Psalms · chapter 31 · verse 4
Psalm 31:4 in Hindi
जो जाल उन्हों ने मेरे लिये बिछाया है उस से तू मुझ को छुड़ा ले, क्योंकि तू ही मेरा दृढ़ गढ़ है।
Jo jaal unhom ne mere liye bichhaayaa hai us se too mujh ko chhudaa le, kyonki too hee meraa drudh gadh hai.
Psalm 31:4 in English
- King James Version (KJV)
- Pull me out of the net that they have laid privily for me: for thou [art] my strength.
- World English Bible (WEB)
- Pluck me out of the net that they have laid secretly for me, for you are my stronghold.
- American Standard Version (ASV)
- Pluck me out of the net that they have laid privily for me; For thou art my stronghold.
- Bible in Basic English (BBE)
- Take me out of the net which they have put ready for me secretly; for you are my strength.
- Darby Translation (DBY)
- Draw me out of the net that they have hidden for me; for thou art my strength.
- Webster's Bible (WBS)
- Pull me out of the net that they have laid privily for me: for thou [art] my strength.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Bring me out from the net that they hid for me, For Thou [art] my strength.
Read in context
- 2अपना कान मेरी ओर लगाकर तुरन्त मुझे छुड़ा ले!
- 3क्योंकि तू ने मेरे लिये चट्टान और मेरा गढ़ है; इसलिये अपने नाम के निमित्त मेरी अगुवाई कर, और मुझे आगे ले चल।
- 4जो जाल उन्हों ने मेरे लिये बिछाया है उस से तू मुझ को छुड़ा ले, क्योंकि तू ही मेरा दृढ़ गढ़ है।
- 5मैं अपनी आत्मा को तेरे ही हाथ में सौंप देता हूं; हे यहोवा, हे सत्यवादी ईश्वर, तू ने मुझे मोल लेकर मुक्त किया है।।
- 6जो व्यर्थ वस्तुओं पर मन लगाते हैं, उन से मैं घृणा करता हूं; परन्तु मेरा भरोसा यहोवा ही पर है।
Cross references
- Psalm 25:15 भजन संहिता 25:15मेरी आंखे सदैव यहोवा पर टकटकी लगाए रहती हैं, क्योंकि वही मेरे पांवों को जाल में से छुड़ाएगा।।
- Psalm 140:5 भजन संहिता 140:5घमण्डियों ने मेरे लिये फन्दा और पासे लगाए, और पथ के किनारे जाल बिछाया है; उन्हों ने मेरे लिये फन्दे लगा रखे हैं।।
- Psalm 19:14 भजन संहिता 19:14मेरे मुंह के वचन और मेरे हृदय का ध्यान तेरे सम्मुख ग्रहण योग्य हों, हे यहोवा परमेश्वर, मेरी चट्टान और मेरे उद्धार करनेवाले!
- Psalm 57:6 भजन संहिता 57:6उन्हों ने मेरे पैरों के लिये जाल लगाया है; मेरा प्राण ढला जाता है। उन्हों ने मेरे आगे गड़हा खोदा, परन्तु आप ही उस में गिर पड़े।।
- 2 Timothy 2:26 2 तीमुथियुस 2:26और इस के द्वारा उस की इच्छा पूरी करने के लिये सचेत होकर शैतान के फंदे से छूट जाए।।
- Psalm 124:7 भजन संहिता 124:7हमार जीव पक्षी की नाईं चिड़ीमार के जाल से छूट गया; जाल फट गया, हम बच निकले!
- Psalm 35:7 भजन संहिता 35:7क्योंकि अकारण उन्हों ने मेरे लिये अपना जाल गड़हे में बिछाया; अकारण ही उन्हों ने मेरा प्राण लेने के लिये गड़हा खोदा है।
- Proverbs 29:5 नीतिवचन 29:5जो पुरूष किसी से चिकनी चुपड़ी बातें करता है, वह उसके पैरों के लिये जाल लगाता है।
- 2 Corinthians 12:9 2 कुरिन्थियों 12:9और उस ने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे।