Revelation · chapter 18 · verse 7
Revelation 18:7 in Hindi
जितनी उस ने अपनी बड़ाई की और सुख- विलास किया; उतनी उस को पीड़ा, और शोक दो; क्योंकि वह अपने मन में कहती है, मैं रानी हो बैठी हूं, विधवा नहीं; और शोक में कभी न पडूंगी।
Jitanee us ne apanee badaaee kee aur sukha- vilaas kiyaa; utanee us ko peedaa, aur shok do; kyonki vah apane man mem kahatee hai, maim raanee ho baithee hoom, vidhavaa naheem; aur shok mem kabhee na padoongee.
Revelation 18:7 in English
- King James Version (KJV)
- How much she hath glorified herself, and lived deliciously, so much torment and sorrow give her: for she saith in her heart, I sit a queen, and am no widow, and shall see no sorrow.
- World English Bible (WEB)
- However much she glorified herself and grew wanton, so much give her of torment and mourning. For she says in her heart, ‘I sit a queen, and am no widow, and will in no way see mourning.’
- American Standard Version (ASV)
- How much soever she glorified herself, and waxed wanton, so much give her of torment and mourning: for she saith in her heart, I sit a queen, and am no widow, and shall in no wise see mourning.
- Bible in Basic English (BBE)
- As she gave glory to herself, and became more evil in her ways, in the same measure give her pain and weeping: for she says in her heart, I am seated here a queen, and am no widow, and will in no way see sorrow.
- Darby Translation (DBY)
- So much as she has glorified herself and lived luxuriously, so much torment and grief give to her. Because she says in her heart, I sit a queen, and I am not a widow; and I shall in no wise see grief:
- Webster's Bible (WBS)
- How much she hath glorified herself, and lived deliciously, so much torment and sorrow give her: for she saith in her heart, I sit a queen, and am no widow, and shall see no sorrow.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'As much as she did glorify herself and did revel, so much torment and sorrow give to her, because in her heart she saith, I sit a queen, and a widow I am not, and sorrow I shall not see;
Read in context
- 5क्योंकि उसके पाप स्वर्ग तक पहुंच गए हैं, और उसके अधर्म परमेश्वर को स्मरण आए हैं।
- 6जैसा उस ने तुम्हें दिया है, वैसा ही उस को भर दो, और उसके कामों के अनुसार उसे दो गुणा बदला दो, जिस कटोरे में उस ने भर दिया था उसी में उसके लिये दो गुणा भर दो।
- 7जितनी उस ने अपनी बड़ाई की और सुख- विलास किया; उतनी उस को पीड़ा, और शोक दो; क्योंकि वह अपने मन में कहती है, मैं रानी हो बैठी हूं, विधवा नहीं; और शोक में कभी न पडूंगी।
- 8इस कारण एक ही दिन में उस पर विपत्तियां आ पड़ेंगी, अर्थात् मृत्यु, और शोक, और अकाल; और वह आग में भस्म कर दी जाएगी, क्योंकि उसका न्यायी प्रभु परमेश्वर शक्तिमान है।
- 9और पृथ्वी के राजा जिन्हों ने उसके साथ व्यभिचार, और सुख- विलास किया, जब उसके जलने का धुआं देखेंगे, तो उसके लिये रोएंगे, और छाती पीटेंगे।
Cross references
- Isaiah 47:7–9 यशायाह 47:7–9तू ने कहा, मैं सर्वदा स्वामिन बनी रहूंगी, सो तू ने अपने मन में इन बातों पर विचार न किया और यह भी न सोचा कि उनका क्या फल होगा।। इसलिये सुन, तू जो राग- रंग में उलझी हुई निडर बैठी रहती है और मन में कहती है कि मैं ही हूं, और मुझे छोड़ कोई दूसरा नहीं; मैं विधवा की नाईं न बैठूंगी और न मेरे लड़केबोल मिटेंगे। सुन, ये दोनों दु:ख अर्थात् लड़कों का जाता रहता और विधवा हो जाना, अचानक एक ही दिन तुझ पर आ पडेंगे। तेरे बहुत से टोनों और तेरे भारी भारी तन्त्रा- मन्त्रों के रहते भी ये तुझ पर अपने पूरे बल से आ पड़ेंगे।।
- Zephaniah 2:15 सपन्याह 2:15यह वही नगरी है, जो मगन रहती और निडर बैठी रहती थी, औश्र सोचती थी कि मैं ही हूं, और मुझे छोड़ कोई है ही नहीं। परन्तु अब यह उजाड़ और वनपशुओं के बैठने का स्थान बन गया है, यहां तक कि जो कोई इसके पास होकर चले, वह ताली बजाएगा और हाथ हिलाएगा।
