Psalms · chapter 68 · verse 16
Psalm 68:16 in Hindi
परन्तु हे शिखरवाले पहाड़ों, तुम क्यों उस पर्वत को घूरते हो, जिसे परमेश्वर ने अपने वास के लिये चाहा है, और जहां यहोवा सदा वास किए रहेगा?
Parantu he shikharavaale pahaadom, tum kyom us parvat ko ghoorate ho, jise parameshvar ne apane vaas ke liye chaahaa hai, aur jahaam yahovaa sadaa vaas kie rahegaa?
Psalm 68:16 in English
- King James Version (KJV)
- Why leap ye, ye high hills? [this is] the hill [which] God desireth to dwell in; yea, the LORD will dwell [in it] for ever.
- World English Bible (WEB)
- Why do you look in envy, you rugged mountains, at the mountain where God chooses to reign? Yes, the LORD will dwell there forever.
- American Standard Version (ASV)
- Why look ye askance, ye high mountains, At the mountain which God hath desired for his abode? Yea, Jehovah will dwell [in it] for ever.
- Bible in Basic English (BBE)
- Why are you looking with envy, you high hills, on the hill desired by God as his resting-place? truly, God will make it his house for ever.
- Darby Translation (DBY)
- Why do ye look with envy, ye many-peaked mountains, upon the mount that God hath desired for his abode? yea, Jehovah will dwell [there] for ever.
- Webster's Bible (WBS)
- Why leap ye, ye lofty hills? [this is] the hill [which] God desireth to dwell in; yes, the LORD will dwell [in it] for ever.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Why do ye envy, O high hills, The hill God hath desired for His seat? Jehovah also doth tabernacle for ever.
Read in context
- 14जब सर्वशक्तिमान ने उस में राजाओं को तित्तर बितर किया, तब मानो सल्मोन पर्वत पर हिम पड़ा।।
- 15बाशान का पहाड़ परमेश्वर का पहाड़ है; बाशान का पहाड़ बहुत शिखरवाला पहाड़ है।
- 16परन्तु हे शिखरवाले पहाड़ों, तुम क्यों उस पर्वत को घूरते हो, जिसे परमेश्वर ने अपने वास के लिये चाहा है, और जहां यहोवा सदा वास किए रहेगा?
- 17परमेश्वर के रथ बीस हजार, वरन हजारों हजार हैं; प्रभु उनके बीच में है, जैसे वह सीनै पवित्रास्थान में है।
- 18तू ऊंचे पर चढ़ा, तू लोगों को बन्धुवाई में ले गया; तू ने मनुष्यों से, वरन हठीले मनुष्यों से भी भेंटें लीं, जिस से याह परमेश्वर उन में वास करे।।
Cross references
- Deuteronomy 12:5 व्यवस्थाविवरण 12:5किन्तु जो स्थान तुम्हारा परमेश्वर यहोवा तुम्हारे सब गोत्रों में से चुन लेगा, कि वहां अपना नाम बनाए रखे, उसके उसी निवासस्थान के पास जाया करना;
- Psalm 132:13–14 भजन संहिता 132:13–14क्योंकि यहोवा ने सिरयोन को अपनाया है, और उसे अपने निवास के लिये चाहा है।। यह तो युग युग के लिये मेरा विश्रामस्थान हैं; यहीं मैं रहूंगा, क्योंकि मैं ने इसका चाहा है।
- Revelation 21:2–3 प्रकाशितवाक्य 21:2–3फिर मैं ने पवित्रा नगर नये यरूशलेम को स्वर्ग पर से परमेश्वर के पास से उतरते देखा, और वह उस दुल्हिन के समान थी, जो अपने पति के लिये सिंगार किए हो। फिर मैं ने सिंहासन में से किसी को ऊंचे शब्द से यह कहते सुना, कि देख, परमेश्वर का डेरा मनुष्यों के बीच में है; वह उन के साथ डेरा करेगा, और वे उसके लोग होंगे, और परमेश्वर आप उन के साथ रहेगा; और उन का परमेश्वर होगा।
- Hebrews 12:22–23 इब्रानियों 12:22–23पर तुम सिरयोन के पहाड़ के पास, और जीवते परमेश्वर के नगर स्वर्गीय यरूशलेम के पास। और लाखों स्वर्गदूतों और उन पहिलौठों की साधारण सभा और कलीसिया जिन के नाम स्वर्ग में लिखे हुए हैं: और सब के न्यायी परमेश्वर के पास, और सिद्ध किए हुए धर्मियों की आत्माओं।
- Deuteronomy 12:11 व्यवस्थाविवरण 12:11और तुम निडर रहने पाओ, तब जो स्थान तुम्हारा परमेश्वर यहोवा अपने नाम का निवास ठहराने के लिये चुन ले उसी में तुम अपने होमबलि, और मेलबलि, और दशमांश, और उठाई हुईं भेंटें, और मन्नतों की सब उत्तम उत्तम वस्तुएं जो तुम यहोवा के लिये संकल्प करोगे, निदान जितनी वस्तुओं की आज्ञा मैं तुम को सुनाता हूं उन सभों को वहीं ले जाया करना।
- Isaiah 2:2 यशायाह 2:2अन्त के दिनों में ऐसा होगा कि यहोवा के भवन का पर्वत सब पहाड़ों पर दृढ़ किया जाएगा, और सब पहाड़ियों से अधिक ऊंचा किया जाएगा; और हर जाति के लागे धारा की नाई उसकी ओर चलेंगें।
- 1 Kings 9:3 1 राजा 9:3और यहोवा ने उस से कहा, जो प्रार्थना गिड़गिड़ाहट के साथ तू ने मुझ से की है, उसको मैं ने सुना है, यह जो भवन तू ने बनाया है, उस में मैं ने अपना नाम सदा के लिये रखकर उसे पवित्रा किया है; और मेरी आंखें और मेरा मन नित्य वहीं लगे रहेंगे।
- Psalm 87:1–2 भजन संहिता 87:1–2उसकी नेव पवित्रा पर्वतों में है; और यहोवा सिरयोन के फाटकों को याकूब के सारे निवासों से बढ़कर प्रीति रखता है।
- Psalm 114:4 भजन संहिता 114:4पहाड़ मेढ़ों की नाईं उछलने लगे, और पहाड़ियां भेड़- बकरियों के बच्चों की नाईं उछलने लगीं।।
- Psalm 114:6 भजन संहिता 114:6हे पहाड़ों तुम्हें क्या हुआ, कि तुम भेड़ों की नाईं, और हे पहाड़ियों तुम्हें क्या हुआ, कि तुम भेड़- बकरियों के बच्चों की नाईं उछलीं?