Psalms · chapter 119 · verse 113
Psalm 119:113 in Hindi
मैं दुचित्तों से तो बैर रखता हूं, परन्तु तेरी व्यवस्था से प्रीति रखता हूं।
Maim duchittom se to bair rakhataa hoom, parantu teree vyavasthaa se preeti rakhataa hoon.
Psalm 119:113 in English
- King James Version (KJV)
- I hate [vain] thoughts: but thy law do I love.
- World English Bible (WEB)
- I hate double-minded men, but I love your law.
- American Standard Version (ASV)
- I hate them that are of a double mind; But thy law do I love.
- Bible in Basic English (BBE)
- SAMECH I am a hater of men of doubting mind; but I am a lover of your law.
- Darby Translation (DBY)
- SAMECH. The double-minded have I hated; but thy law do I love.
- Webster's Bible (WBS)
- SAMECH. I hate [vain] thoughts: but thy law do I love.
- Young's Literal Translation (YLT)
- [Samech.] Doubting ones I have hated, And Thy law I have loved.
Read in context
- 111मैं ने तेरी चितौनियों को सदा के लिये अपना निज भाग कर लिया है, क्योंकि वे मेरे हृदय के हर्ष का कारण है।
- 112मैं ने अपने मन को इस बात पर लगाया है, कि अन्त तक तेरी विधियों पर सदा चलता रहूं।
- 113मैं दुचित्तों से तो बैर रखता हूं, परन्तु तेरी व्यवस्था से प्रीति रखता हूं।
- 114तू मेरी आड़ और ढ़ाल है; मेरी आशा तेरे वचन पर है।
- 115हे कुकर्मियों, मुझ से दूर हो जाओ, कि मैं अपने परमेश्वर की आज्ञाओं को पकड़े रहूं।
Cross references
- James 1:8 याकूब 1:8वह व्यक्ति दुचित्ता है, और अपनी सारी बातों में चंचल है।।
- Jeremiah 4:14 यिर्मयाह 4:14हे यरूशलेम, अपना हृदय बुराई से धो, कि, तुम्हारा उठ्ठार हो जाए। तुम कब तक व्यर्थ कल्पनाएं करते रहोगे?
- Isaiah 55:7 यशायाह 55:7दुष्ट अपनी चालचलन और अनर्थकारी अपने सोच विचार छोड़कर यहोवा ही की ओर फिरे, वह उस पर दया करेगा, वह हमारे परमेश्वर की ओर फिरे और वह पूरी रीति से उसको क्षमा करेगा।
- Psalm 119:97 भजन संहिता 119:97अहा! मैं तेरी व्यवस्था में कैसी प्रीति रखता हूं! दिन भर मेरा ध्यान उसी पर लगा रहता है।
- Mark 7:21 मरकुस 7:21क्योंकि भीतर से अर्थात् मनुष्य मे मन से, बुरी बुरी चिन्ता व्यभिचार।
- 2 Corinthians 10:5 2 कुरिन्थियों 10:5सो हम कल्पनाओं को, और हर एक ऊंची बात को, जो परमेश्वर की पहिचान के विरोध में उठती है, खण्डन करते हैं; और हर एक भावना को कैद करके मसीह का आज्ञाकारी बना देते हैं।
- Psalm 119:103 भजन संहिता 119:103तेरे वचन मुझ को कैसे मीठे लगते हैं, वे मेरे मुंह में मधु से भी मीठे हैं!
- Psalm 94:11 भजन संहिता 94:11यहोवा मनुष्य की कल्पनाओं को तो जानता है कि वे मिथ्या हैं।।