Psalms · chapter 118 · verse 8
Psalm 118:8 in Hindi
यहोवा की शरण लेनी, मनुष्य पर भरोसा रखने से उत्तम है।
Yahovaa kee sharan lenee, manushy par bharosaa rakhane se uttam hai.
Psalm 118:8 in English
- King James Version (KJV)
- [It is] better to trust in the LORD than to put confidence in man.
- World English Bible (WEB)
- It is better to take refuge in the LORD, than to put confidence in man.
- American Standard Version (ASV)
- It is better to take refuge in Jehovah Than to put confidence in man.
- Bible in Basic English (BBE)
- It is better to have faith in the Lord than to put one's hope in man.
- Darby Translation (DBY)
- It is better to trust in Jehovah than to put confidence in man;
- Webster's Bible (WBS)
- [It is] better to trust in the LORD than to put confidence in man.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Better to take refuge in Jehovah than to trust in man,
Read in context
- 6यहोवा मेरी ओर है, मैं न डरूंगा। मनुष्य मेरा क्या कर सकता है?
- 7यहोवा मेरी ओर मेरे सहायकों में है; मैं अपने बैरियों पर दृष्टि कर सन्तुष्ट हूंगा।
- 8यहोवा की शरण लेनी, मनुष्य पर भरोसा रखने से उत्तम है।
- 9यहोवा की शरण लेनी, प्रधानों पर भी भरोसा रखने से उत्तम है।।
- 10सब जातियों ने मुझ को घेर लिया है; परन्तु यहोवा के नाम से मैं निश्चय उन्हें नाश कर डालूंगा!
Cross references
- Psalm 40:4 भजन संहिता 40:4क्या ही धन्य है वह पुरूष, जो यहोवा पर भरोसा करता है, और अभिमानियों और मिथ्या की ओर मुड़नेवालों की ओर मुंह न फेरता हो।
- Jeremiah 17:5–7 यिर्मयाह 17:5–7यहोवा यों कहता है, स्रापित है वह पुरूष जो मनुष्य पर भरोसा रखता है, और उसका सहारा लेता है, जिसका मन यहोवा से भटक जाता है। वह निर्जल देश के अधमूए पेड़ के समान होगा और कभी भलाई न देखेगा। वह निर्जल और निर्जन तथा लोनछाई भूमि पर बसेगा। धन्य है वह पुरूष जो यहोवा पर भरोसा रखता है, जिस ने परमेश्वर को अपना आधार माना हो।
- Psalm 62:8–9 भजन संहिता 62:8–9हे लोगो, हर समय उस पर भरोसा रखो; उस से अपने अपने मन की बातें खोलकर कहो; परमेश्वर हमारा शरणस्थान है। सचमुच नीच लोग तो अस्थाई, और बड़े लोग मिथ्या ही हैं; तौल में वे हलके निकलते हैं; वे सब के सब सांस से भी हलके हैं।
- Micah 7:5–7 मीका 7:5–7मित्रा पर विश्वास मत करो, परममित्रा पर भी भरोसा मत रखो; वरन अपनी अर्द्धागिन से भी संभलकर बोलना। क्योंकि पुत्रा पिता का अपमान करता, और बेटी माता के, और पतोह सास के विरूद्ध उठती है; मनुष्य के शत्रु उसके घर ही के लोग होते हैं। परन्तु मैं यहोवा की ओर ताकता रहूंगा, मैं अपने उद्धारकर्ता परमेश्वर की बाट जोहता रहूंगा; मेरा परमेश्वर मेरी सुनेगा।।