Psalms · chapter 139 · verse 6
Psalm 139:6 in Hindi
यह ज्ञान मेरे लिये बहुत कठिन है; यह गम्भीर और मेरी समझ से बाहर है।।
Yah jnyaan mere liye bahut kathin hai; yah gambheer aur meree samajh se baahar hai..
Psalm 139:6 in English
- King James Version (KJV)
- [Such] knowledge [is] too wonderful for me; it is high, I cannot [attain] unto it.
- World English Bible (WEB)
- This knowledge is beyond me. It’s lofty. I can’t attain it.
- American Standard Version (ASV)
- [Such] knowledge is too wonderful for me; It is high, I cannot attain unto it.
- Bible in Basic English (BBE)
- Such knowledge is a wonder greater than my powers; it is so high that I may not come near it.
- Darby Translation (DBY)
- O knowledge too wonderful for me! it is high, I cannot [attain] unto it.
- Webster's Bible (WBS)
- [Such] knowledge [is] too wonderful for me; it is high, I cannot [attain] to it.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Knowledge too wonderful for me, It hath been set on high, I am not able for it.
Read in context
- 4हे यहोवा, मेरे मुंह में ऐसी कोई बात नहीं जिसे तू पूरी रीति से न जानता हो।
- 5तू ने मुझे आगे पीछे घेर रखा है, और अपना हाथ मुझ पर रखे रहता है।
- 6यह ज्ञान मेरे लिये बहुत कठिन है; यह गम्भीर और मेरी समझ से बाहर है।।
- 7मैं तेरे आत्मा से भागकर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं?
- 8यदि मैं आकाश पर चढूं, तो तू वहां है! यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछाऊं तो वहां भी तू है!
Cross references
- Romans 11:33 रोमियों 11:33आहा! परमेश्वर का धन और बुद्धि और ज्ञान क्या ही गंभीर है! उसके विचार कैसे अथाह, और उसके मार्ग कैसे अगम हैं!
- Job 42:3 अय्यूब 42:3तू कौन है जो ज्ञान रहित होकर युक्ति पर परदा डालता है? परन्तु मैं ने तो जो नहीं समझता था वही कहा, अर्थात् जो बातें मेरे लिये अधिक कठिन और मेरी समझ से बाहर थीं जिनको मैं जानता भी नहीं था।
- Job 11:7–9 अय्यूब 11:7–9क्या तू ईश्वर का गूढ़ भेद पा सकता है? और क्या तू सर्वशक्तिमान का मर्म पूरी रीति से चांच सकता है? वह आकाश सा ऊंचा है; तू क्या कर सकता है? वह अधोलोक से गहिरा है, तू कहां समझ सकता है? उसकी माप पृथ्वी से भी लम्बी है और समुद्र से चौड़ी है।
- Psalm 40:5 भजन संहिता 40:5हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तू ने बहुत से काम किए हैं! जो आश्चर्यकर्म और कल्पनाएं तू हमारे लिये करता है वह बहुत सी हैं; तेरे तुल्य कोई नहीं! मैं तो चाहता हूं की खोलकर उनकी चर्चा करूं, परन्तु उनकी गिनती नहीं हो सकती।।
- Job 26:14 अय्यूब 26:14देखो, ये तो उसकी गति के किनारे ही हैं; और उसकी आहट फुसफुसाहट ही सी तो सुन पड़ती है, फिर उसके पराक्रम के गरजने का भेद कौन समझ सकता है?
- Proverbs 30:2–4 नीतिवचन 30:2–4निश्चय मैं पशु सरीखा हूं, वरन मनुष्य कहलाने के योग्य भी नहीं; और मनुष्य की समझ मुझ में नहीं है। न मैं ने बुद्धि प्राप्त की है, और न परमपवित्रा का ज्ञान मुझे मिला है। कौन स्वर्ग में चढ़कर फिर उतर अया? किस ने वायु को अपनी मुट्ठी में बटोर रखा है? किस ने महासागर को अपने वस्त्रा में बान्ध लिया है? किस ने पृथ्वी के सिवनों को ठहराया है? उसका नाम क्या है? और उसके पुत्रा का नाम क्या है? यदि तू जानता हो तो बता!
- Psalm 13:1 भजन संहिता 13:1हे परमेश्वर तू कब तक? क्या सदैव मुझे भूला रहेगा? तू कब तक अपना मुखड़ा मुझ से छिपाए रहेगा?