Psalms · chapter 74 · verse 17
Psalm 74:17 in Hindi
तू ने तो पृथ्वी के सब सिवानों को ठहराया; धूपकाल और जाड़ा दोनों तू ने ठहराए हैं।।
Too ne to pruthvee ke sab sivaanom ko thaharaayaa; dhoopakaal aur jaadaa donom too ne thaharaae hain..
Psalm 74:17 in English
- King James Version (KJV)
- Thou hast set all the borders of the earth: thou hast made summer and winter.
- World English Bible (WEB)
- You have set all the boundaries of the earth. You have made summer and winter.
- American Standard Version (ASV)
- Thou hast set all the borders of the earth: Thou hast made summer and winter.
- Bible in Basic English (BBE)
- By you all the limits of the earth were fixed; you have made summer and winter.
- Darby Translation (DBY)
- Thou hast set all the borders of the earth; summer and winter — thou didst form them.
- Webster's Bible (WBS)
- Thou hast set all the borders of the earth: thou hast made summer and winter.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Thou hast set up all the borders of earth, Summer and winter Thou hast formed them.
Read in context
- 15तू ने तो सोता खोलकर जल की धारा बहाई, तू ने तो बारहमासी नदियों को सुखा डाला।
- 16दिन तेरा है रात भी तेरी है; सूर्य और चन्द्रमा को तू ने स्थिर किया है।
- 17तू ने तो पृथ्वी के सब सिवानों को ठहराया; धूपकाल और जाड़ा दोनों तू ने ठहराए हैं।।
- 18हे यहोवा स्मरण कर, कि शत्रु ने नामधराई ही है, और मूढ़ लोगों ने तेरे नाम की निन्दा की है।
- 19अपनी पिण्डुकी के प्राण को वनपशु के वश में न कर; अपने दी जनों को सदा के लिये न भूल
Cross references
- Deuteronomy 32:8 व्यवस्थाविवरण 32:8जब परमप्रधान ने एक एक जाति को निज निज भाग बांट दिया, और आदमियों को अलग अलग बसाया, तब उस ने देश देश के लोगों के सिवाने इस्राएलियों की गिनती के अनुसार ठहराए।।
- Acts 17:26 प्रेरितों के काम 17:26उस ने एक ही मूल से मनुष्यों की सब जातियां सारी पृथ्वी पर रहने के लिये बनाई हैं; और उन के ठहराए हुए समय, और निवास के सिवानों को इसलिये बान्धा है।
- Acts 14:17 प्रेरितों के काम 14:17तौभी उस ने अपने आप को बे- गवाह न छोड़ा; किन्तु वह भलाई करता रहा, और आकाश से वर्षा और फलवन्त ऋतु देकर, तुम्हारे मन को भोजन और आनन्द से भरता रहा।
- Genesis 8:22 उत्पत्ति 8:22अब से जब तक पृथ्वी बनी रहेगी, तब तक बोने और काटने के समय, ठण्ड और तपन, धूपकाल और शीतकाल, दिन और रात, निरन्तर होते चले जाएंगे।।
- Psalm 24:1–2 भजन संहिता 24:1–2पृथ्वी और जो कुछ उस में है यहोवा ही का है; जगत और उस में निवास करनेवाले भी। क्योंकि उसी ने उसकी नींव समुद्रों के ऊपर दृढ़ करके रखी, और महानदों के ऊपर स्थिर किया है।।