Psalms · chapter 5 · verse 9
Psalm 5:9 in Hindi
क्योंकि उनके मुंह में कोई सच्चाई नहीं; उनके मन में निरी दुष्टता है। उनका गला खुली हुई कब्र है, वे अपनी जीभ से चिकनी चुपड़ी बातें करते हैं।
Kyonki unake munh mem koee sachchaaee naheem; unake man mem niree dushtataa hai. Unakaa galaa khulee huee kabr hai, ve apanee jeebh se chikanee chupadee baatem karate hain.
Psalm 5:9 in English
- King James Version (KJV)
- For [there is] no faithfulness in their mouth; their inward part [is] very wickedness; their throat [is] an open sepulchre; they flatter with their tongue.
- World English Bible (WEB)
- For there is no faithfulness in their mouth. Their heart is destruction. Their throat is an open tomb. They flatter with their tongue.
- American Standard Version (ASV)
- For there is no faithfulness in their mouth; Their inward part is very wickedness; Their throat is an open sepulchre; They flatter with their tongue.
- Bible in Basic English (BBE)
- For no faith may be put in their words; their inner part is nothing but evil; their throat is like an open place for the dead; smooth are the words of their tongues.
- Darby Translation (DBY)
- For there is no certainty in their mouth; their inward part is perversion, their throat is an open sepulchre; they flatter with their tongue.
- Webster's Bible (WBS)
- For [there is] no faithfulness in their mouth; their inward part [is] very wickedness; their throat [is] an open sepulcher; they flatter with their tongue.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For there is no stability in their mouth. Their heart [is] mischiefs, An open grave [is] their throat, Their tongue they make smooth.
Read in context
- 7परन्तु मैं तो तेरी अपार करूणा के कारण तेरे भवन में आऊंगा, मैं तेरा भय मानकर तेरे पवित्र मन्दिर की ओर दण्डवत् करूंगा।
- 8हे यहोवा, मेरे शत्रुओं के कारण अपने धर्म के मार्ग में मेरी अगुवाई कर; मेरे आगे आगे अपने सीधे मार्ग को दिखा।
- 9क्योंकि उनके मुंह में कोई सच्चाई नहीं; उनके मन में निरी दुष्टता है। उनका गला खुली हुई कब्र है, वे अपनी जीभ से चिकनी चुपड़ी बातें करते हैं।
- 10हे परमेश्वर तू उन को दोषी ठहरा; वे अपनी ही युक्तियों से आप ही गिर जाएं; उन को उनके अपराधों की अधिकाई के कारण निकाल बाहर कर, क्योंकि उन्होंने तुझ से बलवा किया है॥
- 11परन्तु जितने तुझ पर भरोसा रखते हैं वे सब आनन्द करें, वे सर्वदा ऊंचे स्वर से गाते रहें; क्योंकि तू उनकी रक्षा करता है, और जो तेरे नाम के प्रेमी हैं तुझ में प्रफुल्लित हों।
Cross references
- Romans 3:13 रोमियों 3:13उन का गला खुली हुई कब्र है: उन्हीं ने अपनी जीभों से छल किया है: उन के होठों में सापों का विष है।
- Jeremiah 9:3–6 यिर्मयाह 9:3–6अपनी अपनी जीभ को वे धनुष की नाई झूठ होलने के लिये तैयार करते हैं, और देश में बलवन्त तो हो गए, परन्तु सच्चाई के लिये नहीं; वे बुराई पर बुराई बढ़ाते जाते हैं, और वे मुझ को जानते ही नहीं, यहोवा की यही वाणी है। अपने अपने संगी से चौकस रहो, अपने भाई पर भी भरोसा न रखो; क्योंकि सब भाई निश्चय अड़ंगा मारेंगे, और हर एक पड़ोसी लुतराई करते फिरेंगे। वे एक दूसरे को ठगेंगे और सच नहीं बोलेंगे; उन्हों ने झूठ ही बोलना सीखा है; और कुटिलता ही में परिश्रम करते हैं। तेरा निवास छल के बीच है; छल ही के कारण वे मेरा ज्ञान नहीं चाहते, यहोवा की यही वाणी है।
- Psalm 62:4 भजन संहिता 62:4सचमुच वे उसको, उसके ऊंचे पद से गिराने की सम्मति करते हैं; वे झूठ से प्रसन्न रहते हैं। मुंह से तो वे आशीर्वाद देते पर मन में कोसते हैं।।
- Micah 6:12 मीका 6:12यहां के धनवान् लोग उपद्रव का काम देखा करते हैं; और यहां के सब रहनेवाले झूठ बोलते हैं और उनके मुंह से छल की बातें निकलती हैं।
- Proverbs 29:5 नीतिवचन 29:5जो पुरूष किसी से चिकनी चुपड़ी बातें करता है, वह उसके पैरों के लिये जाल लगाता है।
- Luke 11:44 लूका 11:44हाय तुम पर! क्योंकि तुम उन छिपी कब्रों के समान हो, जिन पर लोग चलते हैं, परन्तु नहीं जानते।।
- Psalm 52:2 भजन संहिता 52:2तेरी जीभ केवल दुष्टता गढ़ती है; सारे धरे हुए अस्तुरे की नाईं वह छल का काम करती है।
- Psalm 51:6 भजन संहिता 51:6देख, तू हृदय की सच्चाई से प्रसन्न होता है; और मेरे मन ही में ज्ञान सिखाएगा।
- Jeremiah 17:9 यिर्मयाह 17:9मन तो सब वस्तुओं से अधिक धोख देनेवाला होता है, उस में असाध्य रोग लगा है; उसका भेद कौन समझ सकता है?
- Psalm 64:6 भजन संहिता 64:6वे कुटिलता की युक्ति निकालते हैं; और कहते हैं, कि हम ने पक्की युक्ति खोजकर निकाली है। क्योंकि मनुष्य का मन और हृदय अथाह हैं!
- Psalm 12:2–3 भजन संहिता 12:2–3उन में से प्रत्येक अपने पड़ोसी से झूठी बातें कहता है; वे चापलूसी के ओठों से दो रंगी बातें करते हैं।। प्रभु सब चापलूस ओठों को और उस जीभ को जिस से बड़ा बोल निकलता है काट डालेगा।
- Psalm 58:2–3 भजन संहिता 58:2–3नहीं, तुम मन ही मन में कुटिल काम करते हो; तुम देश भर में उपद्रव करते जाते हो।। दुष्ट लोग जन्मते ही पराए हो जाते हैं, वे पेट से निकलते ही झूठ बालते हुए भटक जाते हैं।