Psalms · chapter 26 · verse 7
Psalm 26:7 in Hindi
ताकि मेरा धन्यवाद ऊंचे शब्द से करूं,
Taaki meraa dhanyavaad oonche shabd se karoom,
Psalm 26:7 in English
- King James Version (KJV)
- That I may publish with the voice of thanksgiving, and tell of all thy wondrous works.
- World English Bible (WEB)
- that I may make the voice of thanksgiving to be heard and tell of all your wondrous deeds.
- American Standard Version (ASV)
- That I may make the voice of thanksgiving to be heard, And tell of all thy wondrous works.
- Bible in Basic English (BBE)
- That I may give out the voice of praise, and make public all the wonders which you have done.
- Darby Translation (DBY)
- That I may cause the voice of thanksgiving to be heard, and declare all thy marvellous works.
- Webster's Bible (WBS)
- That I may publish with the voice of thanksgiving, and tell of all thy wondrous works.
- Young's Literal Translation (YLT)
- To sound with a voice of confession, And to recount all Thy wonders.
Read in context
- 5मैं कुकर्मियों की संगति से घृणा रखता हूं, और दुष्टों के संग न बैठूंगा।।
- 6मैं अपने हाथों को निर्दोषता के जल से धोऊंगा, तब हे यहोवा मैं तेरी वेदी की प्रदक्षिणा करूंगा,
- 7ताकि मेरा धन्यवाद ऊंचे शब्द से करूं,
- 8और तेरे सब आश्चर्यकर्मों का वर्णन करूं।। हे यहोवा, मैं तेरे धाम से तेरी महिमा के निवासस्थान से प्रीति रखता हूं।
- 9मेरे प्राण को पापियों के साथ, और मेरे जीवन को हत्यारों के साथ न मिला।
Cross references
- Psalm 9:1 भजन संहिता 9:1हे यहोवा परमेश्वर मैं अपने पूर्ण मन से तेरा धन्यवाद करूंगा; मैं तेरे सब आश्चर्य कर्मों का वर्णन करूंगा।
- Psalm 71:17–19 भजन संहिता 71:17–19हे परमेश्वर, तू तो मुझ को बचपन ही से सिखाता आया है, और अब तक मैं तेरे आश्चर्य कर्मों का प्रचार करता आया हूं। इसलिये हे परमेश्वर जब मैं बूढ़ा हो जाऊं और मेरे बाल पक जाएं, तब भी तू मुझे न छोड़, जब तक मैं आनेवाली पीढ़ी के लोगों को तेरा बाहुबल और सब उत्पन्न होनेवालों को तेरा पराक्रम सुनाऊं। और हे परमेश्वर, तेरा धर्म अति महान है।। तू जिस ने महाकार्य किए हैं, हे परमेवर तेरे तुल्य कौन है?
- Psalm 145:5 भजन संहिता 145:5मैं तेरे ऐश्वर्य की महिमा के प्रताप पर और तेरे भांति भांति के आश्चर्यकर्मों पर ध्यान करूंगा।
- Psalm 100:4–5 भजन संहिता 100:4–5उसके फाटकों से धन्यवाद, और उसके आंगनों में स्तुति करते हुए प्रवेश करो, उसका धन्यवाद करो, और उसके नाम को धन्य कहो! क्योंकि यहोवा भला है, उसकी करूणा सदा के लिये, और उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।।
- Psalm 136:4–5 भजन संहिता 136:4–5उसको छोड़कर कोई बड़े बड़े अशचर्यकर्म नहीं करता, उसकी करूणा सदा की है। उस ने अपनी बुद्धि से आकाश बनाया, उसकी करूणा सदा की है।
- Psalm 72:18 भजन संहिता 72:18धन्य है, यहोवा परमेश्वर जो इस्राएल का परमेश्वर है; आश्चर्य कर्म केवल वही करता है।
- Psalm 105:2 भजन संहिता 105:2उसके लिये गीत गाओ, उसके लिये भजन गाओ, उसके सब आश्चर्यकर्मों पर ध्यान करो!
- 1 Samuel 1:27 1 शमूएल 1:27यह वही बालक है जिसके लिये मैं ने प्रार्थना की थी; और यहोवा ने मुझे मुंह मांगा वर दिया है।
- Psalm 66:13–15 भजन संहिता 66:13–15मैं होमबलि लेकर तेरे भवन में आंऊंगा मैं उन मन्नतों को तेरे लिये पूरी करूंगा, जो मैं ने मुंह खोलकर मानीं, और संकट के समय कही थीं। मैं तुझे मोटे पशुओं के होमबलि, मेंढ़ों की चर्बी के धूप समेत चढ़ऊंगा; मैं बकरों समेत बैल चढ़ाऊंगा।।
- Psalm 9:14 भजन संहिता 9:14ताकि मैं सिरयोन के फाटकों के पास तेरे सब गुणों का वर्णन करूं, और तेरे किए हुए उद्धार से मगन होऊं।।
- Psalm 119:27 भजन संहिता 119:27अपने उपदेशों का मार्ग मुझे बता, तब मैं तेरे आश्यर्चकर्मों पर ध्यान करूंगा।
- Luke 19:37–40 लूका 19:37–40और निकट आते हुए जब वह जैतून पहाड़ की ढलान पर पहुंचा, तो चेलों की सारी मण्डली उन सब सामर्थ के कामों के कारण जो उन्हों ने देखे थे, आनन्दित होकर बड़े शब्द से परमेश्वर की स्तुति करने लगी। कि धन्य है वह राजा, जो प्रभु के नाम से आता है; स्वर्ग में शान्ति और आकाश मण्डल में महिमा हो। तब भीड़ में से कितने फरीसी उस से कहने लगे, हे गुरू अपने चेलों को डांट। उस ने उत्तर दिया, कि तुम में से कहता हूं, यदि ये चुप रहें, तो पत्थर चिल्ला उठेंगे।।