Psalms · chapter 42 · verse 5
Psalm 42:5 in Hindi
हे मेरे प्राण, तू क्यों गिरा जाता है? और तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर आशा लगाए रह; क्योंकि मैं उसके दर्शन से उद्धार पाकर फिर उसका धन्यवाद करूंगा।।
He mere praan, too kyom giraa jaataa hai? Aur too andar hee andar kyom vyaakul hai? Parameshvar par aashaa lagaae rah; kyonki maim usake darshan se uddhaar paakar phir usakaa dhanyavaad karoongaa..
Psalm 42:5 in English
- King James Version (KJV)
- Why art thou cast down, O my soul? and [why] art thou disquieted in me? hope thou in God: for I shall yet praise him [for] the help of his countenance.
- World English Bible (WEB)
- Why are you in despair, my soul? Why are you disturbed within me? Hope in God! For I shall still praise him for the saving help of his presence.
- American Standard Version (ASV)
- Why art thou cast down, O my soul? And [why] art thou disquieted within me? Hope thou in God; for I shall yet praise him [For] the help of his countenance.
- Bible in Basic English (BBE)
- Why are you crushed down, O my soul? and why are you troubled in me? put your hope in God; for I will again give him praise who is my help and my God.
- Darby Translation (DBY)
- Why art thou cast down, my soul, and art disquieted in me? hope in God; for I shall yet praise him, [for] the health of his countenance.
- Webster's Bible (WBS)
- Why art thou cast down, O my soul? and [why] art thou disquieted in me? hope thou in God: for I shall yet praise him [for] the help of his countenance.
- Young's Literal Translation (YLT)
- What! bowest thou thyself, O my soul? Yea, art thou troubled within me? Wait for God, for still I confess Him: The salvation of my countenance — My God!
Read in context
- 3मेरे आंसू दिन और रात मेरा आहार हुए हैं; और लोग दिन भर मुझ से कहते रहते हैं, तेरा परमेश्वर कहां है?
- 4मैं भीड़ के संग जाया करता था, मैं जयजयकार और धन्यवाद के साथ उत्सव करनेवाली भीड़ के बीच में परमेश्वर के भवन को धीरे धीरे जाया करता था; यह स्मरण करके मेरा प्राण शोकित हो जाता है।
- 5हे मेरे प्राण, तू क्यों गिरा जाता है? और तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर आशा लगाए रह; क्योंकि मैं उसके दर्शन से उद्धार पाकर फिर उसका धन्यवाद करूंगा।।
- 6हे मेरे परमेश्वर; मेरा प्राण मेरे भीतर गिरा जाता है, इसलिये मैं यर्दन के पास के देश से और हर्मोन के पहाड़ों और मिसगार की पहाड़ी के ऊपर से तुझे स्मरण करता हूं।
- 7तेरी जलधाराओं का शब्द सुनकर जल, जल को पुकारता है; तेरी सारी तरंगों और लहरों में मैं डूब गया हूं।
Cross references
- Psalm 37:7 भजन संहिता 37:7यहोवा के साम्हने चुपचाप रह, और धीरज से उसका आस्त्रा रख; उस मनुष्य के कारण न कुढ़, जिसके काम सुफल होते हैं, और वह कुरी युक्तियों को निकालता है!
- Hebrews 10:36–37 इब्रानियों 10:36–37क्योंकि तुम्हें धीरज धरना अवश्य है, ताकि परमेश्वर की इच्छा को पूरी करके तुम प्रतिज्ञा का फल पाओ। क्योंकि अब बहुत ही थोड़ा समय रह गया है जब कि आनेवाला आएगा, और देर न करेगा।
- Psalm 61:2 भजन संहिता 61:2मूर्छा खाते समय मैं पृथ्वी की छोर से भी तुझे पुकारूंगा, जो चट्टान मेरे लिये ऊंची है, उस पर मुझ को ले चला;
- Matthew 1:23 मत्ती 1:23कि, देखो एक कुंवारी गर्भवती होगी और एक पुत्रा जनेगी और उसका नाम इम्मानुएल रखा जाएगा जिस का अर्थ यह है "परमेश्वर हमारे साथ"।
- Psalm 27:13–14 भजन संहिता 27:13–14यदि मुझे विश्वास न होता कि जीवितों की पृथ्वी पर यहोवा की भलाई को देखूंगा, तो मैं मूच्छित हो जाता। यहोवा की बाट जोहता रह; हियाव बान्ध और तेरा हृदय दृढ़ रहे; हां, यहोवा ही की बाट जोहता रह!
- Lamentations 3:24–26 विलापगीत 3:24–26मेरे मन ने कहा, यहोवा मेरा भाग है, इस कारण मैं उस में आशा रखूंगा। जो यहोवा की बाट जोहते और उसके पास जाते हैं, उनके लिये यहोवा भला है। यहोवा से उठ्ठार पाने की आशा रखकर चुपचाप रहना भला है।
- Psalm 56:3 भजन संहिता 56:3जिस समय मुझे डल लगेगा, मैं तुझ पर भरोसा रखूंगा।
- Psalm 43:5 भजन संहिता 43:5हे मेरे प्राण तू क्यों गिरा जाता है? तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर भरोसा रख, क्योंकि वह मेरे मुख की चमक और मेरा परमेश्वर है; मैं फिर उसका धन्यवाद करूंगा।।
- Psalm 42:11 भजन संहिता 42:11हे मेरे प्राण तू क्यों गिरा जाता है? तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर भरोसा रख; क्योंकि वह मेरे मुख की चमक और मेरा परमेश्वर है, मैं फिर उसका धन्यवाद करूंगा।।
- Numbers 6:26 गिनती 6:26यहोवा अपना मुख तेरी ओर करे, और तुझे शांति दे।
- Romans 4:18–20 रोमियों 4:18–20उस ने निराशा में भी आशा रखकर विश्वास किया, इसलिये कि उस वचन के अनुसार कि तेरा वंश ऐसा होगा वह बहुत सी जातियों का पिता हो। और वह जो एक सौ वर्ष का था, अपने मरे हुए से शरीर और सारा के गर्भ की मरी हुई की सी दशा जानकर भी विश्वास में निर्बल न हुआ। और न अविश्वासी होकर परमेश्वर की प्रतिज्ञा पर संदेह किया, पर विश्वास में दृढ़ होकर परमेश्वर की महिमा की।
- 1 Samuel 30:6 1 शमूएल 30:6और दाऊद बड़े संकट में पड़ा; क्योंकि लोग अपने बेटे- बेटियों के कारण बहुत शोकित होकर उस पर पत्थरवाह करने की चर्चा कर रहे थे। परन्तु दाऊद ने अपने परमेश्वर यहोवा को स्मरण करके हियाव बान्धा।।