Psalms · chapter 12 · verse 2
Psalm 12:2 in Hindi
उन में से प्रत्येक अपने पड़ोसी से झूठी बातें कहता है; वे चापलूसी के ओठों से दो रंगी बातें करते हैं।।
Un mem se pratyek apane padosee se jhoothee baatem kahataa hai; ve chaapaloosee ke othom se do rangee baatem karate hain..
Psalm 12:2 in English
- King James Version (KJV)
- They speak vanity every one with his neighbour: [with] flattering lips [and] with a double heart do they speak.
- World English Bible (WEB)
- Everyone lies to his neighbor. They speak with flattering lips, and with a double heart.
- American Standard Version (ASV)
- They speak falsehood every one with his neighbor: With flattering lip, and with a double heart, do they speak.
- Bible in Basic English (BBE)
- Everyone says false words to his neighbour: their tongues are smooth in their talk, and their hearts are full of deceit.
- Darby Translation (DBY)
- They speak falsehood every one with his neighbour: [with] flattering lip, with a double heart, do they speak.
- Webster's Bible (WBS)
- They speak vanity every one with his neighbor: [with] flattering lips [and] with a double heart do they speak.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Vanity they speak each with his neighbour, Lip of flattery! With heart and heart they speak.
Read in context
- 1हे परमेश्वर बचा ले, क्योंकि एक भी भक्त नहीं रहा; मनुष्यों में से विश्वासयोग्य लाग मर मिटे हैं।
- 2उन में से प्रत्येक अपने पड़ोसी से झूठी बातें कहता है; वे चापलूसी के ओठों से दो रंगी बातें करते हैं।।
- 3प्रभु सब चापलूस ओठों को और उस जीभ को जिस से बड़ा बोल निकलता है काट डालेगा।
- 4वे कहते हैं कि हम अपनी जीभ ही से जीतेंगे, हमारे ओंठ हमारे ही वश में हैं; हमार प्रभु कौन है?
Cross references
- Romans 16:18 रोमियों 16:18क्योंकि ऐसे लोग हमारे प्रभु मसीह की नहीं, परन्तु अपने पेट की सेवा करते है; और चिकनी चुमड़ी बातों से सीधे सादे मन के लोगों को बहका देते हैं।
- Jeremiah 9:8 यिर्मयाह 9:8उनकी जीभ काल के तीर के समान बेधनेवाली है, उस से छल की बातें निकलती हैं; वे मुंह से तो एक दूसरे से मेल की बात बोलते हैं पर मन ही मन एक दूसरे की घात में लगे रहते हैं।
- Psalm 41:6 भजन संहिता 41:6और जब वह मुझ से मिलने को आता है, तब वह व्यर्थ बातें बकता है, जब कि उसका मन अपने अन्दर अधर्म की बातें संचय करता है; और बाहर जाकर उनकी चर्चा करता है।
- Psalm 10:7 भजन संहिता 10:7उसका मुंह शाप और छल और अन्धेर से भरा है; उत्पात और अनर्थ की बातें उसके मुंह में हैं।
- Psalm 144:8 भजन संहिता 144:8उनके मुंह से तो व्यर्थ बातें निकलती हैं, और उनके दहिने हाथ से धोखे के काम होते हैं।।
- Psalm 5:9 भजन संहिता 5:9क्योंकि उनके मुंह में कोई सच्चाई नहीं; उनके मन में निरी दुष्टता है। उनका गला खुली हुई कब्र है, वे अपनी जीभ से चिकनी चुपड़ी बातें करते हैं।
- James 1:8 याकूब 1:8वह व्यक्ति दुचित्ता है, और अपनी सारी बातों में चंचल है।।
- Psalm 28:3 भजन संहिता 28:3उन दुष्टों और अनर्थकारियों के संग मुझे न घसीट; जो अपने पड़ोसियों से बातें तो मेल की बोलते हैं परन्तु हृदय में बुराई रखते हैं।
- 1 Thessalonians 2:5 1 थिस्सलुनीकियों 2:5क्योंकि तुम जानते हो, कि हम न तो कभी लल्लोपत्तो की बातें किया करते थे, और न लोभ के लिये बहाना करते थे, परमेश्वर गवाह है।
- Psalm 52:1–4 भजन संहिता 52:1–4हे वीर, तू बुराई करने पर क्यों घमण्ड करता है? ईश्वर की करूणा तो अनन्त है। तेरी जीभ केवल दुष्टता गढ़ती है; सारे धरे हुए अस्तुरे की नाईं वह छल का काम करती है। तू भलाई से बढ़कर बुराई में और अधर्म की बात से बढ़कर झूठ से प्रीति रखता है। हे छली जीभ तू सब विनाश करनेवाली बातों से प्रसन्न रहती है।।
- Ezekiel 12:24 यहेजकेल 12:24क्योंकि इस्राएल के घराने में न तो और अधिक झूठे दर्शन की कोई बात और न कोई चिकनी- चुपड़ी बात फिर कही जाएगी।
- Jeremiah 9:2–6 यिर्मयाह 9:2–6भला होता कि मुझे जंगल में बटोहियों का कोई टिकाब मिलता कि मैं अपने लोगों को छोड़कर वहीं चला जाता! क्योंकि वे सब व्यभिचारी हैं, वे विश्वासघातियों का समाज हैं। अपनी अपनी जीभ को वे धनुष की नाई झूठ होलने के लिये तैयार करते हैं, और देश में बलवन्त तो हो गए, परन्तु सच्चाई के लिये नहीं; वे बुराई पर बुराई बढ़ाते जाते हैं, और वे मुझ को जानते ही नहीं, यहोवा की यही वाणी है। अपने अपने संगी से चौकस रहो, अपने भाई पर भी भरोसा न रखो; क्योंकि सब भाई निश्चय अड़ंगा मारेंगे, और हर एक पड़ोसी लुतराई करते फिरेंगे। वे एक दूसरे को ठगेंगे और सच नहीं बोलेंगे; उन्हों ने झूठ ही बोलना सीखा है; और कुटिलता ही में परिश्रम करते हैं। तेरा निवास छल के बीच है; छल ही के कारण वे मेरा ज्ञान नहीं चाहते, यहोवा की यही वाणी है।