Psalms · chapter 51 · verse 1
Psalm 51:1 in Hindi
हे परमेश्वर, अपनी करूणा के अनुसार मुझ पर अनुग्रह कर; अपनी बड़ी दया के अनुसार मेरे अपराधों को मिटा दे।
He parameshvar, apanee karoonaa ke anusaar mujh par anugrah kar; apanee badee dayaa ke anusaar mere aparaadhom ko mitaa de.
Psalm 51:1 in English
- King James Version (KJV)
- To the chief Musician, A Psalm of David, when Nathan the prophet came unto him, after he had gone in to Bath-sheba. Have mercy upon me, O God, according to thy lovingkindness: according unto the multitude of thy tender mercies blot out my transgressions.
- World English Bible (WEB)
- For the Chief Musician. A Psalm by David, when Nathan the prophet came to him, after he had gone in to Bathsheba. Have mercy on me, God, according to your loving kindness. According to the multitude of your tender mercies, blot out my transgressions.
- American Standard Version (ASV)
- For the Chief Musician. A Psalm of David; when Nathan the prophet came unto him, after he had gone in to Bath-sheba. Have mercy upon me, O God, according to thy lovingkindness: According to the multitude of thy tender mercies blot out my transgressions.
- Bible in Basic English (BBE)
- To the chief music-maker. A Psalm. Of David. When Nathan the prophet came to him, after he had gone in to Bath-sheba. Have pity on me, O God, in your mercy; out of a full heart, take away my sin.
- Darby Translation (DBY)
- To the chief Musician. A Psalm of David; when Nathan the prophet came to him, after he had gone in to Bath-sheba. Be gracious unto me, O God, according to thy loving-kindness; according to the abundance of thy tender mercies, blot out my transgressions.
- Webster's Bible (WBS)
- To the chief Musician, A Psalm of David, when Nathan the prophet came to him, after he had gone in to Bath-sheba. Have mercy upon me, O God, according to thy loving-kindness: according to the multitude of thy tender mercies, blot out my transgressions.
- Young's Literal Translation (YLT)
- To the Overseer. — A Psalm of David, in the coming in unto him of Nathan the prophet, when he hath gone in unto Bath-Sheba. Favour me, O God, according to Thy kindness, According to the abundance of Thy mercies, Blot out my transgressions.
Read in context
- 1हे परमेश्वर, अपनी करूणा के अनुसार मुझ पर अनुग्रह कर; अपनी बड़ी दया के अनुसार मेरे अपराधों को मिटा दे।
- 2मुझे भलीं भांति धोकर मेरा अधर्म दूर कर, और मेरा पाप छुड़ाकर मुझे शुद्ध कर!
- 3मैं तो अपने अपराधों कों जानता हूं, और मेरा पाप निरन्तर मेरी दृष्टि में रहता है।
Cross references
- Acts 3:19 प्रेरितों के काम 3:19इसलिये, मन फिराओ और लौट आओ कि तुम्हारे पाप मिटाए जाएं, जिस से प्रभु के सम्मुख से विश्रान्ति के दिन आएं।
- Isaiah 44:22 यशायाह 44:22मैं ने तेरे अपराधों को काली घटा के समान और तेरे पापों को बादल के समान मिटा दिया है; मेरी ओर फिर लौट आ, क्योंकि मैं ने तुझे छुड़ा लिया है।।
- Isaiah 43:25 यशायाह 43:25मैं वही हूं जो अपने नाम के निमित्त तेरे अपराधों को मिटा देता हूं और तेरे पापों को स्मरण न करूंगा।
- Psalm 51:9 भजन संहिता 51:9अपना मुख मेरे पापों की ओर से फेर ले, और मेरे सारे अधर्म के कामों को मिटा डाल।।
