Psalms · chapter 118 · verse 9
Psalm 118:9 in Hindi
यहोवा की शरण लेनी, प्रधानों पर भी भरोसा रखने से उत्तम है।।
Yahovaa kee sharan lenee, pradhaanom par bhee bharosaa rakhane se uttam hai..
Psalm 118:9 in English
- King James Version (KJV)
- [It is] better to trust in the LORD than to put confidence in princes.
- World English Bible (WEB)
- It is better to take refuge in the LORD, than to put confidence in princes.
- American Standard Version (ASV)
- It is better to take refuge in Jehovah Than to put confidence in princes.
- Bible in Basic English (BBE)
- It is better to have faith in the Lord than to put one's hope in rulers.
- Darby Translation (DBY)
- It is better to trust in Jehovah than to put confidence in nobles.
- Webster's Bible (WBS)
- [It is] better to trust in the LORD than to put confidence in princes.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Better to take refuge in Jehovah, Than to trust in princes.
Read in context
- 7यहोवा मेरी ओर मेरे सहायकों में है; मैं अपने बैरियों पर दृष्टि कर सन्तुष्ट हूंगा।
- 8यहोवा की शरण लेनी, मनुष्य पर भरोसा रखने से उत्तम है।
- 9यहोवा की शरण लेनी, प्रधानों पर भी भरोसा रखने से उत्तम है।।
- 10सब जातियों ने मुझ को घेर लिया है; परन्तु यहोवा के नाम से मैं निश्चय उन्हें नाश कर डालूंगा!
- 11उन्हों ने मुझ को घेर लिया है, नि:सन्देह घेर लिया है; परन्तु यहोवा के नाम से मैं निश्चय उन्हें नाश कर डालूंगा!
Cross references
- Psalm 146:3–5 भजन संहिता 146:3–5तुम प्रधानों पर भरोसा न रखना, न किसी आदमी पर, क्योंकि उस में उद्धार करने की भी शक्ति नहीं। उसका भी प्राण निकलेगा, वही भी मिट्टी में मिल जाएगा; उसी दिन उसकी सब कल्पनाएं नाश हो जाएंगी।। क्या ही धन्य वह है, जिसका सहायक याकूब का ईश्वर है, और जिसका भरोसा अपने परमेश्वर यहोवा पर है।
- Isaiah 31:1 यशायाह 31:1हाय उन पर जो सहायता पाने के लिये मि को जाते हैं और घोड़ों का आसरा करते हैं; जो रथों पर भरोसा रखते क्योंकि वे बहुत हैं, और सवारों पर, क्योंकि वे अति बलवान हैं, पर इस्राएल के पवित्रा की ओर दृष्टि नहीं करते और न यहोवा की खोज करते हैं!
- Ezekiel 29:7 यहेजकेल 29:7जब उन्होंने तुझ पर हाथ का बल दिया तब तू टूट गया और उनके पखौड़े उखड़ ही गए; और जब उन्होंने तुझ पर टेक लगाई, तब तू टूट गया, और उनकी कमर की सारी नसें चढ़ गई।
- Isaiah 30:2–3 यशायाह 30:2–3वे मुझ से बिन पूछे मि को जाते हैं कि फिरौन की रक्षा में रहे और मि की छाया में शरण लें। इसलिये फिरौन का शरणस्थान तुम्हारी लज्जा का, और मि की छाया में शरण लेना तुम्हारी निन्दा का कारण होगा।
- Isaiah 31:8 यशायाह 31:8तब अश्शूर उस तलवार से गिराया जाएगा जो मनुष्य की नहीं; वह उस तलवार का कौर हो जाएगा जो आदमी की नहीं; और वह तलवार के साम्हने से भागेगा और उसके जवान बेगार में पकड़े जाएंगे।
- Isaiah 30:15–17 यशायाह 30:15–17प्रभु यहोवा, इस्राएल का पवित्रा यों कहता है, लौट आने और शान्त रहने में तुम्हारा उद्धार है; शान्त रहते और भरोसा रखने में तुम्हारी वीरता है। परन्तु तुम ने ऐसा नहीं किया, तुम ने कहा, नहीं, हम तो घोड़ों पर चढ़कर भागेंगे, इसलिये तुम भागोगे; और यह भी कहा कि हम तेज सवारी पर चलेंगे, सो तुम्हारा पीछा करनेवाले उस से भी तेज होंगे। एक ही की धमकी से एक हजार भागेंगे, और पांच की धमकी से तुम ऐसा भागोगे कि अन्त में तुम पहाड़ की चोटी के डण्डे वा टीले के ऊपर की ध्वजा के समान रह जाओगे जो चिन्ह के लिये गाड़े जाते हैं।
- Isaiah 36:6–7 यशायाह 36:6–7सुन, तू तो उस कुचले हुए नरकट अर्थात् मि पर भरोसा रखता है; उस पर यदि कोई टेक लगाए तो वह उसके हाथ में चुभकर छेद कर देगा। मि का राजा फिरौन उन सब के साथ ऐसा ही करता है जो उस पर भरोसा रखते हैं। फिर यदि तू मुझ से कहे, हमारा भरोसा अपने परमेश्वर यहोवा पर है, तो क्या वह वही नहीं है जिसके ऊंचे स्थानों और वेदियों को ढा कर हिजकिरयाह ने यहूदा और यरूशलेम के लोगों से कहा कि तुम इस वेदी के साम्हने दण्डवत् किया करो?