Psalms · chapter 89 · verse 47
Psalm 89:47 in Hindi
मेरा स्मरण कर, कि मैं कैसा अनित्य हूं, तू ने सब मनुष्यों को क्यों व्यर्थ सिरजा है?
Meraa smaran kar, ki maim kaisaa anity hoom, too ne sab manushyom ko kyom vyarth sirajaa hai?
Psalm 89:47 in English
- King James Version (KJV)
- Remember how short my time is: wherefore hast thou made all men in vain?
- World English Bible (WEB)
- Remember how short my time is, for what vanity you have created all the children of men!
- American Standard Version (ASV)
- Oh remember how short my time is: For what vanity hast thou created all the children of men!
- Bible in Basic English (BBE)
- See how short my time is; why have you made all men for no purpose?
- Darby Translation (DBY)
- Remember, as regards me, what life is. Wherefore hast thou created all the children of men to be vanity?
- Webster's Bible (WBS)
- Remember how short my time is: why hast thou made all men in vain?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Remember, I pray Thee, what [is] life-time? Wherefore in vain hast Thou created All the sons of men?
Read in context
- 45तू ने उसकी जवानी को घटाया, और उसको लज्जा से ढांप दिया है।।
- 46हे यहोवा तू कब तक लगातार मूंह फेरे रहेगा, तेरी जलजलाहट कब तक आग की नाईं भड़की रहेगी।।
- 47मेरा स्मरण कर, कि मैं कैसा अनित्य हूं, तू ने सब मनुष्यों को क्यों व्यर्थ सिरजा है?
- 48कौन पुरूष सदा अमर रहेगा? क्या कोई अपने प्राण को अधोलोक से बचा सकता है?
- 49हे प्रभु तेरी प्राचीनकाल की करूणा कहां रही, जिसके विषय में तू ने अपनी सच्चाई की शपथ दाऊद से खाई थी?
Cross references
- Job 14:1 अय्यूब 14:1मनुष्य जो स्त्री से उत्मन्न होता है, वह थेड़े दिनों का और दुख से भरा रहता है।
- Job 7:7 अय्यूब 7:7याद कर कि मेरा जीवन वायु ही है; और मैं अपनी आंखों से कल्याण फिर न देखूंगा।
- Job 10:9 अय्यूब 10:9स्मरण कर, कि तू ने मुझ को गून्धी हुई मिट्टी की नाई बनाया, क्या तू मुझे फिर धूल में मिलाएगा?
- James 4:14 याकूब 4:14और यह नहीं जानते कि कल क्या होगा: सुन तो लो, तुम्हारा जीवन है ही क्या? तुम तो मानो भाप समान हो, जो थोड़ी देर दिखाई देती है, फिर लोप हो जाती है।
- Psalm 144:4 भजन संहिता 144:4मनुष्य तो सांस के समान है; उसके दिन ढलती हुई छाया के समान हैं।।
- Job 9:25–26 अय्यूब 9:25–26मेरे दिन हरकारे से भी अधिक वेग से चले जाते हैं; वे भागे जाते हैं और उनको कल्याण कुछ भी दिखाई नहीं देता। वे वेग चाल से नावों की नाई चले जाते हैं, वा अहेर पर झपटते हुए उक़ाब की नाई।
- Psalm 119:84 भजन संहिता 119:84तेरे दास के कितने दिन रह गए हैं? तू मेरे पीछे पड़े हुओं को दण्ड कब देगा?
- Psalm 39:5–6 भजन संहिता 39:5–6देख, तू ने मेरे आयु बालिश्त भर की रखी है, और मेरी अवस्था तेरी दृष्टि में कुछ है ही नहीं। सचमुच सब मनुष्य कैसे ही स्थिर क्यों न हों तौभी व्यर्थ ठहरे हैं। सचमुच मनुष्य छाया सा चलता फिरता है; सचमुच वे व्यर्थ घबराते हैं; वह धन का संचय तो करता है परन्तु नहीं जानता कि उसे कौन लेगा!