Psalms · chapter 61 · verse 2
Psalm 61:2 in Hindi
मूर्छा खाते समय मैं पृथ्वी की छोर से भी तुझे पुकारूंगा, जो चट्टान मेरे लिये ऊंची है, उस पर मुझ को ले चला;
Moorchhaa khaate samay maim pruthvee kee chhor se bhee tujhe pukaaroongaa, jo chattaan mere liye oonchee hai, us par mujh ko le chalaa;
Psalm 61:2 in English
- King James Version (KJV)
- From the end of the earth will I cry unto thee, when my heart is overwhelmed: lead me to the rock [that] is higher than I.
- World English Bible (WEB)
- From the end of the earth, I will call to you when my heart is overwhelmed. Lead me to the rock that is higher than I.
- American Standard Version (ASV)
- From the end of the earth will I call unto thee, when my heart is overwhelmed: Lead me to the rock that is higher than I.
- Bible in Basic English (BBE)
- From the end of the earth will I send up my cry to you, when my heart is overcome: take me to the rock which is over-high for me.
- Darby Translation (DBY)
- From the end of the earth will I call unto thee, when my heart is overwhelmed: thou wilt lead me on to a rock which is too high for me.
- Webster's Bible (WBS)
- From the end of the earth will I cry to thee, when my heart is overwhelmed: lead me to the rock [that] is higher than I.
- Young's Literal Translation (YLT)
- From the end of the land unto Thee I call, In the feebleness of my heart, Into a rock higher than I Thou dost lead me.
Read in context
- 1हे परमेश्वर, मेरा चिल्लाना सुन, मेरी प्रार्थना की ओर घ्यान दे।
- 2मूर्छा खाते समय मैं पृथ्वी की छोर से भी तुझे पुकारूंगा, जो चट्टान मेरे लिये ऊंची है, उस पर मुझ को ले चला;
- 3क्योंकि तू मेरा शरणस्थान है, और शत्रु से बचने के लिये ऊंचा गढ़ है।।
- 4मै तेरे तम्बू में युगानुयुग बना रहूंगा।
Cross references
- Psalm 18:2 भजन संहिता 18:2यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़ और मेरा छुड़ानेवाला है; मेरा ईश्वर, मेरी चट्टान है, जिसका मैं शरणागत हूं, वह मेरी ढ़ाल और मेरी मुक्ति का गढ़ है।
- Psalm 139:9–10 भजन संहिता 139:9–10यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़कर समुद्र के पार जा बसूं, तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा।
- Isaiah 32:2 यशायाह 32:2हर एक मानो आंधी से छिपने का स्थान, और बौछार से आड़ होगा; या निर्जल देश में जल के झरनेे, व तप्त भूमि में बड़ी चट्टान की छाया।
- Psalm 62:6 भजन संहिता 62:6सचमुच वही मेरी चट्टान, और मेरा उद्धार है, वह मेरा गढ़ है; इसलिये मैं न डिगूंगा।
- Deuteronomy 4:29 व्यवस्थाविवरण 4:29परन्तु वहां भी यदि तुम अपने परमेश्वर यहोवा को ढूंढ़ोगे, तो वह तुम को मिल जाएगा, शर्त यह है कि तुम अपने पूरे मन से और अपने सारे प्राण से उसे ढूंढ़ो।
- Psalm 77:3 भजन संहिता 77:3मैं परमेश्वर का स्मरण कर करके कहरता हूं; मैं चिन्ता करते करते मूर्छित हो चला हूं। (सेला)
- Psalm 62:2 भजन संहिता 62:2सचमुच वही, मेरी चट्टान और मेरा उद्धार है, वह मेरा गढ़ है; मैं बहुत न डिगूंगा।।
- Psalm 18:46 भजन संहिता 18:46यहोवा परमेश्वर जीवित है; मेरी चट्टान धन्य है; और मेरे मुक्तिदाता परमेश्वर की बड़ाई हो।
- Psalm 27:5 भजन संहिता 27:5क्योंकि वह तो मुझे विपत्ति के दिन में अपने मण्डप में छिपा रखेगा; अपने तम्बू के गुप्तस्थान में वह मुझे छिपा लेगा, और चट्टान पर चढ़ाएगा।
- Psalm 142:3 भजन संहिता 142:3जब मेरी आत्मा मेरे भीतर से व्याकुल हो रही थी, तब तू मेरी दशा को जानता था! जिस रास्ते से मैं जानेवाला था, उसी में उन्हों ने मेरे लिये फन्दा लगाया।
- Psalm 40:2 भजन संहिता 40:2उस ने मुझे सत्यानाश के गड़हे और दलदल की कीच में से उबारा, और मुझ को चट्टान पर खड़ा करके मेरे पैरों को दृढ़ किया है।
- Jonah 2:2–4 योना 2:2–4मैं ने संकट में पड़े हुए यहोवा की दोहाई दी, और उस ने मेरी सुन ली है; अधोलोक के उदर में से मैं चिल्ला उठा, और तू ने मेरी सुन ली। तू ने मुझे गहिरे सागर में समुद्र की थाह तक डाल दिया; और मैं धाराओं के बीच में पड़ा था, तेरी भड़काई हुई सब तरंग और लहरें मेरे ऊपर से बह गईं। तब मैं ने कहा, मैं तेरे साम्हने से निकाल दिया गया हूं; तौभी तेरे पवित्रा मन्दिर की ओर फिर ताकूंगा।