Job · chapter 3 · verse 24
Job 3:24 in Hindi
मुझे तो रोटी खाने की सन्ती लम्बी लम्बी सांसें आती हैं, और मेरा विलाप धारा की नाई बहता रहता है।
Mujhe to rotee khaane kee santee lambee lambee saansem aatee haim, aur meraa vilaap dhaaraa kee naaee bahataa rahataa hai.
Job 3:24 in English
- King James Version (KJV)
- For my sighing cometh before I eat, and my roarings are poured out like the waters.
- World English Bible (WEB)
- For my sighing comes before I eat. My groanings are poured out like water.
- American Standard Version (ASV)
- For my sighing cometh before I eat, And my groanings are poured out like water.
- Bible in Basic English (BBE)
- In place of my food I have grief, and cries of sorrow come from me like water.
- Darby Translation (DBY)
- For my sighing cometh before my bread, and my groanings are poured out like the waters.
- Webster's Bible (WBS)
- For my sighing cometh before I eat, and my roarings are poured out like the waters.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For before my food, my sighing cometh, And poured out as waters [are] my roarings.
Read in context
- 22वे क़ब्र को पहुंचकर आनन्दित और अत्यन्त मगन होते हैं।
- 23उजियाला उस पुरूष की क्यों मिलता है जिसका मार्ग छिपा है, जिसके चारों ओर ईश्वर ने घेरा बान्ध दिया है?
- 24मुझे तो रोटी खाने की सन्ती लम्बी लम्बी सांसें आती हैं, और मेरा विलाप धारा की नाई बहता रहता है।
- 25क्योंकि जिस डरावनी बात से मैं डरता हूँ, वही मुझ पर आ पड़ती है, और जिस बात से मैं भय खाता हूँ वही मुझ पर आ जाती है।
- 26मुझे न तो चैन, न शान्ति, न विश्राम मिलता है; परन्तु दु:ख ही आता है।
Cross references
- Psalm 102:9 भजन संहिता 102:9क्योंकि मैं ने रोटी की नाईं राख खाईं और आंसू मिलाकर पानी पीता हूं।
- Psalm 42:3–4 भजन संहिता 42:3–4मेरे आंसू दिन और रात मेरा आहार हुए हैं; और लोग दिन भर मुझ से कहते रहते हैं, तेरा परमेश्वर कहां है? मैं भीड़ के संग जाया करता था, मैं जयजयकार और धन्यवाद के साथ उत्सव करनेवाली भीड़ के बीच में परमेश्वर के भवन को धीरे धीरे जाया करता था; यह स्मरण करके मेरा प्राण शोकित हो जाता है।
- Psalm 80:5 भजन संहिता 80:5तू ने आंसुओं को उनका आहार कर दिया, और मटके भर भरके उन्हें आंसु पिलाए हैं।
- Psalm 38:8 भजन संहिता 38:8मैं निर्बल और बहुत ही चूर हो गया हूं; मैं अपने मन की घबराहट से कराहता हूं।।
- Psalm 22:1–2 भजन संहिता 22:1–2हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया? तू मेरी पुकार से और मेरी सहायत करने से क्यों दूर रहता है? मेरा उद्धार कहां है? हे मेरे परमेश्वर, मैं दिन को पुकारता हूं परन्तु तू उत्तर नहीं देता; और रात को भी मैं चुप नहीं रहता।
- Job 6:7 अय्यूब 6:7जिन वस्तुओं को मैं छूना भी नहीं चाहता वही मानो मेरे लिये घिनौना आहार ठहरी हैं।
- Isaiah 59:11 यशायाह 59:11हम सब के सब रीछों की नाई चिल्लाते हैं और पण्डुकों के समान च्यूं च्यूं करते हैं; हम न्याय की बाट तो जोहते हैं, पर वह कहीं नहीं; और उद्धार की बाट जोहते हैं पर वह हम से दूर ही रहता है।
- Job 7:19 अय्यूब 7:19तू कब तक मेरी ओर आंख लगाए रहेगा, और इतनी देर के लिये भी मुझे न छोड़ेगा कि मैं अपना थूक निगल लूं?
- Lamentations 3:8 विलापगीत 3:8मैं चिल्ला चिल्लाके दोहाई देता हूँ, तौभी वह मेरी प्रार्थता नहीं सुनता;
- Job 33:20 अय्यूब 33:20यहां तक कि उसका प्राण रोटी से, और उसका मन स्वादिष्ट भोजन से घृणा करने लगता है।
- Psalm 32:3 भजन संहिता 32:3जब मैं चुप रहा तक दिन भर कहरते कहरते मेरी हडि्डयां पिघल गई।