Psalms · chapter 69 · verse 34
Psalm 69:34 in Hindi
स्वर्ग और पृथ्वी उसकी स्तुति करें, और समुद्र अपने सब जीव जन्तुओं समेत उसकी स्तुति करे।
Svarg aur pruthvee usakee stuti karem, aur samudr apane sab jeev jantuom samet usakee stuti kare.
Psalm 69:34 in English
- King James Version (KJV)
- Let the heaven and earth praise him, the seas, and every thing that moveth therein.
- World English Bible (WEB)
- Let heaven and earth praise him; the seas, and everything that moves therein!
- American Standard Version (ASV)
- Let heaven and earth praise him, The seas, and everything that moveth therein.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let the heavens and the earth give praise to him, the seas, and everything moving in them.
- Darby Translation (DBY)
- Let heavens and earth praise him; the seas, and everything that moveth therein.
- Webster's Bible (WBS)
- Let the heaven and earth praise him, the seas, and every thing that moveth therein.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The heavens and earth do praise Him, Seas, and every moving thing in them.
Read in context
- 32नम्र लोग इसे देखकर आनन्दित होंगे, हे परमेश्वर के खोजियों तुम्हारा मन हरा हो जाए।
- 33क्योंकि यहोवा दरिद्रों की ओर कान लगाता है, और अपने लोगों को जो बन्धुए हैं तुच्छ नही जानता।।
- 34स्वर्ग और पृथ्वी उसकी स्तुति करें, और समुद्र अपने सब जीव जन्तुओं समेत उसकी स्तुति करे।
- 35क्योंकि परमेश्वर सिरयोन का उद्धार करेगा, और यहूदा के नगरों को फिर बसाएगा; और लोग फिर वहां बसकर उसके अधिकारी हो जाएंगे।
- 36उसके दासों को वंश उसको अपने भाग में पाएगा, और उसके नाम के प्रेमी उस में वास करेंगे।।
Cross references
- Isaiah 49:13 यशायाह 49:13हे आकाश, जयजयकार कर, हे पृथ्वी, मगन हो; हे पहाड़ों, गला खोलकर जयजयकार करो! क्योंकि यहोवा ने अपनी प्रजा को शान्ति दी है और अपने दीन लोगों पर दया की है।।
- Psalm 150:6 भजन संहिता 150:6जिते प्राणी हैं सब के सब याह की स्तुति करें! याह की स्तुति करो!
- Psalm 96:11 भजन संहिता 96:11आकाश आनन्द करे, और पृथ्वी मगन हो; समुद्र और उस में की सब वस्तुएं गरज उठें;
- Isaiah 55:12 यशायाह 55:12क्योंकि तुम आनन्द के साथ निकलोगे, और शान्ति के साथ पहुंचाए जाओगे; तुम्हारे आगे आगे पहाड़ और पहाड़ियां गला खोलकर जयजयकार करेंगी, और मैदान के सब वृक्ष आनन्द के मारे ताली बजाएंगे।
- Psalm 148:1–14 भजन संहिता 148:1–14याह की स्तुति करो! यहोवा की स्तुति स्वर्ग में से करो, उसकी स्तुति ऊंचे स्थानों में करो! हे उसके सब दूतों, उसकी स्तुति करो: हे उसकी सब सेना उसकी स्तुति कर! हे सूर्य और चन्द्रमा उसकी स्तुति करो, हे सब ज्योतिमय तारागण उसकी स्तुति करो! हे सब से ऊंचे आकाश, और हे आकाश के ऊपरवाले जल, तुम दोनों उसकी स्तुति करो। वे यहोवा के नाम की स्तुति करें, क्योंकि उसी ने आज्ञा दी और ये सिरजे गए। और उस ने उनको सदा सर्वदा के लिये स्थिर किया है; और ऐसी विधि ठहराई है, जो टलने की नहीं।। पृथ्वी में से यहोवा की स्तुति करो, हे मगरमच्छों और गहिरे सागर, हे अग्नि और ओलो, हे हिम और कुहरे, हे उसका वचन माननेवाली प्रचण्ड बयार! हे पहाड़ों और सब टीलो, हे फलदाई वृक्षों और सब देवदारों! हे वन- पशुओं और सब घरैलू पशुओं, हे रेंगनेवाले जन्तुओं और हे पक्षियों! हे पृथ्वी के राजाओं, और राज्य राज्य के सब लोगों, हे हाकिमों और पृथ्वी के सब न्यायियों! हे जवनों और कुमारियों, हे पुरनियों और बालकों! यहोवा के नाम की स्तुति करो, क्योंकि केवल उसकी का नाम महान है; उसका ऐश्वर्य पृथ्वी और आकाश के ऊपर है। और उस ने अपनी प्रजा के लिये एक सींग ऊंचा किया है; यह उसके सब भक्तों के लिये अर्थात् इस्राएलियों के लिये और उसके समीप रहनेवाली प्रजा के लिये स्तुति करने का विषय है। याह की स्तुति करो।
- Isaiah 44:22–23 यशायाह 44:22–23मैं ने तेरे अपराधों को काली घटा के समान और तेरे पापों को बादल के समान मिटा दिया है; मेरी ओर फिर लौट आ, क्योंकि मैं ने तुझे छुड़ा लिया है।। हे आकाश, ऊंचे स्वर से गा, क्योंकि यहोवा ने यह काम किया है; हे पृथ्वी के गहिरे स्थानों, जयजयकार करो; हे पहाड़ों, हे वन, हे वन के सब वृक्षों, गला खोलकर ऊंचे स्वर से गाओ! क्योंकि यहोवा ने याकूब को छुड़ा लिया है और इस्राएल में महिमावान होगा।।
- Psalm 98:7–8 भजन संहिता 98:7–8समुद्र औश्र उस में की सब वस्तुएं गरज उठें; जगत और उसके निवासी महाशब्द करें! नदियां तालियां बजाएं; पहाड़ मिलकर जयजयकार करें।
- Revelation 7:11–13 प्रकाशितवाक्य 7:11–13और सारे स्वर्गदूत, उस सिंहासन और प्राचीनों और चारों प्राणियों के चारों ओर खड़े हैं, फिर वे सिंहासन के साम्हने मुंह के बल गिर पड़े; और परमेश्वर को दण्डवत् करके कहा, आमीन। हमारे परमेश्वर की स्तुति, ओर महिमा, और ज्ञान, और धन्यवाद, और आदर, और सामर्थ, और शक्ति युगानुयुग बनी रहें। आमीन। इस पर प्राचीनों में से एक ने मुझ से कहा; ये श्वेत वस्त्रा पहिने हुए कौन हैं? और कहां से आए हैं?
- Genesis 1:20 उत्पत्ति 1:20फिर परमेश्वर ने कहा, जल जीवित प्राणियों से बहुत ही भर जाए, और पक्षी पृथ्वी के ऊपर आकाश कें अन्तर में उड़ें।