Psalms · chapter 82 · verse 4
Psalm 82:4 in Hindi
कंगाल और निर्धन को बचा लो; दुष्टों के हाथ से उन्हें छुड़ाओ।।
Kangaal aur nirdhan ko bachaa lo; dushtom ke haath se unhem chhudaao..
Psalm 82:4 in English
- King James Version (KJV)
- Deliver the poor and needy: rid [them] out of the hand of the wicked.
- World English Bible (WEB)
- Rescue the weak and needy. Deliver them out of the hand of the wicked.”
- American Standard Version (ASV)
- Rescue the poor and needy: Deliver them out of the hand of the wicked.
- Bible in Basic English (BBE)
- Be the saviour of the poor and those who have nothing: take them out of the hand of the evil-doers.
- Darby Translation (DBY)
- Rescue the poor and needy, deliver them out of the hand of the wicked.
- Webster's Bible (WBS)
- Deliver the poor and needy: deliver [them] from the hand of the wicked.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Let the weak and needy escape, From the hand of the wicked deliver them.
Read in context
- 2तुम लोग कब तक टेढ़ा न्याय करते और दुष्टों का पक्ष लेते रहोगे?
- 3कंगाल और अनाथों का न्याय चुकाओ, दीन दरिद्र का विचार धर्म से करो।
- 4कंगाल और निर्धन को बचा लो; दुष्टों के हाथ से उन्हें छुड़ाओ।।
- 5वे न तो कुछ समझते और न कुछ बूझते हैं, परन्तु अन्धेरे में चलते फिरते रहते हैं; पृथ्वी की पूरी नीव हिल जाती है।।
- 6मैं ने कहा था कि तुम ईश्वर हो, और सब के सब परमप्रधान के पुत्रा हो;
Cross references
- Proverbs 24:11–12 नीतिवचन 24:11–12जो मार डाले जाने के लिये घसीटे जाते हैं उनको छुड़ा; और जो घात किए जाने को हैं उन्हें मत पकड़ा। यदि तू कहे, कि देख मैं इसको जानता न था, तो क्या मन का जांचनेवाला इसे नहीं समझता? और क्या तेरे प्राणों का रक्षक इसे नहीं जानता? और क्या वह हर एक मनुष्य के काम का फल उसे न देगा?
- Job 5:15–16 अय्यूब 5:15–16परन्तु वह दरिद्रों को उनके वचनरूपी तलवार से और बलवानों के हाथ से बचाता है। इसलिये कंगालों को आशा होती है, और कुटिल मनुष्यों का मुंह बन्द हो जाता है।
- Job 29:12 अय्यूब 29:12क्योंकि मैं दोहाई देनेवाले दीन जन को, और असहाय अनाथ को भी छुड़ाता था।
- Psalm 140:12 भजन संहिता 140:12हे यहोवा, मुझे निश्चय है कि तू दीन जन का और दरिद्रों का न्याय चुकाएगा।
- Psalm 72:12–14 भजन संहिता 72:12–14क्योंकि वह दोहाई देनेवाले दरिद्र को, और दु:खी और असहाय मनुष्य का उद्धार करेगा। वह कंगाल और दरिद्र पर तरस खाएगा, और दरिद्रों के प्राणो को बचाएगा। वह उनके प्राणों को अन्धेर और उपद्रव से छुड़ा लेगा; और उनका लोहू उसकी दृष्टि में अनमोल ठहरेगा।।
- Job 29:16–17 अय्यूब 29:16–17दरिद्र लोगों का मैं पिता ठहरता था, और जो मेरी पहिचान का न था उसके मुक़ मे का हाल मैं पूछताछ करके जान लेता था। मैं कुटिल मनुष्यों की डाढ़ें तोड़ डालता, और उनका शिकार उनके मुंह से छीनकर बचा लेता था।
- Nehemiah 5:1–13 नहेमायाह 5:1–13तब लोग और उनकी स्त्रियों की ओर से उनके भाई यहूदियों के किरूठ्ठ बड़ी चिल्लाहट मची। कितने तो कहते थे, हम अपने बेटे- बेटियों समेत बहुत प्राणी हैं, इसलिये हमें अन्न मिलना चाहिये कि उसे खाकर जीवित रहें। और कितने कहते थे, कि हम अपने अपने खेतों, दाख की बारियों और घरों को महंगी के कारण बन्धक रखते हैं, कि हमें अन्न मिले। फिर कितने यह कहते थे, कि हम ने राजा के कर के लिये अपने अपने खेतों और दाख की बारियों पर रूपया उधार लिया। परन्तु हमारा और हमारे भाइयों का शरीर और हमारे और उनके लड़केबाले एक ही समान हैं, तौभी हम अपने बेटे- बेटियों को दास बनाते हैं; वरन हमारी कोई कोई बेटी दासी भी हो चुकी हैं; और हमारा कुछ बस नहीं जलता, क्योंकि हमारे खेत और दाख की बारियां औरों के हाथ पड़ी हैं। यह चिल्लाहट ओर ये बातें सुनकर मैं बहुत क्रोधित हुआ। तब अपने मन में सोच विचार करके मैं ने रईसों और हाकिमों को घुड़ककर कहा, तुम अपने अपने भाई से ब्याज लेते हो। तब मैं ने उनके विरूद्ध एक बड़ी सभा की। और मैं ने उन से कहा, हम लोगों ने तो अपनी शक्ति भर अपने यहूदी भाइयों को जो अन्यजातियों के हाथ बिक गए थे, दाम देकर छुड़ाया है, फिर क्या तुम अपने भाइयों को बेचोगे? क्या वे हमारे हाथ बिकेंगे? तब वे चुप रहे और कुछ न कह सके। फिर मैं कहता गया, जो काम तुम करते हो वह अच्छा नहीं है; क्या तुम को इस कारण हमारे परमेश्वर का भय मानकर चलना न चाहिये कि हमारे शत्रु जो अन्यजाति हैं, वे हमारी नामधराई न करें? मैं भी और मेरे भाई और सेवक उनको रूपया और अनाज उधार देते हैं, परन्तु हम इसका ब्याज छोड़ दें। आज ही अनको उनके खेत, और दाख, और जलपाई की बारियां, और घर फेर दो; और जो रूपया, अन्न, नया दाखमधु, और टटका तेल तुम उन से ले लेते हो, उसका सौवां भाग फेर दो? अन्हों ने कहा, हम उन्हें फेर देंगे, और उन से कुछ न लेंगे; जैसा तू कहता है, वैसा ही हम करेंगे। तब मैं ने याजकों को बुलाकर उन लोगों को यह शपथ खिलाई, कि वे इसी वचन के अनुसार करेंगे। फिर मैं ने अपने कपड़े की छोर झाड़कर कहा, इसी रीति से जो कोई इस वचन को पूरा न करे, उसको परमेश्वर झाड़कर, उसका घर और कमाई उस से छुड़ाए, और इसी रीति से वह झाड़ा जाए, और छूछा हो जाए। तब सारी सभा ने कहा, आमेन! और यहोवा की स्तुति की। और लोगों ने इस वचन के अनुसार काम किया।