Psalms · chapter 44 · verse 6
Psalm 44:6 in Hindi
क्योंकि मैं अपने धनुष पर भरोसा न रखूंगा, और न अपनी तलवार के बल से बचूगा।
Kyonki maim apane dhanush par bharosaa na rakhoongaa, aur na apanee talavaar ke bal se bachoogaa.
Psalm 44:6 in English
- King James Version (KJV)
- For I will not trust in my bow, neither shall my sword save me.
- World English Bible (WEB)
- For I will not trust in my bow, neither will my sword save me.
- American Standard Version (ASV)
- For I will not trust in my bow, Neither shall my sword save me.
- Bible in Basic English (BBE)
- I will not put faith in my bow, my sword will not be my salvation.
- Darby Translation (DBY)
- For I will not put confidence in my bow, neither shall my sword save me.
- Webster's Bible (WBS)
- For I will not trust in my bow, neither shall my sword save me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For, not in my bow do I trust, And my sword doth not save me.
Read in context
- 4हे परमेश्वर, तू ही हमारा महाराजा है, तू याकूब के उद्धार की आज्ञा देता है।
- 5तेरे सहारे से हम अपने द्रोहियों को ढकेलकर गिरा देंगे; तेरे नाम के प्रताप से हम अपने विरोधियों को रौंदेंगे।
- 6क्योंकि मैं अपने धनुष पर भरोसा न रखूंगा, और न अपनी तलवार के बल से बचूगा।
- 7परन्तु तू ही ने हम को द्रोहियों से बचाया है, और हमारे बैरियों को निराश और लज्जित किया है।
- 8हम परमेश्वर की बड़ाई दिन भर करते रहते हैं, और सदैव तेरे नाम का धन्यवाद करते रहेंगे।।
Cross references
- Psalm 20:7 भजन संहिता 20:7किसी को रथों को, और किसी को घोड़ों का भरोसा है, परन्तु हम तो अपने परमेश्वर यहोवा ही का नाम लेंगे।
- 1 Samuel 17:47 1 शमूएल 17:47और यह समस्त मण्डली जान लेगी की यहोवा तलवार वा भाले के द्वारा जयवन्त नहीं करता, इसलिये कि संग्राम तो यहोवा का है, और वही तुम्हें हमारे हाथ में कर देगा।
- Hosea 1:7 होशे 1:7परन्तु यहूदा के घराने पर मैं दया करूंगा, और उनका उद्धार करूंगा; उनका उद्धार मैं धनुष वा तलवार वा युद्ध वा घोड़ों वा सवारों के द्वारा नहीं, परन्तु उनके परमेश्वर यहोवा के द्वारा करूंगा।।
- Psalm 33:16–17 भजन संहिता 33:16–17कोई ऐसा राजा नहीं, जो सेना की बहुतायत के कारण बच सके; वीर अपनी बड़ी शक्ति के कारण छूट नहीं जाता। बच निकलने के लिये घोड़ा व्यर्थ है, वह अपने बड़े बल के द्वारा किसी को नहीं बचा सकता है।।