Psalms · chapter 22 · verse 1
Psalm 22:1 in Hindi
हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया? तू मेरी पुकार से और मेरी सहायत करने से क्यों दूर रहता है? मेरा उद्धार कहां है?
He mere parameshvar, he mere parameshvar, too ne mujhe kyom chhod diyaa? Too meree pukaar se aur meree sahaayat karane se kyom door rahataa hai? Meraa uddhaar kahaam hai?
Psalm 22:1 in English
- King James Version (KJV)
- To the chief Musician upon Aijeleth Shahar, A Psalm of David. My God, my God, why hast thou forsaken me? [why art thou so] far from helping me, [and from] the words of my roaring?
- World English Bible (WEB)
- For the Chief Musician; set to “The Doe of the Morning.” A Psalm by David. My God, my God, why have you forsaken me? Why are you so far from helping me, and from the words of my groaning?
- American Standard Version (ASV)
- For the Chief Musician; set to Aijeleth hash-Shahar. A Psalm of David. My God, my God, why hast thou forsaken me? [Why art thou so] far from helping me, [and from] the words of my groaning?
- Bible in Basic English (BBE)
- To the chief music-maker on Aijeleth-hash-shahar. A Psalm. Of David. My God, my God, why are you turned away from me? why are you so far from helping me, and from the words of my crying?
- Darby Translation (DBY)
- To the chief Musician. Upon Aijeleth-Shahar. A Psalm of David. My God, my God, why hast thou forsaken me? [why art thou] far from my salvation, from the words of my groaning?
- Webster's Bible (WBS)
- To the chief Musician upon Aijeleth Shahar, A Psalm of David. My God, my God, why hast thou forsaken me? [why art thou so far] from helping me, [and from] the words of my roaring?
- Young's Literal Translation (YLT)
- To the Overseer, on 'The Hind of the Morning.' — A Psalm of David. My God, my God, why hast Thou forsaken me? Far from my salvation, The words of my roaring?
Read in context
- 1हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया? तू मेरी पुकार से और मेरी सहायत करने से क्यों दूर रहता है? मेरा उद्धार कहां है?
- 2हे मेरे परमेश्वर, मैं दिन को पुकारता हूं परन्तु तू उत्तर नहीं देता; और रात को भी मैं चुप नहीं रहता।
- 3परन्तु हे तू जो इस्राएल की स्तुति के सिहांसन पर विराजमान है, तू तो पवित्रा है।
Cross references
- Mark 15:34 मरकुस 15:34तीसरे पहर यीशु ने बड़े शब्द से पुकार कर कहा, इलोई, इलोई, लमा शबक्तनी? जिस का अर्थ है; हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया?
- Matthew 27:46 मत्ती 27:46तीसरे पहर के निकट यीशु ने बड़े शब्द से पुकारकर कहा, एली, एली, लमा शबक्तनी? अर्थात् हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया?
- Hebrews 5:7 इब्रानियों 5:7उस ने अपनी देह में रहने के दिनों में ऊंचे शब्द से पुकार पुकारकर, और आंसू बहा बहाकर उस से जो उस को मृत्यु से बचा सकता था, प्रार्थनाएं और बिनती की और भक्ति के कारण उस की सुनी गई।
- Psalm 22:16 भजन संहिता 22:16क्योंकि कुत्तों ने मुझे घेर लिया है; कुकर्मियों की मण्डली मेरी चरों ओर मुझे घेरे हुए है; वह मेरे हाथ और मेरे पैर छेदते हैं।
- Job 3:24 अय्यूब 3:24मुझे तो रोटी खाने की सन्ती लम्बी लम्बी सांसें आती हैं, और मेरा विलाप धारा की नाई बहता रहता है।
- Luke 24:44 लूका 24:44फिर उस ने उन से कहा, ये मेरी वे बातें हैं, जो मैं ने तुम्हारे साथ रहते हुए, तुम से कही थीं, कि अवश्य है, कि जितनी बातें मूसा की व्यवस्था और भविष्यद्वक्ताओं और भजनों की पुस्तकों में, मेरे विषय में लिखी हैं, सब पूरी हों।
- Psalm 43:1–5 भजन संहिता 43:1–5हे परमेश्वर, मेरा न्याय चुका और विधर्मी जाति से मेरा मुक मा लड़; मुझ को छली और कुटिल पुरूष से बचा। क्योंकि हे परमेश्वर, तू ही मेरी शरण है, तू ने क्यों मुझे त्याग दिया है? मैं शत्रु के अन्धेर के मारे शोक का पहिरावा पहिने हुए क्यों फिरता रहूं? अपने प्रकाश और अपनी सच्चाई को भेज; वे मेरी अगुवाई करें, वे ही मुझ को तेरे पवित्रा पर्वत पर और तेरे निवास स्थान में पहुंचाए! तब मैं परमेश्वर की वेदी के पास जाऊंगा, उस ईश्वर के पास जो मेरे अति आनन्द का कुण्ड है; और हे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर मैं वीणा बजा बजाकर तेरा धन्यवाद करूंगा।। हे मेरे प्राण तू क्यों गिरा जाता है? तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर भरोसा रख, क्योंकि वह मेरे मुख की चमक और मेरा परमेश्वर है; मैं फिर उसका धन्यवाद करूंगा।।
- Psalm 10:1 भजन संहिता 10:1हे यहोवा तू क्यों दूर खड़ा रहता है? संकट के समय में क्यों छिपा रहता है?
- Psalm 31:14–16 भजन संहिता 31:14–16परन्तु हे यहोवा मैं ने तो तुझी पर भरोसा रखा है, मैं ने कहा, तू मेरा परमेश्वर है। मेरे दिन तेरे हाथ में है; तू मुझे मेरे शत्रुओं और मेरे सतानेवालों के हाथ से छुडा। अपने दास पर अपने मुंह का प्रकाश चमका; अपनी करूणा से मेरा उद्धार कर।।
- Hebrews 13:5 इब्रानियों 13:5तुम्हारा स्वभाव लोभरहित हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उस ने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा।
- Psalm 22:11 भजन संहिता 22:11मुझ से दूर न हो क्योंकि संकट निकट है, और कोई सहायक नहीं।
- 1 Samuel 12:22 1 शमूएल 12:22यहोवा तो अपने बड़े नाम के कारण अपनी प्रजा को न तजेगा, क्योंकि यहोवा ने तुम्हे अपनी ही इच्छा से अपनी प्रजा बनाया है।