- Colossians 2:14 कुलुस्सियों 2:14और विधियों का वह लेख जो हमारे नाम पर और हमारे विरोध में था मिटा डाला; और उस को क्रूस पर कीलों से जड़कर साम्हने से हटा दिया है।
- Psalm 69:16 भजन संहिता 69:16हे यहोवा, मेरी सुन ले, क्योंकि तेरी करूणा उत्तम है; अपनी दया की बहुतायत के अनुसार मेरी ओर ध्यान दे।
- 2 Samuel 11:2–13 2 शमूएल 11:2–13सांझ के समय दाऊद पलंग पर से उठकर राजभवन की छत पर टहल रहा था, और छत पर से उसको एक स्त्री, जो अति सुन्दर थी, नहाती हुई देख पड़ी। जब दाऊद ने भेजकर उस स्त्री को पुछवाया, तब किसी ने कहा, क्या यह एलीआम की बेटी, और हित्तद्दी ऊरिरयाह की पत्नी बतशेबा नहीं है? तब दाऊद ने दूत भेजकर उसे बुलवा लिया; और वह दाऊद के पास आई, और वह उसके साथ सोया। ( वह तो ऋतु से शुठ्ठ हो गई थी ) तब वह अपने घर लौट गई। और वह स्त्री गर्भवती हुई, तब दाऊद के पास कहला भेजा, कि मुझे गर्भ है। तब दाऊद ने योआब के पास कहला भेजा, कि हित्ती ऊरिरयाह को मेरे पास भेज, तब योआब ने ऊरिरयाह को दाऊद के पास भेज दिया। जब ऊरिरयाह उसके पास आया, तब दाऊद ने उस से योआब और सेना का कुशल क्षेम और युठ्ठ का हाल पूछा। तब दाऊद ने ऊरिरयाह से कहा, अपने घर जाकर अपने पांव धो। और ऊरिरयाह राजभवन से निकला, और उसके पीछे राजा के पास से कुछ इनाम भेजा गया। परन्तु ऊरिरयाह अपते स्वामी के सब सेवकों के संग राजभवन के द्वार में लेट गया, और अपने घर न गया। जब दाऊद को यह समाचार मिला, कि ऊरिरयाह अपने घर नहीं गया, तब दाऊद ने ऊरिरयाह से कहा, क्या तू यात्रा करके नहीं आया? तो अपने घर क्यों नहीं गया? ऊरिरयाह ने दाऊद से कहा, जब सनदूक और इस्राएल और यहूदा झोपड़ियों में रहते हैं, और मेरा स्वामी योआब और मेरे स्वामी के सेवक खुले मैदान पर डेरे डाले हुए हैं, तो क्या मैं घर जाकर खाऊं, पीऊं, और अपनी पत्नी के साथ सोऊं? तेरे जीवन की शपथ, और तेरे प्राण की शपथ, कि मैं ऐसा काम नहीं करने का। दाऊद ने ऊरिरयाह से कहा, आज यहीं रह, और कल मैं तुझे विदा करूंगा। इसलिये ऊरिरयाह उस दिन और दूसरे दिन भी यरूशलेम में रहा। तब दाऊद ने उसे नेवता दिया, और उस ने उसके साम्हने खाया पिया, और उसी ने उसे मतवाला किया; और सांझ काो वह अपने स्वामी के सेवकों के संग अपनी चारपाई पर सोने को निकला, परन्तु अपने घर न गया।
- Ephesians 1:6–8 इफिसियों 1:6–8कि उसके उस अनुग्रह की महिमा की स्तुति हो, जिसे उस ने हमें उस प्यारे में सेंत मेंत दिया। हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात् अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है। जिसे उस ने सारे ज्ञान और समझ सहित हम पर बहुतायत से किया।
- Psalm 106:45 भजन संहिता 106:45और उनके हित अपनी वाचा को स्मरण करके अपनी अपार करूणा के अनुसार तरस खाया,
- Psalm 4:1 भजन संहिता 4:1हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूं तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं सकेती में पड़ा तब तू ने मुझे विस्तार दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले।।
- Psalm 25:6–7 भजन संहिता 25:6–7हे यहोवा अपनी दया और करूणा के कामों को स्मरण कर; क्योंकि वे तो अनन्तकाल से होते आए हैं। हे यहोवा अपनी भलाई के कारण मेरी जवानी के पापों और मेरे अपराधों को स्मरण न कर; अपनी करूणा ही के अनुसार तू मुझे स्मरण कर।।
- Romans 5:20–21 रोमियों 5:20–21और व्यवस्था बीच में आ गई, कि अपराध बहुत हो, परन्तु जहां पाप बहुत हुआ, वहां अनुग्रह उस से भी कहीं अधिक हुआ। कि जैसा पाप ने मृत्यु फैलाते हुए राज्य किया, वैसा ही हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा अनुग्रह भी अनन्त जीवन के लिये धर्मी ठहराते हुए राज्य करे।।