Psalms · chapter 69 · verse 35
Psalm 69:35 in Hindi
क्योंकि परमेश्वर सिरयोन का उद्धार करेगा, और यहूदा के नगरों को फिर बसाएगा; और लोग फिर वहां बसकर उसके अधिकारी हो जाएंगे।
Kyonki parameshvar sirayon kaa uddhaar karegaa, aur yahoodaa ke nagarom ko phir basaaegaa; aur log phir vahaam basakar usake adhikaaree ho jaaenge.
Psalm 69:35 in English
- King James Version (KJV)
- For God will save Zion, and will build the cities of Judah: that they may dwell there, and have it in possession.
- World English Bible (WEB)
- For God will save Zion, and build the cities of Judah. They shall settle there, and own it.
- American Standard Version (ASV)
- For God will save Zion, and build the cities of Judah; And they shall abide there, and have it in possession.
- Bible in Basic English (BBE)
- For God will be the saviour of Zion, and the builder of the towns of Judah; so that it may be their resting-place and heritage.
- Darby Translation (DBY)
- For God will save Zion, and will build the cities of Judah; and they shall dwell there, and possess it:
- Webster's Bible (WBS)
- For God will save Zion, and will build the cities of Judah: that they may dwell there, and have it in possession.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For God doth save Zion, And doth build the cities of Judah, And they have dwelt there, and possess it.
Read in context
- 33क्योंकि यहोवा दरिद्रों की ओर कान लगाता है, और अपने लोगों को जो बन्धुए हैं तुच्छ नही जानता।।
- 34स्वर्ग और पृथ्वी उसकी स्तुति करें, और समुद्र अपने सब जीव जन्तुओं समेत उसकी स्तुति करे।
- 35क्योंकि परमेश्वर सिरयोन का उद्धार करेगा, और यहूदा के नगरों को फिर बसाएगा; और लोग फिर वहां बसकर उसके अधिकारी हो जाएंगे।
- 36उसके दासों को वंश उसको अपने भाग में पाएगा, और उसके नाम के प्रेमी उस में वास करेंगे।।
Cross references
- Isaiah 44:26 यशायाह 44:26और अपने दास के वचन को पूरा करता और अपने दूतों की युक्ति को सुफल करता हूं; जो यरूशलेम के विषय कहता है, वह फिर बसाई जाएगी और यहूदा के नगरों के विषय, वे फिर बनाए जाएंगे और मैं उनके खण्डहरों को सुधारूंगा;
- Psalm 51:18 भजन संहिता 51:18प्रसन्न होकर सिरयोन की भलाई कर, यरूशलेम की शहरपनाह को तू बना,
- Isaiah 46:13 यशायाह 46:13मैं अपनी धार्मिकता को समीप ले आने पर हूं वह दूर नहीं है, और मेरे उद्धार करने में विलम्ब न होगा; मैं सिरयोन का उद्धार करूंगा और इस्राएल को महिमा दूंगा।।
- Psalm 102:16 भजन संहिता 102:16क्योंकि यहोवा ने सिरयोन को फिर बसाया है, और वह अपनी महिमा के साथ दिखाई देता है;
- Obadiah 1:17 ओबद्याह 1:17परन्तु उस समय सिरयोन पर्वत पर बचे हुए लोग रहेंगे, ओर वह पवित्रास्थान ठहरेगा; और याकूब का घराना अपने निज भागों का अधिकारी होगा।
- Psalm 48:11–13 भजन संहिता 48:11–13तेरे न्याय के कामों के कारण सिरयोन पर्वत आनन्द करे, और यहूदा के नगर की पुत्रियां मगन हों! सिरयोन के चारों ओर चलो, और उसकी परिक्रमा करो, उसके गुम्मटों को गिन लो, उसकी शहरपनाह पर दृष्टि लगाओ, उसके महलों को ध्यान से देखो; जिस से कि तुम आनेवाली पीढ़ी के लोगों से इस बात का वर्णन कर सको।
- Revelation 14:1 प्रकाशितवाक्य 14:1फिर मैं ने दृष्टि की, और देखो, वह मेम्ना सिरयोन पहाड़ पर खड़ा है, और उसके साथ एक लाख चौआलीस हजार जन हैं, जिन के माथे पर उसका और उसके पिता का नाम लिखा हुआ है।
- Ezekiel 36:35–36 यहेजकेल 36:35–36और लोग कहा करेंगे, यह देश जो उजाड़ था, सो एदेन की बारी सा हो गया, और जो नगर खण्डहर और उजाड़ हो गए और ढाए गए थे, सो गढ़वाले हुए, और बसाए गए हैं। तब जो जातियां तुम्हारे आस पास बची रहेंगी, सो जान लेंगी कि मुझ यहोवा ने ढाए हुए को फिर बनाया, और उजाड़ में पेड़ रोपे हैं, मुझ यहोवा ने यह कहा, और ऐसा ही करूंगा।
- Psalm 147:12–13 भजन संहिता 147:12–13हे यरूशलेम, यहोवा की प्रशंसा कर! हे सिरयोन, अपने परमेश्वर की स्तुति कर! क्योंकि उस ने तेरे फाटकों के खम्भों को दृढ़ किया है; और तेरे लड़के बालों को आशीष दी है।
- Isaiah 14:32 यशायाह 14:32तब अन्यजातियों के दूतों को क्या उत्तर दिया जाएगा? यह कि यहोवा ने सिरयोन की नेव डाली है, और उसकी प्रजा के दीन लोग उस में शरण लेंगे।।
- Psalm 102:13 भजन संहिता 102:13तू उठकर सिरयोन पर दया करेगा; क्योंकि उस पर अनुग्रह करने का ठहराया हुअ समय आ पहुंचा है।
- Jeremiah 33:10–11 यिर्मयाह 33:10–11यहोवा यों कहता है, यह स्थान जिसके विषय तुम लोग कहते हो कि यह तो उजाड़ हो गया है, इस में न तो मनुष्य रह गया है और न पशु, अर्थात यहूदा देश के नगर और यरूशलेम की सड़कें जो ऐसी सुनसान पड़ी हैं कि उन में न तो कोई मनुष्य रहता है और न कोई पशु, इन्हीं में हर्ष और आनन्द का शब्द, दुल्हे-दुल्हिन का शब्द, और इस बात के कहने वालों का शब्द फिर सुनाईं पड़ेगा कि सेनाओं के यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि यहोवा भला है, और उसकी करुणा सदा की है। और यहोवा के भवन में धन्यवादबलि लाने वालों का भी शब्द सुनाईं देगा; क्योंकि मैं इस देश की दशा पहिले की नाईं ज्यों की त्यों कर दूंगा, यहोवा का यही वचन है।