Psalms · chapter 32 · verse 3
Psalm 32:3 in Hindi
जब मैं चुप रहा तक दिन भर कहरते कहरते मेरी हडि्डयां पिघल गई।
Jab maim chup rahaa tak din bhar kaharate kaharate meree hadi్dayaam pighal gaee.
Psalm 32:3 in English
- King James Version (KJV)
- When I kept silence, my bones waxed old through my roaring all the day long.
- World English Bible (WEB)
- When I kept silence, my bones wasted away through my groaning all day long.
- American Standard Version (ASV)
- When I kept silence, my bones wasted away Through my groaning all the day long.
- Bible in Basic English (BBE)
- When I kept my mouth shut, my bones were wasted, because of my crying all through the day.
- Darby Translation (DBY)
- When I kept silence, my bones waxed old, through my groaning all the day long.
- Webster's Bible (WBS)
- When I kept silence, my bones became old through my roaring all the day long.
- Young's Literal Translation (YLT)
- When I have kept silence, become old have my bones, Through my roaring all the day.
Read in context
- 1क्या ही धन्य है वह जिसका अपराध क्षमा किया गया, और जिसका पाप ढ़ापा गया हो।
- 2क्या ही धन्य है वह मनुष्य जिसके अधर्म का यहोवा लेखा न ले, और जिसकी आत्मा में कपट न हो।।
- 3जब मैं चुप रहा तक दिन भर कहरते कहरते मेरी हडि्डयां पिघल गई।
- 4क्योंकि रात दिन मैं तेरे हाथ के नीचे दबा रहा; और मेरी तरावट धूप काल की सी झुर्राहट बनती गई।।
- 5जब मैं ने अपना पाप तुझ पर प्रगट किया और अपना अधर्म न छिपाया, और कहा, मैं यहोवा के साम्हने अपने अपराधों को मान लूंगा; तब तू ने मेरे अधर्म और पाप को क्षमा कर दिया।।
Cross references
- Proverbs 28:13 नीतिवचन 28:13जो अपने अपराध छिपा रखता है, उसका कार्य सुफल नहीं होता, परन्तु जो उनको मान लेता और छोड़ भी देता है, उस पर दया की जायेगी।
- Psalm 38:3 भजन संहिता 38:3तेरे क्रोध के कारण मेरे शरीर में कुछ भी आरोग्यता नहीं; और मेरे पाप के कारण मेरी हडि्डयों में कुछ भी चैन नहीं।
- Psalm 38:8 भजन संहिता 38:8मैं निर्बल और बहुत ही चूर हो गया हूं; मैं अपने मन की घबराहट से कराहता हूं।।
- Psalm 22:1 भजन संहिता 22:1हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया? तू मेरी पुकार से और मेरी सहायत करने से क्यों दूर रहता है? मेरा उद्धार कहां है?
- Lamentations 3:8 विलापगीत 3:8मैं चिल्ला चिल्लाके दोहाई देता हूँ, तौभी वह मेरी प्रार्थता नहीं सुनता;
- Hosea 7:14 होशे 7:14वे मन से मेरी दोहाई नहीं देते, परन्तु अपने बिछौने पर पड़े हुए हाय, हाय, करते हैं; वे अन्न और नये दाखमधु पाने के लिये भीड़ लगाते, और मुझ से बलवा करते हैं।
- Job 30:30 अय्यूब 30:30मेरा चमड़ा काला हो कर मुझ पर से गिरता जाता है, और तप के मारे मेरी हड्डियां जल गई हैं।
- Psalm 6:2 भजन संहिता 6:2हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर, क्योंकि मैं कुम्हला गया हूं; हे यहोवा, मुझे चंगा कर, क्योंकि मेरी हडि्डयों में बेचैनी है।
- Psalm 51:8 भजन संहिता 51:8मुझे हर्ष और आनन्द की बातें सुना, जिस से जो हडि्डयां तू ने तोड़ डाली हैं वह मगन हो जाएं।
- Psalm 31:9–10 भजन संहिता 31:9–10हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर क्योंकि मैं संकट में हूं; मेरी आंखे वरन मेरा प्राण और शरीर सब शोक के मारे घुले जाते हैं। मेरा जीवन शोक के मारे और मेरी अवस्था कराहते कराहते घट चली है; मेरा बल मेरे अधर्म के कारण जाता रह, ओर मेरी हडि्डयां घुल गई।।
- Isaiah 59:11 यशायाह 59:11हम सब के सब रीछों की नाई चिल्लाते हैं और पण्डुकों के समान च्यूं च्यूं करते हैं; हम न्याय की बाट तो जोहते हैं, पर वह कहीं नहीं; और उद्धार की बाट जोहते हैं पर वह हम से दूर ही रहता है।