Psalms · chapter 143 · verse 4
Psalm 143:4 in Hindi
मेरी आत्मा भीतर से व्याकुल हो रही है मेरा मन विकल है।।
Meree aatmaa bheetar se vyaakul ho rahee hai meraa man vikal hai..
Psalm 143:4 in English
- King James Version (KJV)
- Therefore is my spirit overwhelmed within me; my heart within me is desolate.
- World English Bible (WEB)
- Therefore my spirit is overwhelmed within me. My heart within me is desolate.
- American Standard Version (ASV)
- Therefore is my spirit overwhelmed within me; My heart within me is desolate.
- Bible in Basic English (BBE)
- Because of this my spirit is overcome; and my heart is full of fear.
- Darby Translation (DBY)
- And my spirit is overwhelmed within me; my heart within me is desolate.
- Webster's Bible (WBS)
- Therefore is my spirit overwhelmed within me; my heart within me is desolate.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And my spirit in me is become feeble, Within me is my heart become desolate.
Read in context
- 2और अपने दास से मुक मा न चला! क्योंकि कोई प्राणी तेरी दृष्टि में निर्दोष नहीं ठहर सकता।।
- 3शत्रु तो मेरे प्राण का गाहक हुआ है; उस ने मुझे चूर करके मिट्टी में मिलाया है, और मुझे ढेर दिन के मरे हुओं के समान अन्धेरे स्थान में डाल दिया है।
- 4मेरी आत्मा भीतर से व्याकुल हो रही है मेरा मन विकल है।।
- 5मुझे प्राचीनकाल के दिन स्मरण आते हैं, मैं तेरे सब अद्भुत कामों पर ध्यान करता हूं, और तेरे काम को सोचता हूं।
- 6मैं तेरी ओर अपने हाथ फैलाए हूए हूं; सूखी भूमि की नाईं मैं तेरा प्यासा हूं।।
Cross references
- Psalm 142:3 भजन संहिता 142:3जब मेरी आत्मा मेरे भीतर से व्याकुल हो रही थी, तब तू मेरी दशा को जानता था! जिस रास्ते से मैं जानेवाला था, उसी में उन्हों ने मेरे लिये फन्दा लगाया।
- Psalm 77:3 भजन संहिता 77:3मैं परमेश्वर का स्मरण कर करके कहरता हूं; मैं चिन्ता करते करते मूर्छित हो चला हूं। (सेला)
- Psalm 55:5 भजन संहिता 55:5भय और कंपकपी ने मुझे पकड़ लिया है, और भय के कारण मेरे रोंए रोंए खड़े हो गए हैं।
- Psalm 102:3–4 भजन संहिता 102:3–4क्योंकि मेरे दिन धुएं की नाईं उड़े जाते हैं, और मेरी हडि्डयां लुकटी के समान जल गई हैं। मेरा मन झुलसी हुई घास की नाईं सूख गया है; और मैं अपनी रोटी खाना भूल जाता हूं।
- Luke 22:44 लूका 22:44और वह अत्यन्त संकट में व्याकुल होकर और भी हृदय वेदना से प्रार्थना करने लगा; और उसका पसीना मानो लोहू की बड़ी बड़ी बून्दों की नाई भूमि पर गिर रहा था।
- Job 6:27 अय्यूब 6:27तुम अनाथों पर चिट्ठी डालते, और अपने मित्रा को बेचकर लाभ उठानेवाले हो।
- Psalm 25:16 भजन संहिता 25:16हे यहोवा मेरी ओर फिरकर मुझ पर अनुग्रह कर; क्योंकि मैं अकेला और दीन हूं।
- Psalm 124:4 भजन संहिता 124:4हम उसी समय जल में डूब जाते और धारा में बह जाते;
- Psalm 119:81–83 भजन संहिता 119:81–83मेरा प्राण तेरे उद्धार के लिये बैचेन है; परन्तु मुझे तेरे वचन पर आशा रहती है। मेरी आंखें तेरे वचन के पूरे होने की बाट जोहते जोहते रह गईं है; और मैं कहता हूं कि तू मुझे कब शान्ति देगा? क्योंकि मैं धूएं में की कुप्पी के समान हो गया हूं, तौभी तेरी विधियों को नहीं भूला।
- Psalm 102:1 भजन संहिता 102:1हे यहोवा, मेरी प्रार्थना सुन; मेरी दोहाई तुझ तक पहुंचे!
- Psalm 61:2 भजन संहिता 61:2मूर्छा खाते समय मैं पृथ्वी की छोर से भी तुझे पुकारूंगा, जो चट्टान मेरे लिये ऊंची है, उस पर मुझ को ले चला;