- Lamentations 1:1 विलापगीत 1:1जो नगरी लोगों से भरपूर थी वह अब कैसी अकेली बैठी हुई है! वह क्यों एक विधवा के समान बन गई? वह जो जातियों की दृष्टि में महान और प्रान्तों में रानी थी, अब क्यों कर देने वाली हो गई है।
- Ezekiel 28:2–10 यहेजकेल 28:2–10हे मनुष्य के सन्तान, सोर के प्रधान से कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता है कि तू ने मन में फूलकर यह कहा है, मैं ईश्वर हूँ, मैं समुद्र के बीच परमेश्वर के आसन पर बैठा हूँ, परन्तु, यद्यपि तू अपने आपको परमेश्वर सा दिखाता है, तौभी तू ईश्वर नहीं, मनुष्य ही है। तू दानिरयेल से अधिक बुद्धिमान तो है; कोई भेद तुझ से छिपा न होगा; तू ने अपनी बुद्धि और समझ के द्वारा धन प्राप्त किया, और अपने भण्डारों में सोना- चान्दी रखा है; तू ने बड़ी बुद्धि से लेन- देन किया जिस से तेरा धन बढ़ा, और धन के कारण तेरा मन फूल उठा है। इस कारण परमेश्वर यहोवा यों कहता है, तू जो अपना मन परमेश्वर सा दिखाता है, इसलिये देख, मैं तुझ पर ऐसे परदेशियों से चढ़ाई कराऊंगा, जो सब जातियों से अधिक बलात्कारी हैं; वे अपनी तलवारें तेरी बुद्धि की शोभा पर चलाएंगे और तेरी चमक- दमक को बिगाड़ेंगे। वे तुझे कबर में उतारेंगे, और तू समुद्र के बीच के मारे हुओं की रीति पर मर जाएगा। तब, क्या तू अपने घात करनेवाले के साम्हने कहता रहेगा कि तू परमेश्वर है? तूू अपने घायल करनेवाले के हाथ में ईश्वर नहीं, मनुष्य ही ठहरेगा। तू परदेशियों के हाथ से खतनाहीन लोगों की नाई मारा जाएगा; क्योंकि मैं ही ने ऐसा कहा है, परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है।
- 2 Thessalonians 2:4–8 2 थिस्सलुनीकियों 2:4–8जो विरोध करता है, और हर एक से जो परमेश्वर, या पूज्य कहलाता है, अपने आप को बड़ा ठहराता है, यहां तक कि वह परमेश्वर के मन्दिर में बैठकर अपने आप को परमेश्वर प्रगट करता है। क्या तुम्हें स्मरण नहीं, कि जब मैं तुम्हारे यहां था, तो तुम से ये बातें कहा करता था? और अब तुम उस वस्तु को जानते हो, जो उसे रोक रही है, कि वह अपने ही समय में प्रगट हो। क्योंकि अधर्म का भेद अब भी कारर्य करता जाता है, पर अभी एक रोकनेवाला है, और जब तक वह दूर न हो जाए, वह रोके रहेगा। तब वह अधर्मी प्रगट होगा, जिसे प्रभु यीशु अपने मुंह को फंूक से मार डालेगा, और अपने आगमन के तेज से भस्म करेगा।
- Jeremiah 13:18 यिर्मयाह 13:18राजा और राजमाता से कह, नीचे बैठ जाओ, क्योंकि तुम्हारे सिरों के शोभायमान मुकुट उतार लिए गए हैं।
- Isaiah 22:12–14 यशायाह 22:12–14उस समय सेनाओं के प्रभु यहोवा ने रोने- पीटने, सिर मुंडाने और टाट पहिनने के लिये कहा था; परन्तु क्या देखा कि हर्ष और आनन्द मनाया जा रहा है, गाय- बैल का घात और भेड़- बकरी का वध किया जा रहा है, मांस खाया और दाखमधु पीया जा रहा है। और कहते हैं, आओ खाएं- पीएं, क्योंकि कल तो हमें मरना है। सेनाओं के यहोवा ने मेरे कान में कहा और अपने मन की बात प्रगट की, निश्चय तुम लोगों के इस अधर्म का कुछ भी प्रायश्चित्त तुम्हारी मृत्यु तक न हो सकेगा, सेनाओं के प्रभु यहोवा का यही कहना है।
- Isaiah 47:1–2 यशायाह 47:1–2हे बाबुल की कुमारी बेटी, उतर आ और धूलि पर बैठ; हे कसदियों की बेटी तू बिना सिंहासन भूमि पर बैठ! क्योंकि तू अब फिर कोमल और सुकुमार न कहलाएगी। चक्की लेकर आटा पीस, अपना घूंघट हटा और घाघरा समेंट ले और उघारी टांगों से नदियों को पार कर।
Original words (Greek)
- much · G3745ὅσος hósos
- glorified · G1392δοξάζω doxázō
- herself · G1438ἑαυτοῦ heautoû
- and · G2532καί kaí
- deliciously · G4763στρηνιάω strēniáō
- much · G5118τοσοῦτος tosoûtos
- torment · G929βασανισμός basanismós
- and · G2532καί kaí
- sorrow · G3997πένθος pénthos
- give · G1325δίδωμι dídōmi
- her · G846αὐτός autós
- for · G3754ὅτι hóti
- saith · G3004λέγω légō
- in · G1722ἐν en
- her · G846αὐτός autós
- heart · G2588καρδία kardía
- sit · G2521κάθημαι káthēmai
- queen · G938βασίλισσα basílissa
- and · G2532καί kaí
- am · G1510εἰμί eimí
- no · G3756οὐ ou
- widow · G5503χήρα chḗra
- and · G2532καί kaí
- see · G1492εἴδω eídō
- no · G3756οὐ ou
- sorrow · G3997πένθος pénthos