Psalms · chapter 119 · verse 84
Psalm 119:84 in Hindi
तेरे दास के कितने दिन रह गए हैं? तू मेरे पीछे पड़े हुओं को दण्ड कब देगा?
Tere daas ke kitane din rah gae haim? Too mere peechhe pade huom ko dand kab degaa?
Psalm 119:84 in English
- King James Version (KJV)
- How many [are] the days of thy servant? when wilt thou execute judgment on them that persecute me?
- World English Bible (WEB)
- How many are the days of your servant? When will you execute judgment on those who persecute me?
- American Standard Version (ASV)
- How many are the days of thy servant? When wilt thou execute judgment on them that persecute me?
- Bible in Basic English (BBE)
- How short is the life of your servant! when will you give your decision against those who are attacking me?
- Darby Translation (DBY)
- How many shall be the days of thy servant? when wilt thou execute judgment on them that persecute me?
- Webster's Bible (WBS)
- How many [are] the days of thy servant? when wilt thou execute judgment on them that persecute me?
- Young's Literal Translation (YLT)
- How many [are] the days of Thy servant? When dost Thou execute Against my pursuers judgment?
Read in context
- 82मेरी आंखें तेरे वचन के पूरे होने की बाट जोहते जोहते रह गईं है; और मैं कहता हूं कि तू मुझे कब शान्ति देगा?
- 83क्योंकि मैं धूएं में की कुप्पी के समान हो गया हूं, तौभी तेरी विधियों को नहीं भूला।
- 84तेरे दास के कितने दिन रह गए हैं? तू मेरे पीछे पड़े हुओं को दण्ड कब देगा?
- 85अभिमानी जो तरी व्यवस्था के अनुसार नहीं चलते, उन्हों ने मेरे लिये गड़हे खोदे हैं।
- 86तेरी सब आज्ञाएं विश्वासयोग्य हैं; वे लोग झूठ बोलते हुए मेरे पीछे पड़े हैं; तू मेरी सहायता कर!
Cross references
- Psalm 90:12 भजन संहिता 90:12हम को अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएं।।
- Revelation 6:10–11 प्रकाशितवाक्य 6:10–11और उन्हों ने बड़े शब्द से पुकार कर कहा; हे स्वामी, हे पवित्रा, और सत्य; तू कब तक न्याय न करेगा? और पृथ्वी के रहनेवालों से हमारे लोहू का पलटा कब तक न लेगा? और उन में से हर एक को श्वेत वस्त्रा दिया गया, और उन से कहा गया, कि और थोड़ी देर तक विश्राम करो, जब तक कि तुम्हारे संगी दास, और भाई, जो तुम्हारी नाई वध होनेवाले हैं, उन की भी गिनती पूरी न हो ले।।
- Psalm 39:4–5 भजन संहिता 39:4–5हे यहोवा ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालुम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिस से मैं जान लूं कि कैसा अनित्य हूं! देख, तू ने मेरे आयु बालिश्त भर की रखी है, और मेरी अवस्था तेरी दृष्टि में कुछ है ही नहीं। सचमुच सब मनुष्य कैसे ही स्थिर क्यों न हों तौभी व्यर्थ ठहरे हैं।
- Psalm 7:6 भजन संहिता 7:6हे यहोवा क्रोध करके उठ; मेरे क्रोधभरे सतानेवाले के विरूद्ध तू खड़ा हो जा; मेरे लिये जाग! तू ने न्याय की आज्ञा तो दे दी है।
- Psalm 89:47–48 भजन संहिता 89:47–48मेरा स्मरण कर, कि मैं कैसा अनित्य हूं, तू ने सब मनुष्यों को क्यों व्यर्थ सिरजा है? कौन पुरूष सदा अमर रहेगा? क्या कोई अपने प्राण को अधोलोक से बचा सकता है?
- Job 7:6–8 अय्यूब 7:6–8मेरे दिन जुलाहे की धड़की से अधिक फुत से चलनेवाले हैं और निराशा में बीते जाते हैं। याद कर कि मेरा जीवन वायु ही है; और मैं अपनी आंखों से कल्याण फिर न देखूंगा। जो मुझे अब देखता है उसे मैं फिर दिखाई न दूंगा; तेरी आंखें मेरी ओर होंगी परन्तु मैं न मिलूंगा।