ला। तब एब्यातार एपोद को दाऊद के पास ले आया। और दाऊद ने यहोवा से पूछा, क्या मैं इस दल का पीछा करूं? क्या उसको जा पकडूंगा? उस ने उस से कहा, पीछा कर; क्योंकि तू निश्चय उसको पकड़ेगा, और निसन्देह सब कुछ छुड़ा लाएगा;
- Psalm 107:13 भजन संहिता 107:13तब उन्हों ने संकट में यहोवा की दोहाई दी, और उस न सकेती से उनका उद्धार किया;
- Psalm 40:1–3 भजन संहिता 40:1–3मैं धीरज से यहोवा की बाट जोहता रहा; और उस ने मेरी ओर झुककर मेरी दोहाई सुनी। उस ने मुझे सत्यानाश के गड़हे और दलदल की कीच में से उबारा, और मुझ को चट्टान पर खड़ा करके मेरे पैरों को दृढ़ किया है। और उस ने मुझे एक नया गीत सिखाया जो हमारे परमेश्वर की स्तुति का है। बहुतेरे यह देखकर डरेंगे, और यहोवा पर भरोसा रखेंगे।।
- Psalm 116:3–4 भजन संहिता 116:3–4मृत्यु की रस्सियां मेरे चारों ओर थीं; मैं अधोलोक की सकेती में पड़ा था; मुझे संकट और शोक भोगना पड़ा। तब मैं ने यहोवा से प्रार्थना की, कि हे यहोवा बिनती सुनकर मेरे प्राण को बचा ले!
- Mark 14:31–36 मरकुस 14:31–36पर उस ने और भी जोर देकर कहा, यदि मुझे तेरे साथ मरना भी पड़े तौभी तेरा इन्कार कभी न करूंगा: इसी प्रकार और सब ने भी कहा।। फिर वे गतसमने नाम एक जगह में आए, और उस ने अपने चेलों से कहा, यहां बैठे रहो, जब तक मैं प्रार्थना करूं। और वह पतरस और याकूब और यूहन्ना को अपने साथ ले गया: और बहुत ही अधीर, और व्याकुल होने लगा। और उन से कहा; मेरा मन बहुत उदास है, यहां तक कि मैं मरने पर हूं: तुम यहां ठहरो, और जागते रहो। और वह थोड़ा आगे बढ़ा, और भूमि पर गिरकर प्रार्थना करने लगा, कि यदि हो सके तो यह घड़ी मुझ पर से टल जाए। और कहा, हे अब्बा, हे पिता, तुझ से सब कुछ हो सकता है; इस कटोरे को मेरे पास से हटा ले: तौभी जैसा मैं चाहता हूं वैसा नहीं, पर जो तू चाहता है वही हो।
- Psalm 77:2 भजन संहिता 77:2संकट के दिन मैं प्रभु की खोज में लगा रहा; रात को मेरा हाथ फैला रहा, और ढीला न हुआ, मुझ में शांति आई ही नहीं।