Psalms · chapter 28 · verse 3
Psalm 28:3 in Hindi
उन दुष्टों और अनर्थकारियों के संग मुझे न घसीट; जो अपने पड़ोसियों से बातें तो मेल की बोलते हैं परन्तु हृदय में बुराई रखते हैं।
Un dushtom aur anarthakaariyom ke sang mujhe na ghaseet; jo apane padosiyom se baatem to mel kee bolate haim parantu hruday mem buraaee rakhate hain.
Psalm 28:3 in English
- King James Version (KJV)
- Draw me not away with the wicked, and with the workers of iniquity, which speak peace to their neighbours, but mischief [is] in their hearts.
- World English Bible (WEB)
- Don’t draw me away with the wicked, with the workers of iniquity who speak peace with their neighbors, but mischief is in their hearts.
- American Standard Version (ASV)
- Draw me not away with the wicked, And with the workers of iniquity; That speak peace with their neighbors, But mischief is in their hearts.
- Bible in Basic English (BBE)
- Do not take me away with the sinners and the workers of evil, who say words of peace to their neighbours, but evil is in their hearts.
- Darby Translation (DBY)
- Draw me not away with the wicked, and with the workers of iniquity, who speak peace to their neighbours, and mischief is in their heart.
- Webster's Bible (WBS)
- Draw me not away with the wicked, and with the workers of iniquity, who speak peace to their neighbors, but mischief [is] in their hearts.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Draw me not with the wicked, And with workers of iniquity, Speaking peace with their neighbours, And evil in their heart.
Read in context
- 1हे यहोवा, मैं तुझी को पुकारूंगा; हे मेरी चट्टान, मेरी सुनी अनसुनी न कर, ऐसा न हो कि तेरे चुप रहने से मैं कब्र में पड़े हुओं के समान हो जाऊं जो पाताल में चले जाते हैं।
- 2जब मैं तेरी दोहाई दूं, और तेरे पवित्रास्थान की भीतरी कोठरी की ओर अपने हाथ उठाऊं, तब मेरी गिड़गिड़ाहट की बात सुन ले।
- 3उन दुष्टों और अनर्थकारियों के संग मुझे न घसीट; जो अपने पड़ोसियों से बातें तो मेल की बोलते हैं परन्तु हृदय में बुराई रखते हैं।
- 4उनके कामों के और उनकी करनी की बुराई के अनुसार उन से बर्ताव कर, उनके हाथों के काम के अनुसार उन्हें बदला दे; उनके कामों का पलटा उन्हें दे।
- 5वे यहोवा के कामों पर और उसके हाथों के कामों पर ध्यान नहीं करते, इसलिये वह उन्हें पछाड़ेगा और फिर न उठाएगा।।
Cross references
- Psalm 55:21 भजन संहिता 55:21उसके मुंह की बातें तो मक्खन सी चिकनी थी परन्तु उसके मन में लड़ाई की बातें थीं; उसके वचन तेल से अधिक नरम तो थे परन्तु नंगी तलवारें थीं।।
- Psalm 12:2 भजन संहिता 12:2उन में से प्रत्येक अपने पड़ोसी से झूठी बातें कहता है; वे चापलूसी के ओठों से दो रंगी बातें करते हैं।।
- Jeremiah 9:8–9 यिर्मयाह 9:8–9उनकी जीभ काल के तीर के समान बेधनेवाली है, उस से छल की बातें निकलती हैं; वे मुंह से तो एक दूसरे से मेल की बात बोलते हैं पर मन ही मन एक दूसरे की घात में लगे रहते हैं। क्या मैं ऐसी बातों का दणड न दूं? यहोवा की सह वाणी है, क्या मैं ऐसी जाति से अपना पलटा न लूं?
- Psalm 26:9 भजन संहिता 26:9मेरे प्राण को पापियों के साथ, और मेरे जीवन को हत्यारों के साथ न मिला।
- Micah 3:5 मीका 3:5यहोवा का यह वचन है कि जो भविष्यद्वक्ता मेरी प्रजा को भटका देते हैं, और जब उन्हें खाने को मिलता है तब शान्ति, शान्ति, पुकारते हैं, और यदि कोई उनके मुंह में कुछ न दे, तो उसके विरूद्ध युद्ध करते को तैयार हो जाते हैं।
- Psalm 62:4 भजन संहिता 62:4सचमुच वे उसको, उसके ऊंचे पद से गिराने की सम्मति करते हैं; वे झूठ से प्रसन्न रहते हैं। मुंह से तो वे आशीर्वाद देते पर मन में कोसते हैं।।
- Proverbs 26:23–26 नीतिवचन 26:23–26जैसा कोई चान्दी का पानी चढ़ाया हुअ मिट्टी का बर्तन हो, वैसा ही बुरे मनवाले के प्रेम भरे वचन होते हैं। जो बैरी बात से तो अपने को भोला बनाता है, परन्तु अपने भीतर छल रखता है, उसकी मीठी- मीठी बात प्रतीति न करना, क्योंकि उसके मन में सात घिनौनी वस्तुएं रहती हैं; चाहे उसका बैर छल के कारण छिप भी जाए, तौभी उसकी बुराई सभा के बीच प्रगट हो जाएगी।
- Matthew 25:41 मत्ती 25:41तब वह बाईं ओर वालों से कहेगा, हे स्रापित लोगो, मेरे साम्हने से उस अनन्त आग में चले जाओ, जो शैतान और उसके दूतों के लिये तैयार की गई है।
- Psalm 7:14 भजन संहिता 7:14देख दुष्ट को अनर्थ काम की पीड़ाएं हो रही हैं, उसको उत्पात का गर्भ है, और उस से झूठ उत्पन्न हुआ। उस ने गड़हा खोदकर उसे गहिरा किया,
- Psalm 10:14 भजन संहिता 10:14परमेश्वर को दुष्ट क्यों तुच्छ जानता है, और अपने मन में कहता है कि तू लेखा न लेगा?
- Psalm 36:4 भजन संहिता 36:4वह अपने बिछौने पर पड़े पड़े अनर्थ की कल्पना करता है; वह अपने कुमार्ग पर दृढ़ता से बना रहता है; बुराई से वह हाथ नहीं उठाता।।
- Psalm 10:7 भजन संहिता 10:7उसका मुंह शाप और छल और अन्धेर से भरा है; उत्पात और अनर्थ की बातें उसके मुंह में हैं।